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शहर में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं, सड़क से लेकर अस्पताल तक पानी-पानी
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गोंडा। शहर में जल निकासी की ध्वस्त हो चुकी व्यवस्था का खामियाजा बरसात के दौरान सभी को भुगतना पड़ रहा है। बरसात होते ही शहर में सड़कों से लेकर गलियों तक में होने वाला जलभराव सभी की परेशानी बढ़ा रहा है। जिला अस्पताल परिसर का नजारा तो किसी छोटे तालाब की तरह दिखाई पड़ता है। मंगलवार को तेज बरसात होने के बाद जिला अस्पताल मे क्षेत्रीय निदान केंद्र के पास व इमरजेंसी कक्ष के आस पास लबालब पानी भर गया। जिससे बुधवार को जांच करवाने व ओपीडी का पर्चा कटवाने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कों पर जगह जगह हुए जलभराव ने आवागमन को बाधित बनाए रखा।
शहर में भले विकास के नाम पर हर साल करोड़ों का खर्च किया जाता हो लेकिन जलनिकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। जल निकासी के लिए सीवर लाइन तो दूर शहर के नालों की भी सफाई नहीं की जाती है। बरसात का मौसम आते शहर की सड़कें व गलियां नगरपालिका परिषद के जल निकासी की व्यवस्थाओं की पोल खोल देती है। मंगलवार शाम को हुई तेज बरसात से शहर की गलियां व सड़के पानी से लबालब भर गई नगर के आवास विकास कालोनी, मालवीयनगर, जानकी नगर सहित कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। वहीं जयनारायन चौराहे पर सड़क पर पानी भरा रहा जिससे आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आवास विकास दूसरे फेज में साफ सफाई न होने से बरसाती पानी के साथ ही कूड़ा करकट भी तैरता मिला। फोर लेन के दूसरे छोर पर जलनिकासी न होने के कारण दिन भर जलभराव रहा।
पानी में खींचना पड़ा स्ट्रेचर
बरसात के बाद जिला अस्पताल परिसर का नजारा किसी तालाब की तरह हो गया। क्षेत्रीय निदान केंद्र के पास घुटने तक पानी भर गया जिससे मरीजों की जांच कराने के लिए तीमारदारों को पानी में स्ट्रेचर चलाना पड़ा। अपने बेटे को गोदी में लिए एक्सरे कराने जा रहे सालिकराम पानी में फिसलकर गिर गये। वहीं इमरजेंसी वार्ड के बगल रास्ते में भी पानी भरा रहा जिससे ओपीडी का पर्चा कटवाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस संबंध में नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष उज्मा राशि ने बताया कि बारिश के कारण जलभराव की समस्या आई है। जल्द ही अभियान चलाकर नालियों की साफ-सफाई करा इसे दूर कराया जाएगा।
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शहर में भले विकास के नाम पर हर साल करोड़ों का खर्च किया जाता हो लेकिन जलनिकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। जल निकासी के लिए सीवर लाइन तो दूर शहर के नालों की भी सफाई नहीं की जाती है। बरसात का मौसम आते शहर की सड़कें व गलियां नगरपालिका परिषद के जल निकासी की व्यवस्थाओं की पोल खोल देती है। मंगलवार शाम को हुई तेज बरसात से शहर की गलियां व सड़के पानी से लबालब भर गई नगर के आवास विकास कालोनी, मालवीयनगर, जानकी नगर सहित कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। वहीं जयनारायन चौराहे पर सड़क पर पानी भरा रहा जिससे आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आवास विकास दूसरे फेज में साफ सफाई न होने से बरसाती पानी के साथ ही कूड़ा करकट भी तैरता मिला। फोर लेन के दूसरे छोर पर जलनिकासी न होने के कारण दिन भर जलभराव रहा।
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पानी में खींचना पड़ा स्ट्रेचर
बरसात के बाद जिला अस्पताल परिसर का नजारा किसी तालाब की तरह हो गया। क्षेत्रीय निदान केंद्र के पास घुटने तक पानी भर गया जिससे मरीजों की जांच कराने के लिए तीमारदारों को पानी में स्ट्रेचर चलाना पड़ा। अपने बेटे को गोदी में लिए एक्सरे कराने जा रहे सालिकराम पानी में फिसलकर गिर गये। वहीं इमरजेंसी वार्ड के बगल रास्ते में भी पानी भरा रहा जिससे ओपीडी का पर्चा कटवाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस संबंध में नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष उज्मा राशि ने बताया कि बारिश के कारण जलभराव की समस्या आई है। जल्द ही अभियान चलाकर नालियों की साफ-सफाई करा इसे दूर कराया जाएगा।
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