{"_id":"5723a3744f1c1b7014a9196b","slug":"village-head-learned-tricks-to-increase-performance","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानों ने सीखे कार्यक्षमता बढ़ाने के गुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानों ने सीखे कार्यक्षमता बढ़ाने के गुर
अमर उजाला/गोंडा
Updated Fri, 29 Apr 2016 11:39 PM IST
विज्ञापन
कार्यशाला में जुटे प्रधान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फैजाबाद रोड स्थित एक होटल में शुक्रवार को नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों की जिला स्तरीय कार्यशाला में कार्यक्षमता बढ़ाने के टिप्स दिए गए। इस दौरान अच्छे कार्य के लिए 13 प्रधानों को पुरस्कृत भी किया गया।
जिले के 1054 ग्राम प्रधानों की क्षमता में वृद्धि करने, सरकार द्वारा उन्हें दिए गए अधिकारों व गांवों में सरकार की विकासपरक व जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर ढंग से संचालन के लिए पंचायती राज विभाग ने शुक्रवार को जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की।
रायल पैराडाइज हाल में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रदेश के कृषि मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह तथा डीएम आशुतोष निरंजन नेे दीप प्रज्जवलित कर किया।
विज्ञापन
कृषि मंत्री ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत लोकतंत्र की पहली सीढ़ी व गांव की सरकार है। लोकतंत्र को मजबूती तभी मिलेगी, जब गांवों में किसानों, गरीबों का विकास होगा। इसलिए सभी ग्राम प्रधान कार्यशाला में अपने अधिकारों के बारे में व सरकार की योजनाओं के बारे में जानें तथा अपनी ग्राम पंचायतों में विकास कराएं।
डीएम आशुतोष निरजंन ने कहा कि वे कार्यशाला में विकास के गुर सीखें और अपने-अपने गांवों में विकास कार्यों को धरातल पर लागू करने में प्रशासन का सहयोग करें, जिससे सरकार की योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन किया जा सके। डीएम ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अंत्योदय व पात्र गृहस्थी लाभार्थियों के गलत चयन की शिकायतें भी मिलीं हैं, जिन पर कार्रवाई की जा रही है।
डीएम ने ग्राम प्रधानों को कार्यशाला में ही पंचायतीराज विभाग के विभिन्न वित्तों के बारे में एवं धनाहरण तथा खर्च करने के टिप्स बताए। डीएम ने सभी ग्राम प्रधानों का आह्वान करते हुए कहा कि सभी प्रधान एक मई मजदूर दिवस के अवसर पर अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में कम से कम पांच कार्यों को शुरू कराएं तथा इस अभियान को बृहद स्तर पर सफल बनाने में जिला प्रशासन का सहयोग करेें।
उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला ग्राम प्रधानों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार योजना तथा सभी प्रधानों के लिए पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार योजना चलाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि जो भी ग्राम प्रधान शानदार कार्य करेगा, उसे सरकार द्वारा संचालित पुरस्कारों के अलावा स्वयं उनके द्वारा सम्मानित किया जाएगा तथा प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। कार्यशाला को सीडीओ जयंत कुमार दीक्षित ने भी संबोधित किया। इस दौरान 13 प्रधानों को सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
जिले के 1054 ग्राम प्रधानों की क्षमता में वृद्धि करने, सरकार द्वारा उन्हें दिए गए अधिकारों व गांवों में सरकार की विकासपरक व जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर ढंग से संचालन के लिए पंचायती राज विभाग ने शुक्रवार को जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की।
विज्ञापन
रायल पैराडाइज हाल में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रदेश के कृषि मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह तथा डीएम आशुतोष निरंजन नेे दीप प्रज्जवलित कर किया।
विज्ञापन
कृषि मंत्री ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत लोकतंत्र की पहली सीढ़ी व गांव की सरकार है। लोकतंत्र को मजबूती तभी मिलेगी, जब गांवों में किसानों, गरीबों का विकास होगा। इसलिए सभी ग्राम प्रधान कार्यशाला में अपने अधिकारों के बारे में व सरकार की योजनाओं के बारे में जानें तथा अपनी ग्राम पंचायतों में विकास कराएं।
डीएम आशुतोष निरजंन ने कहा कि वे कार्यशाला में विकास के गुर सीखें और अपने-अपने गांवों में विकास कार्यों को धरातल पर लागू करने में प्रशासन का सहयोग करें, जिससे सरकार की योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन किया जा सके। डीएम ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अंत्योदय व पात्र गृहस्थी लाभार्थियों के गलत चयन की शिकायतें भी मिलीं हैं, जिन पर कार्रवाई की जा रही है।
डीएम ने ग्राम प्रधानों को कार्यशाला में ही पंचायतीराज विभाग के विभिन्न वित्तों के बारे में एवं धनाहरण तथा खर्च करने के टिप्स बताए। डीएम ने सभी ग्राम प्रधानों का आह्वान करते हुए कहा कि सभी प्रधान एक मई मजदूर दिवस के अवसर पर अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में कम से कम पांच कार्यों को शुरू कराएं तथा इस अभियान को बृहद स्तर पर सफल बनाने में जिला प्रशासन का सहयोग करेें।
उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला ग्राम प्रधानों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार योजना तथा सभी प्रधानों के लिए पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार योजना चलाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि जो भी ग्राम प्रधान शानदार कार्य करेगा, उसे सरकार द्वारा संचालित पुरस्कारों के अलावा स्वयं उनके द्वारा सम्मानित किया जाएगा तथा प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। कार्यशाला को सीडीओ जयंत कुमार दीक्षित ने भी संबोधित किया। इस दौरान 13 प्रधानों को सम्मानित किया गया।