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पंचायत सहायक भर्ती में दांवपेंच तेज, डीएम ने निगरानी बढ़ाई
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गोंडा। पंचायत सहायक की भर्ती तय समय पर जिले में पूरी नहीं हो पाएगी। कारण है कि पंचायतों के बाद ब्लॉकों में दांवपेच हो रहे हैं। प्रस्तावों से छेड़छाड़ की शिकायतें बढ़ रहीं हैं। डीएम ने इन पर कड़ा रुख अपनाया है। जिले के 1204 पंचायतों में भर्ती के लिए दांवपेच शुरू हो गए हैं। कई ब्लाकों में तो पंचायतों ने मेरिट से कार्रवाई की तो ब्लाकों पर हेराफेरी के लिए दांव शुरू हो गए हैं। ऐसे ही एक मामला करनैलगंज का गूंज रहा है। आवेदन के साथ तो परिवार में कोविड से मृत्यु का कोई प्रमाण नहीं लगाया और संदिग्ध प्रमाण पत्र के सहारे खेल करने की तैयारी है। डीएम के सख्त रुख से ब्लाक में सावधानी बरती जा रही है।
जिले में इंटर पास युवाओं को शासन ने मेरिट से पंचायत सहायक पद पर नियुक्त करने की कार्रवाई करने का फरमान दिया था। पंचायतों में प्रस्ताव समय से नहीं हो पाए और अब ब्लाकों पर आवेदनों पर कसरत हो रही है। करनैलगंज के जहांगिरवा गांव में पंचायत ने नियमों से प्रस्ताव भेज दिया, लेकिन ब्लॉक पर खेल हो रहा है। कई अन्य ब्लॉकों में दांवपेच शुरू होने की भनक डीएम को लग गई है।
जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने स्पष्ट कहा कि पंचायत सहायक के चयन में जिस स्तर से गड़बड़ी की गई तो सीधे एफआईआर होगी। पदों के लिए आए आवेदनों में मेरिट के आधार पर तय मानक से चयन किया जाना है। किसी तरह का दांवपेच बाद में हुआ तो कड़ी कार्रवाई होगी। डीएम के कड़े तेवर के बाद ब्लॉकों में खेल पर लगाम लगने की उम्मीद तो है लेकिन कुछ ब्लॉकों में लोग नहीं मान रहे हैं। माना जा रहा है कि यही कारण है कि समय से आवेदन जिले पर नही आ पाए हैं।
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आवेदन के समय लगे अभिलेखों पर ही विचार
- किसी भी नियुक्ति प्रक्रिया में आवेदन के समय दिए गए अभिलेखों पर ही निर्णय होता है। लोग तरह- तरह के अभिलेखों के सहारे चयन कराने का खेल कर रहे हैं। अधिकारी भी बाद में मिलने वाले अभिलेखों को शामिल कराने का दांवपेच चला रहे हैं। ऐसे में बड़े अफसरों को चयन प्रक्रिया पर निगरानी करने के लिए आगे आना पड़ रहा है। शुक्रवार को नियुक्ति पत्र जारी किए जाने का समय है जो ऐसे दांवपेच के कारण उलझा हुआ है। कोविड से परिवार में मौत होने पर प्राथमिकता देने का आदेश है और इसी से लोग जुगाड़ में लगे हैं।
पंचायत सहायक का चयन पूरी पारदर्शी तरीके से होगा। इसमें किसी प्रकार की कमी किसी भी स्तर से हुई तो कार्रवाई की जाएगी। प्रधान, सचिव हों या फिर कोई भी हो उसे बख्शा नही जाएगा। मार्कंडेय शाही, जिलाधिकारी
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जिले में इंटर पास युवाओं को शासन ने मेरिट से पंचायत सहायक पद पर नियुक्त करने की कार्रवाई करने का फरमान दिया था। पंचायतों में प्रस्ताव समय से नहीं हो पाए और अब ब्लाकों पर आवेदनों पर कसरत हो रही है। करनैलगंज के जहांगिरवा गांव में पंचायत ने नियमों से प्रस्ताव भेज दिया, लेकिन ब्लॉक पर खेल हो रहा है। कई अन्य ब्लॉकों में दांवपेच शुरू होने की भनक डीएम को लग गई है।
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जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने स्पष्ट कहा कि पंचायत सहायक के चयन में जिस स्तर से गड़बड़ी की गई तो सीधे एफआईआर होगी। पदों के लिए आए आवेदनों में मेरिट के आधार पर तय मानक से चयन किया जाना है। किसी तरह का दांवपेच बाद में हुआ तो कड़ी कार्रवाई होगी। डीएम के कड़े तेवर के बाद ब्लॉकों में खेल पर लगाम लगने की उम्मीद तो है लेकिन कुछ ब्लॉकों में लोग नहीं मान रहे हैं। माना जा रहा है कि यही कारण है कि समय से आवेदन जिले पर नही आ पाए हैं।
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आवेदन के समय लगे अभिलेखों पर ही विचार
- किसी भी नियुक्ति प्रक्रिया में आवेदन के समय दिए गए अभिलेखों पर ही निर्णय होता है। लोग तरह- तरह के अभिलेखों के सहारे चयन कराने का खेल कर रहे हैं। अधिकारी भी बाद में मिलने वाले अभिलेखों को शामिल कराने का दांवपेच चला रहे हैं। ऐसे में बड़े अफसरों को चयन प्रक्रिया पर निगरानी करने के लिए आगे आना पड़ रहा है। शुक्रवार को नियुक्ति पत्र जारी किए जाने का समय है जो ऐसे दांवपेच के कारण उलझा हुआ है। कोविड से परिवार में मौत होने पर प्राथमिकता देने का आदेश है और इसी से लोग जुगाड़ में लगे हैं।
पंचायत सहायक का चयन पूरी पारदर्शी तरीके से होगा। इसमें किसी प्रकार की कमी किसी भी स्तर से हुई तो कार्रवाई की जाएगी। प्रधान, सचिव हों या फिर कोई भी हो उसे बख्शा नही जाएगा। मार्कंडेय शाही, जिलाधिकारी