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Gonda News: अफसरों ने नहीं सुनी तो टंकी पर चढ़े बुजुर्ग
Sat, 26 Jul 2025 12:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 26 Jul 2025 12:16 AM IST
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करनैलगंज (गोंडा)। अपनी जमीन से कब्जा हटवाने के लिए मसौलिया गांव निवासी बुजुर्ग शिवकुमार शुक्ल शुक्रवार को कोतवाली व तहसील के बीच स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। करीब तीन घंटे तक मान-मनौव्वल के बाद वह नीचे उतरे तो अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
पीड़ित शिवकुमार शुक्ल ने बताया कि वर्ष 2020-21 में वह रोजी-रोटी के लिए बाहर चले गए थे। लौटे तो भंभुआ बाजार स्थित उनकी जमीन पर दुकानें बनवाकर किराये पर दे दी गई थीं। विरोध जताने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। अधिकारियों से कार्रवाई की गुहार लगाई। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। तत्कालीन एसडीएम विशाल कुमार ने उनकी शिकायत पर बेदखली का आदेश दे दिया। इसके बाद भी उनकी जमीन खाली नहीं हो पाई। शिवकुमार का आरोप है कि एक पूर्व मंंत्री के दबाव में अधिकारियों ने एसडीएम के आदेश को भी पलट दिया। इसके बाद हाईकोर्ट में गुहार लगाई तो उन्हें फिर निचली अदालत में भेज दिया गया।
शुक्रवार सुबह शिवकुमार पानी की टंकी पर चढ़ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री के दबाव में मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो पा रही है। एसडीएम यशवंत राव, सीओ विनय कुमार सिंह, तहसीलदार सुभद्र कुमार और कोतवाल तेज प्रताप सिंह सिंह ने उन्हें समझा-बुझाकर टंकी से उतारा। तहसीलदार सुभद्र प्रसाद ने बताया कि शिवकुमार शुक्ल के मामले में तहसील स्तर से आदेश हो चुका है, अपील के लिए बताया गया है। अधिकारियों ने निष्पक्ष कार्रवाई का दिया भरोसा
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पीड़ित ने बताया कि अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच व कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं, अधिवक्ताओं ने भी जनप्रतिनिधियों के दबाव में आमजनों के साथ दोहरा मापदंड स्थापित करने को लेकर अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
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पीड़ित शिवकुमार शुक्ल ने बताया कि वर्ष 2020-21 में वह रोजी-रोटी के लिए बाहर चले गए थे। लौटे तो भंभुआ बाजार स्थित उनकी जमीन पर दुकानें बनवाकर किराये पर दे दी गई थीं। विरोध जताने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। अधिकारियों से कार्रवाई की गुहार लगाई। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। तत्कालीन एसडीएम विशाल कुमार ने उनकी शिकायत पर बेदखली का आदेश दे दिया। इसके बाद भी उनकी जमीन खाली नहीं हो पाई। शिवकुमार का आरोप है कि एक पूर्व मंंत्री के दबाव में अधिकारियों ने एसडीएम के आदेश को भी पलट दिया। इसके बाद हाईकोर्ट में गुहार लगाई तो उन्हें फिर निचली अदालत में भेज दिया गया।
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शुक्रवार सुबह शिवकुमार पानी की टंकी पर चढ़ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री के दबाव में मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो पा रही है। एसडीएम यशवंत राव, सीओ विनय कुमार सिंह, तहसीलदार सुभद्र कुमार और कोतवाल तेज प्रताप सिंह सिंह ने उन्हें समझा-बुझाकर टंकी से उतारा। तहसीलदार सुभद्र प्रसाद ने बताया कि शिवकुमार शुक्ल के मामले में तहसील स्तर से आदेश हो चुका है, अपील के लिए बताया गया है। अधिकारियों ने निष्पक्ष कार्रवाई का दिया भरोसा
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पीड़ित ने बताया कि अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच व कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं, अधिवक्ताओं ने भी जनप्रतिनिधियों के दबाव में आमजनों के साथ दोहरा मापदंड स्थापित करने को लेकर अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।