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परिवार परामर्श की तर्ज पर होगा थाना समाधान दिवस
Updated Sat, 24 Jun 2017 01:59 AM IST
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गोरखपुर।
अब थाना दिवस सिर्फ प्रार्थना पत्रों को एकत्र करने का दिन नहीं होगा बल्कि इस दिन जमीन से जुड़े विवादों का निबटारा भी होगा। अफसरों के यहां आने वाले प्रार्थना पत्रों के आधार पर पुलिस एक सप्ताह पहले ही नोटिस जारी कर दोनों पक्ष को थाने बुलाएगी। पुलिस की मौजूदगी में लेखपाल और कानूनगो ऐसे मामलों का निपटारा करेंगे। जोन के सभी जिलों में यह व्यवस्था एक जुलाई से लागू हो जाएगी। आईजी मोहित अग्रवाल ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
आईजी का कहना है कि पहले परिवार परामर्श दिवस में इसी तरह से काम होता था और उसका रिजल्ट भी आता था। इसी तर्ज पर अब थाना समाधान दिवस आयोजित होगा। अभी तक थाना दिवस पर एक पक्ष पहुंचता है तो दूसरा मौजूद नहीं रहता। ऐसे में लेखपाल और कानूनगो भी कुछ नहीं कर पाते। इसीलिए अब अफसरों के यहां आने वाले प्रार्थना पत्र को पहले ही संबंधित थाने पर भेज दिया जाएगा जिसके आधार पर पुलिस दोनों को पक्ष को नोटिस जारी कर तय दिन पर बुलाएगी। उसी दिन दोनों पक्ष अपने-अपने कागजात प्रस्तुत करेंगे और लेखपाल की मदद से उसका उसी दिन निपटारा कराया जाएगा। इससे लोगों को अफसरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और थाना समाधान दिवस का मूल उद्देश्य भी पूरा होगा। आईजी ने इसका प्रारूप तैयार कर सभी कप्तानों को भेजा है। हर थाने पर इसका अलग से रजिस्टर भी बनाया जाएगा। आाईजी मोहित अग्रवाल ने प्रमुख चौराहों, ब्लॉक, तहसील पर फ्लैक्स लगाने का भी आदेश दिया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसकी जानकारी हो सके।
हर पहले और तीसरे शनिवार को होता है थाना दिवस
थाना दिवस का आयोजन हर महीने के पहले और तीसरे शनिवार को थाने पर होता है, लेकिन किसी भी थाना दिवस पर चार या पांच से ज्यादा मामले नहीं आ पाते और उनका भी उसी दिन समाधान नहीं हो पाता।
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कोट :
जोन में ज्यादातर मामले जमीन से जुड़े विवाद के ही सामने आ रहे हैं। पुलिस इनका समाधान लेखपाल, कानूनगो की मदद के बिना नहीं कर सकती। थाना दिवस पर मौजूद सभी होते हैं लेकिन दोनों पक्ष नहीं रहते। इसी वजह से नोटिस जारी कर दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी समस्या के समाधान का आदेश दिया गया है।
- मोहित अग्रवाल, आईजी
अब थाना दिवस सिर्फ प्रार्थना पत्रों को एकत्र करने का दिन नहीं होगा बल्कि इस दिन जमीन से जुड़े विवादों का निबटारा भी होगा। अफसरों के यहां आने वाले प्रार्थना पत्रों के आधार पर पुलिस एक सप्ताह पहले ही नोटिस जारी कर दोनों पक्ष को थाने बुलाएगी। पुलिस की मौजूदगी में लेखपाल और कानूनगो ऐसे मामलों का निपटारा करेंगे। जोन के सभी जिलों में यह व्यवस्था एक जुलाई से लागू हो जाएगी। आईजी मोहित अग्रवाल ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
आईजी का कहना है कि पहले परिवार परामर्श दिवस में इसी तरह से काम होता था और उसका रिजल्ट भी आता था। इसी तर्ज पर अब थाना समाधान दिवस आयोजित होगा। अभी तक थाना दिवस पर एक पक्ष पहुंचता है तो दूसरा मौजूद नहीं रहता। ऐसे में लेखपाल और कानूनगो भी कुछ नहीं कर पाते। इसीलिए अब अफसरों के यहां आने वाले प्रार्थना पत्र को पहले ही संबंधित थाने पर भेज दिया जाएगा जिसके आधार पर पुलिस दोनों को पक्ष को नोटिस जारी कर तय दिन पर बुलाएगी। उसी दिन दोनों पक्ष अपने-अपने कागजात प्रस्तुत करेंगे और लेखपाल की मदद से उसका उसी दिन निपटारा कराया जाएगा। इससे लोगों को अफसरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और थाना समाधान दिवस का मूल उद्देश्य भी पूरा होगा। आईजी ने इसका प्रारूप तैयार कर सभी कप्तानों को भेजा है। हर थाने पर इसका अलग से रजिस्टर भी बनाया जाएगा। आाईजी मोहित अग्रवाल ने प्रमुख चौराहों, ब्लॉक, तहसील पर फ्लैक्स लगाने का भी आदेश दिया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसकी जानकारी हो सके।
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हर पहले और तीसरे शनिवार को होता है थाना दिवस
थाना दिवस का आयोजन हर महीने के पहले और तीसरे शनिवार को थाने पर होता है, लेकिन किसी भी थाना दिवस पर चार या पांच से ज्यादा मामले नहीं आ पाते और उनका भी उसी दिन समाधान नहीं हो पाता।
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कोट :
जोन में ज्यादातर मामले जमीन से जुड़े विवाद के ही सामने आ रहे हैं। पुलिस इनका समाधान लेखपाल, कानूनगो की मदद के बिना नहीं कर सकती। थाना दिवस पर मौजूद सभी होते हैं लेकिन दोनों पक्ष नहीं रहते। इसी वजह से नोटिस जारी कर दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी समस्या के समाधान का आदेश दिया गया है।
- मोहित अग्रवाल, आईजी