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एचओडी और एसोसिएट प्रोफेसर को नोटिस, नर्स सस्पेंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sat, 12 May 2018 02:24 AM IST
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प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ने बीआरडी का निरीक्षण किया।
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के दौरे पर पहुंचे प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ने शुक्रवार को एम्स समेत कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की। इसके बाद नेहरू अस्पताल का निरीक्षण किया। इलाज में लापरवाही पर आर्थो सर्जरी विभागाध्यक्ष अशोक यादव, एसोसिएट प्रोफेसर अभिषेक जीना और नेहरू अस्पताल के सीएमएस डॉ. रमाशंकर शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही म हिला सर्जरी वार्ड में मिली गंदगी के चलते एक नर्स को सस्पेंड करने का आदेश दिया। शाम को प्रमुख सचिव ने इंसेफेलाइटिस को लेकर जारी तैयारियों की समीक्षा और फिर विभागाध्यक्षों के साथ बैठक भी की।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा रजनीश दुबे शुक्रवार सुबह 11 बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इसके बाद गन्ना शोध संस्थान की भूमि पर बन रहे एम्स समेत मेडिकल कॉलेज में जारी विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा की। समाज कल्याण निगम, पीडब्ल्यूडी, सीएनडीएस, बिजली, हाइट्स आदि विभिन्न विभागों के अभियंताओं और अफसरों के साथ उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति जानीं। समाज कल्याण निगम की ओर से समीक्षा बैठक में जेई को भेजने पर वह नाराज हुए। एम्स, पांच सौ बेड बालरोग संस्थान, सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नर्सिंग कॉलेज, छात्रावास समेत विभिन्न भवनों के जीर्णोद्धार की समीक्षा के बाद डीजीएमई डॉ. केके गुप्ता और प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार के साथ एनाटमी विभाग में मानव अंगों की प्रदर्शनी को देखने पहुंचे। इस दौरान विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाकर उन्होंने इमरजेंसी का रुख किया। इमरजेंसी, सर्जरी वार्ड, स्त्री एवं प्रसूति विभाग के वार्ड का निरीक्षण कर परिसर में निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति देखी।
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प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा रजनीश दुबे शुक्रवार सुबह 11 बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इसके बाद गन्ना शोध संस्थान की भूमि पर बन रहे एम्स समेत मेडिकल कॉलेज में जारी विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा की। समाज कल्याण निगम, पीडब्ल्यूडी, सीएनडीएस, बिजली, हाइट्स आदि विभिन्न विभागों के अभियंताओं और अफसरों के साथ उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति जानीं। समाज कल्याण निगम की ओर से समीक्षा बैठक में जेई को भेजने पर वह नाराज हुए। एम्स, पांच सौ बेड बालरोग संस्थान, सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नर्सिंग कॉलेज, छात्रावास समेत विभिन्न भवनों के जीर्णोद्धार की समीक्षा के बाद डीजीएमई डॉ. केके गुप्ता और प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार के साथ एनाटमी विभाग में मानव अंगों की प्रदर्शनी को देखने पहुंचे। इस दौरान विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाकर उन्होंने इमरजेंसी का रुख किया। इमरजेंसी, सर्जरी वार्ड, स्त्री एवं प्रसूति विभाग के वार्ड का निरीक्षण कर परिसर में निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति देखी।
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प्रमुुख सचिव हो रहे थे दाखिल, बाहर आ रहा था कुत्ता
प्रमुख सचिव के इमरजेंसी में दाखिल होने के दौरान एक कुत्ता बाहर आ रहा था। इस पर वहां मौजूद गार्डों की धड़कने तेज हो गईं। दो गार्डों ने कुत्ते के पीछे दौड़े और उसे किसी तरह से भगाया। निरीक्षण में प्रमुख सचिव ने वार्ड में लटके तार देखकर जीर्णोद्धार के तहत दीवार के अंदर कराने को कहा। इस पर अफसरों ने बताया कि पुरानी इमरजेंसी का जीर्णोद्धार होना है, इस इमरजेंसी का जीर्णोद्धार प्रस्तावित नहीं है। इस पर प्रमुख सचिव ने पूछा कि वहां कितने बेड हैं? चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके श्रीवास्तव ने वहां सीटी स्कैन, एमआरआई आदि के संचालन की जानकारी देते हुए बेड न होने की जानकारी दी। इस पर प्रमुख सचिव ने कार्यदाई संस्था के अफसर को जीर्णोद्धार के लिए ऐसी जगहों का प्रस्ताव तैयार करने को कहा जहां मरीज भर्ती हों। इस दौरान इमरजेंसी के सभी शौचालय खराब देखकर प्रमुख सचिव ने हैरानी जताई। इंजीनियर को शीघ्र सभी शौचालय दुरुस्त कराने का आदेश दिया। कहा कि जरूरत पड़े तो जलनिगम के अभियंताओं से भी मदद ली जाए।
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