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शिक्षक के खाते से उसकी पत्नी को नहीं मिला चार लाख का गुजारा भत्ता
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गोंडा। एक अध्यापक के वेतन से पत्नी को चार लाख रुपये गुजारा भत्ता देने का आदेश न्यायालय ने पारित कर रखा है। न्यायालय के आदेश को दर किनार करते हुए शिक्षा विभाग ने अध्यापक की पत्नी को बकाया धनराशि की रकम पत्नी के बैंक खाते में पति के वेतन से प्रतिमाह कटौती करके देने में हीलाहवाली की जा रही है।
मामला क्षेत्र मनकापुर से जुड़ा है। आरोप है कि पति जग प्रसाद पुत्रराम बहोरे निवासी बैरीपुर रामनाथ पूर्व माध्यमिक विद्यालय दिनकरपुर में अध्यापक के पद पर तैनात हैं। इनकी पत्नी रेखा भारती से पारिवारिक न्यायालय में मामला चल रहा था। पारिवारिक न्यायालय की अपर प्रधान न्यायाधीश शैलीराय ने भरण पोषण/ गुजारा भत्ता की धनराशि देने का आदेश पारित कर रखा है।
न्यायाधीश ने बेसिक शिक्षा अधिकारी गोंडा विनय मोहन वन को आदेश की प्रति के साथ एक पत्र भेजकर निर्देशित किया था कि कर्मचारी की पत्नी के बैंक खाते में पति/अध्यापक के वेतन से समय-समय पर कटौती करके प्रत्येक माह रेखा भारती के बैंक खाते में धनराशि भेजना सुनिश्चित करके न्यायालय को अवगत कराए।
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यह आदेश दिनांक 17 मार्च 2021 को दिया जा चुका है, लेकिन लगभग तीन माह व्यतीत हो जाने पर भी अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग पीड़िता को गुजारा भत्ता की धनराशि की कटौती कर्मचारी के वेतन से कराकर दिलाने में अस्मर्थ है।
वहीं बीएसए विनय मोहन वन ने बताया कि न्यायालय के आदेश के क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी को अध्यापक के वेतन से चार लाख रुपये कि कटौती करने के लिए 15 अप्रैल को पत्र भेजकर कटौती करने का निर्देश दे चुके हैं। लेकिन वित्त लेखा विभाग इस पत्र को महीनों से दबाकर बैठा है। ऐसे में न्यायालय के आदेश के क्रम में गुजारा भत्ता पीड़िता को नहीं मिल पा रहा है।
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मामला क्षेत्र मनकापुर से जुड़ा है। आरोप है कि पति जग प्रसाद पुत्रराम बहोरे निवासी बैरीपुर रामनाथ पूर्व माध्यमिक विद्यालय दिनकरपुर में अध्यापक के पद पर तैनात हैं। इनकी पत्नी रेखा भारती से पारिवारिक न्यायालय में मामला चल रहा था। पारिवारिक न्यायालय की अपर प्रधान न्यायाधीश शैलीराय ने भरण पोषण/ गुजारा भत्ता की धनराशि देने का आदेश पारित कर रखा है।
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न्यायाधीश ने बेसिक शिक्षा अधिकारी गोंडा विनय मोहन वन को आदेश की प्रति के साथ एक पत्र भेजकर निर्देशित किया था कि कर्मचारी की पत्नी के बैंक खाते में पति/अध्यापक के वेतन से समय-समय पर कटौती करके प्रत्येक माह रेखा भारती के बैंक खाते में धनराशि भेजना सुनिश्चित करके न्यायालय को अवगत कराए।
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यह आदेश दिनांक 17 मार्च 2021 को दिया जा चुका है, लेकिन लगभग तीन माह व्यतीत हो जाने पर भी अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग पीड़िता को गुजारा भत्ता की धनराशि की कटौती कर्मचारी के वेतन से कराकर दिलाने में अस्मर्थ है।
वहीं बीएसए विनय मोहन वन ने बताया कि न्यायालय के आदेश के क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी को अध्यापक के वेतन से चार लाख रुपये कि कटौती करने के लिए 15 अप्रैल को पत्र भेजकर कटौती करने का निर्देश दे चुके हैं। लेकिन वित्त लेखा विभाग इस पत्र को महीनों से दबाकर बैठा है। ऐसे में न्यायालय के आदेश के क्रम में गुजारा भत्ता पीड़िता को नहीं मिल पा रहा है।