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फिजिक्स और मैथ के सवालों में फंसे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Mon, 21 May 2018 12:53 AM IST
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जेईई एडवांस की परीक्षा देकर केंद्र से बाहर निकले अभ्यर्थी।
गोरखपुर। देश के अलग-अलग आईआईटी में दाखिले की संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस का पेपर पिछले साल की अपेक्षा थोड़ा कठिन रहा। वहीं ऑनलाइन परीक्षा से तालमेल बिठाने में भी अभ्यर्थियों को परेशानी उठानी पड़ी। अभ्यर्थियों ने बताया कि पहले पेपर में फिजिक्स और दूसरे पेपर में मैथ के सवालों ने उन्हें काफी परेशान किया। केमिस्ट्री का पेपर पिछली बार की तरह राहत देने वाला रहा।
जेईई एडवांस का पेपर रविवार को ंशहर के सात केंद्रों पर हुआ। दो पालियों में आयोजित परीक्षा के लिए 1364 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। जेईई एडवांस में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को देश के प्रतिष्ठित 23 आईटीआई में दाखिला लेना का मौका मिलेगा। परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि मैथ और फिजिक्स का पेपर कठिन था। मैथ में कैलकुलस, अलजेब्रा और प्रोबेबिलिटी से जुड़े सवाल काफी पेचीदा थे, उन्हें काफी घूमाकर पूछा गया था। इन्हें हल करने में काफी समय बर्बाद हुआ। फिजिक्स में न्यूमैरिकल सेक्शन ने भी टेंशन को बढ़ाया। केमिस्ट्री में आर्गेनिक केमिस्ट्री से सवाल ज्यादा नहीं पूछे गए थे, फिजिकल और जनरल केमिस्ट्री के सवाल आसान थे। ये विषय नंबर स्कोर करने में काफी मददगार साबित होंगे। दोनों पेपर के तीनों सेक्शन 180-180 नंबर के सवाल पूछे गए थे।
जेईई एडवांस का आयोजन पहले ऑफलाइन और ऑनलाइन होता था। यह पहला मौका है जब सिर्फ ऑनलाइन परीक्षा हुई। एडवांस में सफल 18 हजार रैंक तक के विद्यार्थियों को देश की पुरानी, नई आईआईटी के बीटेक, बी.आर्किटेक्चर कोर्स में दाखिला मिल सकता है। जो विद्यार्थी बचेंगे उनका ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन की रैंक बनाई जाएगी। इसके जरिए ट्रिपल आईटी और एनआईटी की सीटें भरी जाती हैं।
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जेईई एडवांस का पेपर रविवार को ंशहर के सात केंद्रों पर हुआ। दो पालियों में आयोजित परीक्षा के लिए 1364 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। जेईई एडवांस में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को देश के प्रतिष्ठित 23 आईटीआई में दाखिला लेना का मौका मिलेगा। परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि मैथ और फिजिक्स का पेपर कठिन था। मैथ में कैलकुलस, अलजेब्रा और प्रोबेबिलिटी से जुड़े सवाल काफी पेचीदा थे, उन्हें काफी घूमाकर पूछा गया था। इन्हें हल करने में काफी समय बर्बाद हुआ। फिजिक्स में न्यूमैरिकल सेक्शन ने भी टेंशन को बढ़ाया। केमिस्ट्री में आर्गेनिक केमिस्ट्री से सवाल ज्यादा नहीं पूछे गए थे, फिजिकल और जनरल केमिस्ट्री के सवाल आसान थे। ये विषय नंबर स्कोर करने में काफी मददगार साबित होंगे। दोनों पेपर के तीनों सेक्शन 180-180 नंबर के सवाल पूछे गए थे।
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जेईई एडवांस का आयोजन पहले ऑफलाइन और ऑनलाइन होता था। यह पहला मौका है जब सिर्फ ऑनलाइन परीक्षा हुई। एडवांस में सफल 18 हजार रैंक तक के विद्यार्थियों को देश की पुरानी, नई आईआईटी के बीटेक, बी.आर्किटेक्चर कोर्स में दाखिला मिल सकता है। जो विद्यार्थी बचेंगे उनका ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन की रैंक बनाई जाएगी। इसके जरिए ट्रिपल आईटी और एनआईटी की सीटें भरी जाती हैं।
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