{"_id":"59ee09bc4f1c1bd7538b8c72","slug":"121508772284-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर एनजीटी के आदेश के उल्लंघन का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर एनजीटी के आदेश के उल्लंघन का आरोप
Updated Mon, 23 Oct 2017 08:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर। आमी बचाओ मंच ने आमी नदी के प्रदूषण मामले में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर एनजीटी के आदेशों के उल्लंघन का आरोप लगाया है और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
आमी बचाओ मंच के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने ज्ञापन में कहा है कि सरिया नाले से जाने वाले कचरे को रोकने में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा है और उद्योगों से आमी के प्रदूषित होने के संबंध में शासन व सरकार को लगातार गलत व भ्रामक सूचनाएं दे रहा है। एनजीटी के कड़े रुख के बाद पिछले दिनों सील की गईं औद्योगिक इकाइयों में से छह को बिना सैंपल जांच किए ही फर्जी जांच रिपोर्ट पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी ने खोलने की संस्तुति की है। यही नहीं इन बंद उद्योगों को अगले तीन वर्ष के लिए ग्रांट की संस्तुति भी राज्य मुख्यालय को भेज दिया। इसके अलावा बोर्ड ने एवन कार्ड बोर्ड नामक फैक्ट्री में ईटीपी लगाने के संदर्भ में 17 अक्टूबर को अपने राज्य मुख्यालय को भेजी प्रोग्रेस रिपोर्ट में काम शुरू होना बताया और दो दिन बाद ही 19 अक्टूबर को काम पूरा बताकर उसे चालू करने की संस्तुति मुख्यालय को भेज दी। विश्वविजय ने मुख्यमंत्री के अलावा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव और जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आमी बचाओ मंच के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने ज्ञापन में कहा है कि सरिया नाले से जाने वाले कचरे को रोकने में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा है और उद्योगों से आमी के प्रदूषित होने के संबंध में शासन व सरकार को लगातार गलत व भ्रामक सूचनाएं दे रहा है। एनजीटी के कड़े रुख के बाद पिछले दिनों सील की गईं औद्योगिक इकाइयों में से छह को बिना सैंपल जांच किए ही फर्जी जांच रिपोर्ट पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी ने खोलने की संस्तुति की है। यही नहीं इन बंद उद्योगों को अगले तीन वर्ष के लिए ग्रांट की संस्तुति भी राज्य मुख्यालय को भेज दिया। इसके अलावा बोर्ड ने एवन कार्ड बोर्ड नामक फैक्ट्री में ईटीपी लगाने के संदर्भ में 17 अक्टूबर को अपने राज्य मुख्यालय को भेजी प्रोग्रेस रिपोर्ट में काम शुरू होना बताया और दो दिन बाद ही 19 अक्टूबर को काम पूरा बताकर उसे चालू करने की संस्तुति मुख्यालय को भेज दी। विश्वविजय ने मुख्यमंत्री के अलावा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव और जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन