फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Woman slips and falls down stairs after being chased by monkeys, dies

Gonda News: बंदरों के दौड़ाने पर सीढि़यों से फिसलकर गिरी महिला, मौत

Mon, 20 Jan 2025 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Mon, 20 Jan 2025 11:58 PM IST
विज्ञापन
Woman slips and falls down stairs after being chased by monkeys, dies
नवाबगंज/टिकरी (गोंडा)।
विज्ञापन

घर की छत पर बंदरों के दौड़ाने से एक महिला बचने को भागी लेकिन संतुलन बिगड़ने से सीढि़यों से फिसलकर गिर गई। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के खड़ौआ लोनियन पुरवा निवासी राघवराम चौहान की पत्नी पदमा देवी (50) रविवार की शाम छत पर फैलाए गए चावल उठाने गईं थी, तभी बंदरों का झुंड छत पर आ धमका। बंदरों ने चावल छीनने के लिए उन पर छलांग लगा दी। बचने के लिए वह नीचे उतरने लगी तभी नियंत्रण खोने से सीढि़यों से फिसल गईं। करीब 10 फीट नीचे गिरने से वहीं पर उनकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक उनका सिर ईंट से भी टकरा गया था।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि चिंतामणि तिवारी ने बताया कि सोमवार सुबह पदमा देवी का अयोध्या में अंतिम संस्कार दिया। परिजनों ने पुलिस को घटना की जानकारी नहीं दी। प्रभारी निरीक्षक निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी नहीं है।
विज्ञापन

परिजनाें का रो-रोकर बुरा हाल
- पति राघवराम शटरिंग का काम करते हैं। वहीं, परिवार में दो बेटे सुरेश व राजन के अलावा दो बेटियां हैं। सभी की शादी हो चुकी है। पदमा की मौत से परिजनाें का रो-रोकर बुरा हाल था। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां पर बंदरों का आतंक अधिक है। कई बार इसको लेकर जिम्मेदारों से शिकायत की गई है लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। सीमावर्ती जिला होने के कारण अयोध्या नगर निगम द्वारा जिले में बंदरों को छोड़ने की आशंका जताई जा रही है लेकिन इस मामले में कोई कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन



रिहायशी इलाके से सरकारी दफ्तरों तक है बंदरों का आतंक
बंदरों का डर रिहायशी इलाकों से लेकर सरकारी दफ्तरों तक है। सोमवार को नवाबगंज थाने परिसर में सैकड़ों की संख्या में बंदर डेरा जमाए रहे। हालांकि प्रभारी निरीक्षक ने वन विभाग से संपर्क कर बंदरों को पकड़वाने के दावे किए। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट में कोषागार के आसपास बंदर लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। फाइल सुरक्षित रखना भी चुनौती रही है। मुख्य कोषाधिकारी श्याम लाल जायसवाल ने बताया कि बंदरों को भगाने के लिए लंगूर के फोटो लगाए गए हैं।
फसलों को हो रहा नुकसान
विश्नोहरपुर (गोंडा)। करीब पांच साल पहले 30-35 बंदरों का झुंड गांवों की तरफ आया था। अब इनकी संख्या 300 से 400 तक के बीच है। नवाबगंज नगर के साथ ही महंगूपुर, लौवावीरपुर, रघुनाथपुर, परसापुर, जैतपुर सहित अन्य गांवों में बंदर गन्ना,मक्का, सब्जियों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। महंगूपुर गांव के पुरुषोत्तम पांडेय ने बताया कि दो वर्ष पहले इसकी शिकायत वन विभाग से की गई, लेकिन उन्होंने संसाधनों का अभाव होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। रामबली पुरवा निवासी दयाशंकर शर्मा ने बताया कि कई बार शिकायत की गई लेकिन, कोई समाधान नहीं हुआ। रघुनाथपुर के फूल सिंह ने बताया कि गन्ने की फसल को बंदर भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

पहले भी हो चुके ही घटनाएं

बीते 11 दिसंबर को इटियाथोक इलाके में रहने वाले महाराजगंज बाजार निवासी अशोक कुमार मौर्य (50) की सीढ़ी से ही फिसलने से मौत हुई। वह भी छत पर बंदरों को भगाने के लिए गए थे कि अचानक बंदर हमलावर हो गए। नवंबर माह में नवाबगंज के कटरा भोपचंद गांव निवासी कर्ताराम यादव की पत्नी राधा देवी (42) छत पर कपड़ा सुखाने गईं थी। बंदरों के हमले के दौरान भागने से उनका दाहिना पैर टूट गया था।

पंचायत व नगर निकायों के पास है पर्याप्त इंतजाम
डीएफओ पंकज शुक्ल ने बताया कि ग्राम पंचायतों के अलावा नगर पंचायत व नगर पालिका के पास बंदरों को पकड़ने के लिए पर्याप्त इंतजाम है। ऐसे में सूचना के आधार पर बंदरों को पकड़कर जंगलों में छोड़ा जा सकता है। वहीं लंगूर की फोटो लगाने से लाल मुंह वाले बंदर नहीं आते हैं। ऐसे में जरूरी उपाय किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article