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पहले पेज के लिए - खुदाई में मिली
Updated Mon, 05 Nov 2018 12:13 AM IST
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खोदाई में मिली सबसे बड़ी सूर्य प्रतिमा
1400 साल पुरानी है कुशीनगर के तुर्कपट्टी में मिली चार फीट ऊंची व दो फीट चौड़ी प्रतिमा
रोहित सिंह
गोरखपुर। कुशीनगर के तुर्कपट्टी गांव में बीते दिनों खोदाई के दौरान चौदह सौ साल पुरानी सूर्य प्रतिमा मिली है। हर्षकालीन यह प्रतिमा उत्तर भारत की सबसे बड़ी सूर्य प्रतिमा है जो दो खंड में मिली। पुरातात्विक धरोहरों को सहेजने वाली संस्था इंटेक संरक्षण संस्थान प्रतिमा का रखरखाव कर रही है।
बीते दिनों ग्राम समाज की जमीन पर खोदाई चल रही थी। इसी दौरान लगभग चार फीट ऊंची व दो फीट चौड़ी सूर्य प्रतिमा मिली। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटेक) संरक्षण समिति को दी। संस्था के स्थानीय संयोजक महावीर प्रसाद कंडोई ने गांव पहुंच मूर्ति का निरीक्षण किया। उनका दावा है कि मूर्ति लगभग चौदह सौ साल पुरानी (हर्षकालीन) है। खंडित प्रतिमा को उन्होंने अपनी निगरानी में जुड़वाया। लखनऊ से आई संस्था के विशेषज्ञों की टीम ने भी इसका निरीक्षण किया। कंडोई ने बताया कि प्रतिमा के दोनों खंड को जोड़ने के बाद उसका आकार गांव में पहले से स्थापित सूर्य मंदिर में स्थापित प्रतिमा से बड़ी है। उनका दावा है कि यह प्रतिमा उत्तर भारत की सबसे बड़ी सूर्य प्रतिमा है। अब गांववाले इस प्रतिमा को गांव में ही एक अन्य मंदिर बनाकर उसमें स्थापित करने की योजना बना रहे हैं।
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चमकेगा तुर्कपट्टी का नाम
भारत ही नहीं अपितु पूरे विश्व में सूर्य मंदिर की संख्या बहुत कम है। इनमें कुशीनगर का तुर्क पट्टी भी शामिल था। अब एक गांव में दो मंदिर होने से यहां श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचने की संभावना बढ़ गई है। उत्तर भारत की सबसे बड़ी सूर्य प्रतिमा होने से भी महत्व बढ़ जाता है।
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बदल सकता है गांव का नाम
इंटेक संस्था के संयोजक कंडोई ने आने वाले समय में गांव में दो सूर्य मंदिर होने पर यहां का नाम बदलने का प्रस्ताव गांव वालों के सामने रखा। उनके मुताबिक गांव का नाम सूर्यनगरी छाउं कर दिया जाए। गांववालों को भी प्रस्ताव अच्छा लगा। जल्द ही इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।