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प्रयाग राज के कुंभ मेले में जाएंगे स्वच्छाग्रही
Updated Sat, 17 Nov 2018 11:45 PM IST
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कुंभ मेले में स्वच्छाग्रही देंगे साफ-सफाई का संदेश
प्रदेश के सभी जिलों से प्रयागराज के कुंभ मेले में जाएंगे 2000 स्वच्छाग्रही
मेले में आने वाले दर्शनार्थियों को सिखाएंगे व्यवहार में परिवर्तन का सलीका
शोभित कुमार पांडेय
पडरौना(कुशीनगर)। प्रयागराज में अगले साल लग रहे कुंभ के दौरान साफ-सफाई में जिले के स्वच्छाग्रही अपनी भूमिका निभाएंगे। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत चयनित स्वच्छाग्रही कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को सफाई के प्रति सचेत करेंगे और व्यवहार परिवर्तन का सलीका सिखाएंगे। प्रदेश के हर जिले से कम से कम 20 और कुल 2000 स्वच्छाग्रही कुंभ में भेजे जाएंगे। इनको प्रतिदिन 500 रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा।
शासन ने कुंभ को अंतरराष्ट्रीय फलक पर ले जाने का निर्णय लिया है। स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत के सपने को साकार करने की मंशा से कुंभ में आने वाले लोगों को सफाई के प्रति जागरूक करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। मिशन निदेशक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण उत्तर प्रदेश लखनऊ आकाश दीपक की ओर से प्रदेश के सभी डीएम को पत्र जारी किया गया है। इसमें हर जिले से कम से कम 20 स्वच्छाग्रहियों का चयन कर सूची मांगी गई है। इसमें 30 प्रतिशत महिलाएं अनिवार्य हैं। स्वच्छाग्रही स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण से संबंधित कार्य में दक्ष और प्रशिक्षित होने के साथ इच्छुक भी होने चाहिए। इनकी तीन महीने के लिए तैनाती की जाएगी। प्रत्येक स्वच्छाग्रही को प्रतिदिन 500 रुपये मानदेय उनके खातों में भेजा जाएगा। यह भुगतान स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत आईईसी मद से किया जाएगा।
डीपीआरओ राघवेंद्र द्विवेदी ने बताया कि कुंभ मेले में प्रदेश के सभी जिलों से 20-20 स्वच्छाग्रही भेजे जाएंगे। जनवरी से मार्च तक स्वच्छाग्रही कुंभ में ही रहेंगे। इसके लिए 20 स्वच्छाग्रही चयनित कर लिए गए है और उन्हें स्वच्छता के प्रचार-प्रसार के लिए तैयार किया जा रहा है। स्कूल, कॉलेज में प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जाएंगी। प्रतियोगिता में प्रथम श्रेष्ठ तीन विजेताओं को जनपद स्तर पर सम्मानित करते हुए उनकी इंट्री राज्य स्वच्छता मिशन को भेजा जाएगा। कुंभ में जाने वाले स्वच्छाग्रहियों के ठहरने, बिस्तर, भोजन, मेडिकल, स्थानीय भ्रमण आदि की व्यवस्था मुहैया कराई जाएगी। स्वच्छाग्रही अपने जिले की विशेषता के साथ सफाई के प्रति सचेत करते हुए लोगों के कार्य व्यवहार में परिवर्तन की सीख देंगे।
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प्रदेश के सभी जिलों से प्रयागराज के कुंभ मेले में जाएंगे 2000 स्वच्छाग्रही
मेले में आने वाले दर्शनार्थियों को सिखाएंगे व्यवहार में परिवर्तन का सलीका
शोभित कुमार पांडेय
पडरौना(कुशीनगर)। प्रयागराज में अगले साल लग रहे कुंभ के दौरान साफ-सफाई में जिले के स्वच्छाग्रही अपनी भूमिका निभाएंगे। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत चयनित स्वच्छाग्रही कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को सफाई के प्रति सचेत करेंगे और व्यवहार परिवर्तन का सलीका सिखाएंगे। प्रदेश के हर जिले से कम से कम 20 और कुल 2000 स्वच्छाग्रही कुंभ में भेजे जाएंगे। इनको प्रतिदिन 500 रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा।
शासन ने कुंभ को अंतरराष्ट्रीय फलक पर ले जाने का निर्णय लिया है। स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत के सपने को साकार करने की मंशा से कुंभ में आने वाले लोगों को सफाई के प्रति जागरूक करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। मिशन निदेशक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण उत्तर प्रदेश लखनऊ आकाश दीपक की ओर से प्रदेश के सभी डीएम को पत्र जारी किया गया है। इसमें हर जिले से कम से कम 20 स्वच्छाग्रहियों का चयन कर सूची मांगी गई है। इसमें 30 प्रतिशत महिलाएं अनिवार्य हैं। स्वच्छाग्रही स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण से संबंधित कार्य में दक्ष और प्रशिक्षित होने के साथ इच्छुक भी होने चाहिए। इनकी तीन महीने के लिए तैनाती की जाएगी। प्रत्येक स्वच्छाग्रही को प्रतिदिन 500 रुपये मानदेय उनके खातों में भेजा जाएगा। यह भुगतान स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत आईईसी मद से किया जाएगा।
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डीपीआरओ राघवेंद्र द्विवेदी ने बताया कि कुंभ मेले में प्रदेश के सभी जिलों से 20-20 स्वच्छाग्रही भेजे जाएंगे। जनवरी से मार्च तक स्वच्छाग्रही कुंभ में ही रहेंगे। इसके लिए 20 स्वच्छाग्रही चयनित कर लिए गए है और उन्हें स्वच्छता के प्रचार-प्रसार के लिए तैयार किया जा रहा है। स्कूल, कॉलेज में प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जाएंगी। प्रतियोगिता में प्रथम श्रेष्ठ तीन विजेताओं को जनपद स्तर पर सम्मानित करते हुए उनकी इंट्री राज्य स्वच्छता मिशन को भेजा जाएगा। कुंभ में जाने वाले स्वच्छाग्रहियों के ठहरने, बिस्तर, भोजन, मेडिकल, स्थानीय भ्रमण आदि की व्यवस्था मुहैया कराई जाएगी। स्वच्छाग्रही अपने जिले की विशेषता के साथ सफाई के प्रति सचेत करते हुए लोगों के कार्य व्यवहार में परिवर्तन की सीख देंगे।
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