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टीकाकरण से वंचित तीन हजार फ्रंटलाइन वर्करों को खोज रहा विभाग
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गोंडा के जिला अस्पताल में टीका लगाती स्वास्थ्यकर्मी।
- फोटो : GONDA
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गोंडा। विधानसभा चुनाव के करीब आते ही टीकाकरण की दूसरी डोज न लेने वाले करीब तीन हजार फ्रंट लाइन वर्करों की खोज शुरू हो गई है। इनकी सूची बनाकर संबंधित विभागों को भेजा गया है। इन कर्मचारियों को फोन कर वैक्सीन की दूसरी डोज न लेने का कारण पूछा जा रहा है। इस विधानसभा चुनाव में वैक्सीन की दोनों डोज न लगवाने वाले कर्मचारियों पर सख्ती की कार्रवाई शुरू हो गई है। चुनाव में इन्हीं कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया जा रहा है। इसलिए इन पर दोनों डोज लगवाने का प्रमाण पत्र मांगा गया है।
जिले में 3,247 सरकारी कर्मचारियों ने कोरोनारोधी वैक्सीन की दूसरी खुराक नहीं ली है। उन्हें आने वाले विधानसभा चुनाव में ड्यूटी करने में समस्या हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने 13,893 कर्मचारियों को फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में कोरोनारोधी वैक्सीन लगाने के लिए चयनित किया था। इसमें 13,210 कर्मचारियों ने वैक्सीन की पहली डोज लगवाई तथा 10,646 कर्मचारियों ने वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाई। वहीं, 3,247 लोग वैक्सीन की दूसरी डोज लेना भूल गए। इनसे चुनाव में ड्यूटी लेना समस्या पैदा कर सकता है। कोरोना काल के दौरान पंचायत चुनाव में ड्यूटी पर संक्रमित हुए अधिकारियों और कर्मचारियों के मद्देनजर इस बार विधानसभा चुनाव को लेकर टीकाकरण अनिवार्य किया है। निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन के अनुसार, चुनाव ड्यूटी में लगने वाले सभी कर्मचारियों को टीके की दोनों डोज लगवानी जरूरी होगी।
ऐसा नहीं करने पर निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में जानबूझकर असहयोग मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पोलिंग एजेंट बनने वालों को कोरोना टीकाकरण अनिवार्य होगा। निर्वाचन कार्य से जुड़े सभी सरकारी और गैर सरकारी व्यक्तियों को कोरोना का टीका लगवाने का निर्देश दिया है। उन्हीं लोगों की चुनाव कार्य में सेवाएं ली जाएंगी, जिन्होंने टीके की दोनों डोज ली हो। चुनाव कार्य में लगने वाले सभी कार्मिक व अन्य लोग तय समय से पहले दोनों डोज अनिवार्य रूप से लगवा लें।
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कर्मियों के स्थानांतरण से पोर्टल पर नहीं चढ़ी दूसरी खुराक
जिले में वैक्सीन की पहली डोज लगवाने के बाद कुछ कर्मचारियों का स्थानांतरण हो गया। दूसरी खुराक लेने वालों का डेटा पोर्टल पर चढ़ने में समस्या हो रही है। जिला वैक्सीन इंचार्ज पंकज तिवारी ने बताया कि वैक्सीन की दूसरी डोज न लगवाने वाले कर्मचारियों की सूची संबधित विभाग को भेजी जा चुकी है, तथा उन्हें फोन कर दूसरी डोज न लेने का कारण पूछा जा रहा है। कुछ लोगों को वैक्सीन तो लग गई, लेकिन पोर्टल पर नहीं चढ़ सका। पहली डोज लगवाने के बाद कई कर्मचारियों का स्थानांतरण हो गया। उन्होंने दूसरे मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करवाकर वैक्सीन लगवा लिया। दोनों डोज अलग-अगल स्थानों पर पहली खुराक में चढ़ गया। ऐसे लोगों से सुधार के लिए प्रार्थना पत्र मांगा गया है। जिन कर्मचारियों को वैक्सीन लगवाने के बावजूद दूसरी खुराक का प्रमाण पत्र न मिल पा रहा हो तो वे सुधार करवा सकते हैं।
चुनाव के पहले इन लोगों को टीका लगवाना जरूरी
आयोग की गाइड लाइन के अनुसार चुनाव में ड्यूटी करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को कोरोनारोधी वैक्सीन की दोनों डोज लगवाना जरूरी है। चुनाव में भाग लेने वाले प्रत्याशी, इलेक्शन एजेंट, पोलिंग एजेंट, काउंटिंग एजेंट, चालक सहित अन्य ऐसे सभी लोग जो चुनाव अधिकारियों या मतदान कार्मिकों के संपर्क में आ सकते हैं, उनको दोनों डोज लगवाना अनिवार्य है।
वैक्सीन की दोनो डोज लगवाने के बावजूद जिन लोगों को दूसरी डोज का प्रमाण पत्र न मिल पा रहा हो। वह दूसरी खुराक के लिए पंजीकरण वाले फोन नंबर व टीका लगवाने का स्थान बताकर सुधार करवा सकते हैं। जिससे टीकाकरण का सही डेटा पोर्टल पर अपलोड किया जा सके। डॉ. जयगोविंद, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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जिले में 3,247 सरकारी कर्मचारियों ने कोरोनारोधी वैक्सीन की दूसरी खुराक नहीं ली है। उन्हें आने वाले विधानसभा चुनाव में ड्यूटी करने में समस्या हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने 13,893 कर्मचारियों को फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में कोरोनारोधी वैक्सीन लगाने के लिए चयनित किया था। इसमें 13,210 कर्मचारियों ने वैक्सीन की पहली डोज लगवाई तथा 10,646 कर्मचारियों ने वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाई। वहीं, 3,247 लोग वैक्सीन की दूसरी डोज लेना भूल गए। इनसे चुनाव में ड्यूटी लेना समस्या पैदा कर सकता है। कोरोना काल के दौरान पंचायत चुनाव में ड्यूटी पर संक्रमित हुए अधिकारियों और कर्मचारियों के मद्देनजर इस बार विधानसभा चुनाव को लेकर टीकाकरण अनिवार्य किया है। निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन के अनुसार, चुनाव ड्यूटी में लगने वाले सभी कर्मचारियों को टीके की दोनों डोज लगवानी जरूरी होगी।
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ऐसा नहीं करने पर निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में जानबूझकर असहयोग मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पोलिंग एजेंट बनने वालों को कोरोना टीकाकरण अनिवार्य होगा। निर्वाचन कार्य से जुड़े सभी सरकारी और गैर सरकारी व्यक्तियों को कोरोना का टीका लगवाने का निर्देश दिया है। उन्हीं लोगों की चुनाव कार्य में सेवाएं ली जाएंगी, जिन्होंने टीके की दोनों डोज ली हो। चुनाव कार्य में लगने वाले सभी कार्मिक व अन्य लोग तय समय से पहले दोनों डोज अनिवार्य रूप से लगवा लें।
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कर्मियों के स्थानांतरण से पोर्टल पर नहीं चढ़ी दूसरी खुराक
जिले में वैक्सीन की पहली डोज लगवाने के बाद कुछ कर्मचारियों का स्थानांतरण हो गया। दूसरी खुराक लेने वालों का डेटा पोर्टल पर चढ़ने में समस्या हो रही है। जिला वैक्सीन इंचार्ज पंकज तिवारी ने बताया कि वैक्सीन की दूसरी डोज न लगवाने वाले कर्मचारियों की सूची संबधित विभाग को भेजी जा चुकी है, तथा उन्हें फोन कर दूसरी डोज न लेने का कारण पूछा जा रहा है। कुछ लोगों को वैक्सीन तो लग गई, लेकिन पोर्टल पर नहीं चढ़ सका। पहली डोज लगवाने के बाद कई कर्मचारियों का स्थानांतरण हो गया। उन्होंने दूसरे मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करवाकर वैक्सीन लगवा लिया। दोनों डोज अलग-अगल स्थानों पर पहली खुराक में चढ़ गया। ऐसे लोगों से सुधार के लिए प्रार्थना पत्र मांगा गया है। जिन कर्मचारियों को वैक्सीन लगवाने के बावजूद दूसरी खुराक का प्रमाण पत्र न मिल पा रहा हो तो वे सुधार करवा सकते हैं।
चुनाव के पहले इन लोगों को टीका लगवाना जरूरी
आयोग की गाइड लाइन के अनुसार चुनाव में ड्यूटी करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को कोरोनारोधी वैक्सीन की दोनों डोज लगवाना जरूरी है। चुनाव में भाग लेने वाले प्रत्याशी, इलेक्शन एजेंट, पोलिंग एजेंट, काउंटिंग एजेंट, चालक सहित अन्य ऐसे सभी लोग जो चुनाव अधिकारियों या मतदान कार्मिकों के संपर्क में आ सकते हैं, उनको दोनों डोज लगवाना अनिवार्य है।
वैक्सीन की दोनो डोज लगवाने के बावजूद जिन लोगों को दूसरी डोज का प्रमाण पत्र न मिल पा रहा हो। वह दूसरी खुराक के लिए पंजीकरण वाले फोन नंबर व टीका लगवाने का स्थान बताकर सुधार करवा सकते हैं। जिससे टीकाकरण का सही डेटा पोर्टल पर अपलोड किया जा सके। डॉ. जयगोविंद, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी