फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   vehicle,RTO

15 साल पुरानी गाड़ी चलाने का शौक पड़ेगा महंगा

Sat, 09 Apr 2022 11:54 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 09 Apr 2022 11:54 PM IST
विज्ञापन
vehicle,RTO
गोंडा। 15 साल पुरानी बाइक व कार से चलने के शौकीन लोगों पहले की अपेक्षा अब आठ गुना फीस चुकानी होगी। एक अप्रैल से इन गाड़ियों का पंजीकरण, नवीनीकरण, स्थानांतरण और फिटनेस की जांच के शुल्क में आठत गुना तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। इससे अब 15 साल पुराने वाहन चला पाना मुशिकल होगा।
विज्ञापन

15 साल पुराने वाहनों का री-रजिस्ट्रेशन कराने पर वाहनों के प्रकार के हिसाब से निजी व कामर्शियल वाहनों बाइक, तीन पहिया, चौपहिया, हल्के, मध्यम व भारी वाहनों फीस देनी होगी। यही नहीं री-रजिस्ट्रेशन समाप्त होने पर फीस के साथ ही 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पेनाल्टी भी चुकानी होगी। इसी तरह फिटनेस पर निजी वाहनों के साथ कामार्शिलय वाहनों की फीस के साथ ही फिटनेस खत्म होने पर प्रतिदिन के हिसाब से 50 रुपये पेनाल्टी चुकानी पड़ेगी। 15 साल पुराने वाहनों के रजिस्ट्रेशन, नवीनीकरण व फिटनेस की फीस के साथ ही लेटलतीफी पर वाहन मालिकों को बढ़ी दर की कीमत चुकाने के बाद ही वह वाहन चला सकेंगे। (संवाद)
विज्ञापन

इंर्पोटेड बाइक 10 हजार तो चौपहिया का 40 हजार में होगा नवीनीकरण
इंर्पोटेड गाड़ी के शौकीनों को नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन के साथ ही नवीनीकरण कराना भारी पड़ेगा। नई दरों के हिसाब से इर्म्पोटेड बाइक व तिपहिया वाहन का रजिस्ट्रेशन दो हजार पांच सौ रूपए में होगा, जबकि री-रजिस्ट्रेशन दस हजार रूपए में किया जाएगा। इसी तरह इर्म्पोटेड चार पहिया वाहन या उससे अधिक पहिए के वाहनों का रजिस्ट्रेशन पांच हजार रुपये में होगा। इन वाहनों का री-रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 40 हजार रुपये फीस देनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

सॉफ्टवेयर में बदलाव न होने से नहीं जमा हो रही फीस
15 साल और उससे पुराने वाहनों के री-रजिस्ट्रेशन व फिटनेस की फीस में इजाफा होने के बाद से ही री-रजिस्ट्रेशन के साथ ही फिटनेस का काम बंद है। सॉफ्टवेयर में बदलाव ने होने से आरटीओ समेत साइबर ढाबों पर भी फीस जमा नहीं हो पा रही है। इससे लोग परेशान हैं।
फीस में इजाफे से ट्रांसपोर्ट पर पड़ेगा असर
संभागीय परिवहन विभाग की सख्ती के बाद भी अभी ट्रांसपोर्ट यानि माल ढुलाई के काम में अधिकतर पुरानी गाड़ियां ही लगाई गई हैं। पहले पेट्रोल-डीजल के दाम में बढोत्तरी हुई तो टोल टैक्स भी मालिकों की पॉकेट पर असर पड़ा। अब री- रजिस्ट्रेशन और फिटनेस की फीस बढ़ने से इसका सीधा असर माल ढुलाई पर पड़ेगा। इसे ट्रांन्सपोर्ट का काम करने वालों की परेशानी बढ़ गई है।
फीस बढ़ोत्तरी के दायरे में आएंगे 30 हजार वाहन
दोपहिया, चौपहिया वाहनों समेत भारी वाहनों को मिलाकर जिले के तीस हजार वाहन फीस बढ़ोत्तरी के दायरे में आएंगे, क्योंकि तकरीबन तीस हजार वाहन 15 साल की आयु पूरे कर चुके हैं। 15 साल पुराने तकरीबन तीस हजार वाहनों के इस दायरे में आने से इनके मालिकों पर इसका खासा असर पड़ेगा। उन्हें बढ़ी फीस तो चुकानी ही पड़ेगी। इसके साथ ही पेनल्टी भी भरनी होगी। जिससे उनकी पॉके पर इसका सीधा असर पड़ेगा। माना जा रहा है कि ऐसे कई वाहन इनमें शामिल होंगे जिनकी मौजूदा कीमत फीस व पेनाल्टी मिलाकर बराबर होगी। इससे इन वाहनों का अब संचालन करना मुश्किल होगा। इससे 15 साल की श्रेणी में आने वाले अधिकांश वाहन चलन से बाहर हो जाएंगे।
सालभर में होता है इतने वाहनों का रजिस्ट्रेशन
संभागीय परिवहन विभाग में एक साल में तकरीबन 24 दोपहिया, 120 चौपहिया, 80 ट्रैक्टर, 100 ट्राली, 42 मध्यम वर्गीय भार वाहन के साथ ही 25 भारी वाहन का रजिस्ट्रेशन किया जाता है। इसके अलावा अन्य 30 वाहनों का रजिस्ट्रेेशन होता है। इनमें बसें, मिनी बसे, स्कूली बसें, मैक्सी कैब, डीसीएम, छोटा हाथी व अन्य वाहन सम्मिलित हैं। इतने वाहनों का एक साल में रजिस्ट्रेशन होने से हर साल इतने ही वाहन 15 साल पुराने हो रहे हैं।

15 साल पुराने वाहन की री-रजिस्ट्रेशन समेत फिटनेस फीस में बढ़ोत्तरी हुई है। लेटलतीफी पर 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पेनाल्टी भी लगाने का प्रावधान जारी हुआ है। वाहन साफ्टवेयर में अभी बदलाव नहीं हुआ है। इससे फीस जमा नहीं हो पा रही है। मगर जल्द ही साफ्टवेयर काम करने लगेगा। इसके बाद री-रजिस्ट्रेशन व फिटनेस का काम शुरू हो जाएगा। बबिता वर्मा, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन/प्रवर्तन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed