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मानबेला : अफसरों के जाते ही किसानों ने उखाड़ फेंका कब्जे का खूंटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Fri, 19 Jan 2018 08:42 PM IST
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जीडीए अफसरों ने पुलिस की मौजूदगी में जमीन की पैमाइश की थी।
- फोटो : Amar Ujala
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राप्ती नगर विस्तार आवासीय योजना के आवंटियों को कब्जा दिलाने के लिए जीडीए ने पैमाइश के बाद जो बांस के खूंटे गाड़े थे, उन्हें किसानों ने उखाड़कर फेंक दिया। किसानों ने पैमाइश के समय ही चेतावनी दी थी कि जीडीए लाठी के दम पर भले ही पैमाइश करा ले लेकिन वह निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। उधर, जीडीए सचिव राम सिंह गौतम का कहना है कि प्राधिकरण ने पहचान के लिए खूंटा लगाने के साथ ही चूना भी डलवाया था जो अभी मौजूद है। जल्द ही कालोनी के विकास के लिए निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही आवंटी भी अपने-अपने प्लाट पर निर्माण शुरू करा सकेंगे। अगर किसी आवंटी को दिक्कत होगी तो दोबारा पैमाइश कराई जाएगी।
आठ साल बाद जीडीए के अफसरों ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में गुरुवार को राप्तीनगर आवासीय योजना के 34 आवंटियों को कब्जा दिलाया। पैमाइश के बाद खूंटा लगाकर संबंधित आवंटियों के प्लाट की चौहद्दी तय की गई। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। जीडीए की टीम और पुलिस के लौटने के बाद रात को किसानों ने सभी खूंटे उखाड़कर फेंक दिए। मानबेला की अधिगृहीत 200 एकड़ में से 57 एकड़ जमीन पर 2009 में राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना शुरू की गई थी, लेकिन मुआवजे का विवाद न सुलझने से किसान जमीन पर कब्जे का विरोध कर रहे हैं।
जीडीए ने 22 और आवंटियों को कब्जा दिलाया
गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने दूसरे दिन शुक्रवार को राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना के 22 और आवंटियों को पैमाइश के बाद कब्जा दिलाया। पहले दिन प्राधिकरण ने 34 आवंटियों को कब्जा दिलाया था। जीडीए सचिव राम सिंह गौतम के मुताबिक रजिस्ट्री करा चुके सभी 392 आवंटियों को कब्जा दिलाया जाएगा। शनिवार को भी प्राधिकरण कब्जा दिलाएगा। दूसरे दिन कब्जा दिलाने पहुंची प्राधिकरण की टीम ने काफी राहत महसूस की। मानबेला किसानों में से कोई भी विरोध करने नहीं पहुंचा। टीम ने बाकायदा कैंप लगाकर पैमाइश कर एक-एक आवंटी को कब्जा दिलाया। इसके बाद सभी 22 आवंटियों को कब्जे से जुड़े प्रपत्र सौंपे गए। उधर, आठ साल तक प्राधिकरण के चक्कर लगाने के बाद अपनी जमीन पर कब्जा मिलने की खुशी आवंटियों के चेहरे पर साफ दिखाई पड़ी। कब्जे का प्रपत्र मिलते ही कुछ महिला आवंटियों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। वहीं आवंटियों ने प्राधिकरण के अफसरों से निर्माण के दौरान भी सुरक्षा मुहैया कराने की अपील की है। इस दौरान एडीएम प्रशासन प्रभुनाथ, जीडीए सचिव राम सिंह गौतम, सिटी मजिस्ट्रेट विवेक श्रीवास्तव, एसपी सिटी गणेश शाहा समेत कई प्रशासनिक , पुलिस और प्राधिकरण के अफसर मौजूद रहे।
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बर्बाद हो गए जीडीए के 10 करोड़
राप्ती नगर विस्तार आवासीय योजना की शुरुआत के दौरान प्राधिकरण ने करीब 10 करोड़ रुपये खर्च कर मिट्टी की भरान के साथ ही खड़ंजा, नाली, बिजली के पोल और पानी की पाइप लाइन बिछाई थी। इसी दौरान मुआवजा बढ़ाने की मांग लेकर मानबेला के किसानों ने विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद काम ठप हो गया। इन आठ सालों में बिजली के पोलों को छोड़कर सब कुछ खराब हो चुका है। प्राधिकरण के मुताबिक अब सड़क की मरम्मत के साथ ही नए सिरे से नाली और पेयजल की पाइपलाइन बिछानी पड़ेगी।
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आठ साल बाद जीडीए के अफसरों ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में गुरुवार को राप्तीनगर आवासीय योजना के 34 आवंटियों को कब्जा दिलाया। पैमाइश के बाद खूंटा लगाकर संबंधित आवंटियों के प्लाट की चौहद्दी तय की गई। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। जीडीए की टीम और पुलिस के लौटने के बाद रात को किसानों ने सभी खूंटे उखाड़कर फेंक दिए। मानबेला की अधिगृहीत 200 एकड़ में से 57 एकड़ जमीन पर 2009 में राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना शुरू की गई थी, लेकिन मुआवजे का विवाद न सुलझने से किसान जमीन पर कब्जे का विरोध कर रहे हैं।
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जीडीए ने 22 और आवंटियों को कब्जा दिलाया
गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने दूसरे दिन शुक्रवार को राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना के 22 और आवंटियों को पैमाइश के बाद कब्जा दिलाया। पहले दिन प्राधिकरण ने 34 आवंटियों को कब्जा दिलाया था। जीडीए सचिव राम सिंह गौतम के मुताबिक रजिस्ट्री करा चुके सभी 392 आवंटियों को कब्जा दिलाया जाएगा। शनिवार को भी प्राधिकरण कब्जा दिलाएगा। दूसरे दिन कब्जा दिलाने पहुंची प्राधिकरण की टीम ने काफी राहत महसूस की। मानबेला किसानों में से कोई भी विरोध करने नहीं पहुंचा। टीम ने बाकायदा कैंप लगाकर पैमाइश कर एक-एक आवंटी को कब्जा दिलाया। इसके बाद सभी 22 आवंटियों को कब्जे से जुड़े प्रपत्र सौंपे गए। उधर, आठ साल तक प्राधिकरण के चक्कर लगाने के बाद अपनी जमीन पर कब्जा मिलने की खुशी आवंटियों के चेहरे पर साफ दिखाई पड़ी। कब्जे का प्रपत्र मिलते ही कुछ महिला आवंटियों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। वहीं आवंटियों ने प्राधिकरण के अफसरों से निर्माण के दौरान भी सुरक्षा मुहैया कराने की अपील की है। इस दौरान एडीएम प्रशासन प्रभुनाथ, जीडीए सचिव राम सिंह गौतम, सिटी मजिस्ट्रेट विवेक श्रीवास्तव, एसपी सिटी गणेश शाहा समेत कई प्रशासनिक , पुलिस और प्राधिकरण के अफसर मौजूद रहे।
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बर्बाद हो गए जीडीए के 10 करोड़
राप्ती नगर विस्तार आवासीय योजना की शुरुआत के दौरान प्राधिकरण ने करीब 10 करोड़ रुपये खर्च कर मिट्टी की भरान के साथ ही खड़ंजा, नाली, बिजली के पोल और पानी की पाइप लाइन बिछाई थी। इसी दौरान मुआवजा बढ़ाने की मांग लेकर मानबेला के किसानों ने विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद काम ठप हो गया। इन आठ सालों में बिजली के पोलों को छोड़कर सब कुछ खराब हो चुका है। प्राधिकरण के मुताबिक अब सड़क की मरम्मत के साथ ही नए सिरे से नाली और पेयजल की पाइपलाइन बिछानी पड़ेगी।