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Gonda News: स्थानांतरण के बाद भी कार्यमुक्त नहीं हुए उप प्राचार्य
Tue, 15 Oct 2024 01:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 15 Oct 2024 01:32 AM IST
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गोंडा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) से तबादले के बाद भी उप प्राचार्य हिफजुर्रहमान कार्यमुक्त नहीं हो रहे हैं। ऐसा तब है जब 20 सितंबर को उनका स्थानांतरण मध्याह्न भोजन प्राधिकरण लखनऊ में उपनिदेशक के पद हो चुका है। यही नहीं बीते आठ अक्तूबर को उप प्राचार्य के पद पर रामसागर पति त्रिपाठी की शासन से तैनाती हो चुकी है और वह कार्यभार ग्रहण भी कर चुके हैं।
शासन ने बीते उप प्राचार्य हिफजुर्रहमान का गोंडा के लिए हुआ 30 जून को स्थानांतरण आदेश को निरस्त कर एमडीएम उपनिदेशक पर किया गया था। इसके अलावा उनके स्थान पर डायट उपप्राचार्य के कार्यभार ग्रहण करने के बाद भी कार्यमुक्त न होना चौंकाने वाला है। चर्चा है कि डायट में कुछ तो ऐसा है जिससे अभी भी पद पुराने उप प्राचार्य काबिज हैं। वहीं उपप्राचार्य हिफजुर्रहमान ने स्थानांतरण तो माना, लेकिन उनका कहना है कि अभी वह आदेश में संशोधन करा रहे हैं। कहते हैं कि उनका स्थानांतरण गोंडा डायट से किया जाना चाहिए, जबकि उनके पुराने आदेश को निरस्त कर नई तैनाती दी गई है। वह 14 अगस्त को कार्यभार ग्रहण कर चुके थे। इस तरह अभी वह कार्यमुक्त होने को तैयार नहीं दिख रहे हैं, इससे डायट में प्रभार को लेकर असमंजस्य की स्थिति है। यहां गोंडा व बलरामपुर के दो सौ डीएलएड के प्रशिक्षु प्रशिक्षण ले रहे हैं, वह भी सकते में हैं।
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शासन ने बीते उप प्राचार्य हिफजुर्रहमान का गोंडा के लिए हुआ 30 जून को स्थानांतरण आदेश को निरस्त कर एमडीएम उपनिदेशक पर किया गया था। इसके अलावा उनके स्थान पर डायट उपप्राचार्य के कार्यभार ग्रहण करने के बाद भी कार्यमुक्त न होना चौंकाने वाला है। चर्चा है कि डायट में कुछ तो ऐसा है जिससे अभी भी पद पुराने उप प्राचार्य काबिज हैं। वहीं उपप्राचार्य हिफजुर्रहमान ने स्थानांतरण तो माना, लेकिन उनका कहना है कि अभी वह आदेश में संशोधन करा रहे हैं। कहते हैं कि उनका स्थानांतरण गोंडा डायट से किया जाना चाहिए, जबकि उनके पुराने आदेश को निरस्त कर नई तैनाती दी गई है। वह 14 अगस्त को कार्यभार ग्रहण कर चुके थे। इस तरह अभी वह कार्यमुक्त होने को तैयार नहीं दिख रहे हैं, इससे डायट में प्रभार को लेकर असमंजस्य की स्थिति है। यहां गोंडा व बलरामपुर के दो सौ डीएलएड के प्रशिक्षु प्रशिक्षण ले रहे हैं, वह भी सकते में हैं।
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