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Gonda News: भांजे का विवाद सुलझाने गए मामा की चाकू मारकर हत्या
Mon, 13 Apr 2026 11:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 13 Apr 2026 11:26 PM IST
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आनंद पांडेय की फाइल फोटो और गिरफ्तारी हत्यारोपी। संवाद
मुजेहना/गोंडा। बग्गीरोड स्थित निजी अस्पताल में रविवार रात भांजे का झगड़ा सुलझाने पहुंचे मामा पर चाकू से हमला कर दिया गया। बचाने की कोशिश में भांजा भी चाकू लगने से घायल हो गया।दोनों को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां मामा ने दम तोड़ दिया।
भांजे की हालत भी नाजुक बनी हुई है। मामले में पिता-पुत्र व अस्पताल संचालक समेत नौ के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने आरोपी चाचा-भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है। बेलहरी गांव निवासी आनंद पांडेय (40) खाद की दुकान चलाते थे। रविवार देर रात वह अपने भांजे सत्यप्रकाश शुक्ल निवासी पिपरा भिटौरा मोतीगंज का विवाद सुलझाने न्यू मेडी लाइफ अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर (बग्गी रोड) गए थे। वहां विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और आरोपियों ने आनंद के सीने में चाकू घोंप दिया।
जब तक वह संभल पाते पीछे से पीठ में दूसरा वार कर दिया गया। इससे वह जमीन पर गिर गए। बचाने की कोशिश में भांजे सत्यप्रकाश भी चाकू लगने से घायल हो गए। दोनों को मरणासन्न हालत में मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। वहां डॉक्टर ने आनंद को मृत घोषित कर दिया। सत्यप्रकाश का इलाज चल रहा है।
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मृतक के पिता भवनाथ पांडेय ने बताया कि आनंद धानेपुर कस्बे में विद्युत उपकेंद्र के पास खाद की दुकान संचालित करते थे। नाती सत्यप्रकाश शुक्ल बग्गी रोड स्थित अस्पताल में काम करते हैं। अस्पताल में ड्यूटी के दौरान उनका धानेपुर के रुद्रगढ़नौसी निवासी अनुपम शुक्ल उर्फ अनूप से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था।
अनुपम ने फोन करके अपने साथियों को बुला लिया। सत्यप्रकाश ने फोन करके अपने मामा आनंद पांडेय को विवाद की जानकारी दी तो वह भी अस्पताल पहुंच गए। वहां अनुपम और उसके साथियों ने चाकू से हमला करके आनंद की हत्या कर दी।
कोतवाल अरविंद यादव ने बताया कि मृतक आनंद पांडेय के पिता की तहरीर पर अनुपम शुक्ल उर्फ अनूप, राजन शुक्ल, साजन शुक्ल, अनुपम के पिता, अस्पताल संचालक अनिल ओझा व चार अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्य आराेपी अनुपम शुक्ल उर्फ अनूप और प्रकाश में आए उसके चाचा उदयभान शुक्ल को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। सीओ सदर शिल्पा वर्मा ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को लगाया गया है।
डॉक्टर पर इलाज से मना करने का आरोप
मुजेहना। पिता भवनाथ पांडेय ने बताया कि बग्गी रोड स्थित अस्पताल में बेटे आनंद पांडेय पर चाकू से हमले की खबर पाकर वह मौके पर पहुंचे। उसी अस्पताल के डॉक्टर से आनंद का उपचार करने की गुजारिश की, मगर उन्होंने मना कर दिया। आसपास कोई दूसरा अस्पताल भी नहीं था। इसके चलते आनन-फानन मेडिकल कॉलेज लेकर गए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण रास्ते में ही आनंद की मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टर ने आनंद को मृत घोषित कर दिया। कहा कि अगर समय पर इलाज मिल जाता, तो शायद जान बच जाती। मेडिकल कॉलेज के डॉ. अनिल ओझा ने बताया कि आनंद को मृत अवस्था में लाया गया था। मामले की खबर पाकर सांसद प्रतिनिधि राजेश सिंह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और परिजनों से मिलकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
सामान गायब होने पर पूछताछ से हुआ था विवाद
एएसपी (पश्चिमी) राधेश्याम राय ने बताया कि घटना की शुरुआत अस्पताल परिसर से ही हुई। मृतक आनंद का भांजा सत्यप्रकाश और आरोपी अनुपम न्यू मेडी लाइफ अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर (बग्गी रोड) में काम करते थे। ड्यूटी शिफ्ट बदलने के दौरान आरोपी अनुपम ने अपना सामान गायब होने पर सत्यप्रकाश से पूछताछ की, जिससे विवाद हो गया। अनुपम ने अपने साथियों को बुला लिया। सूचना पर आनंद भी मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान विवाद बढ़ने पर घटना हुई।
हत्या के बाद खाली हो गया अस्पताल
न्यू मेडी लाइफ अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर में सोमवार को तीन मरीज भर्ती थे। घटना के बाद तीनों मरीज व तीमारदार तुरंत वहां से चले गए। पुलिस वहां पहुंची तो डॉक्टर व कर्मचारी भी नहीं मिले।
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भांजे की हालत भी नाजुक बनी हुई है। मामले में पिता-पुत्र व अस्पताल संचालक समेत नौ के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने आरोपी चाचा-भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है। बेलहरी गांव निवासी आनंद पांडेय (40) खाद की दुकान चलाते थे। रविवार देर रात वह अपने भांजे सत्यप्रकाश शुक्ल निवासी पिपरा भिटौरा मोतीगंज का विवाद सुलझाने न्यू मेडी लाइफ अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर (बग्गी रोड) गए थे। वहां विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और आरोपियों ने आनंद के सीने में चाकू घोंप दिया।
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जब तक वह संभल पाते पीछे से पीठ में दूसरा वार कर दिया गया। इससे वह जमीन पर गिर गए। बचाने की कोशिश में भांजे सत्यप्रकाश भी चाकू लगने से घायल हो गए। दोनों को मरणासन्न हालत में मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। वहां डॉक्टर ने आनंद को मृत घोषित कर दिया। सत्यप्रकाश का इलाज चल रहा है।
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मृतक के पिता भवनाथ पांडेय ने बताया कि आनंद धानेपुर कस्बे में विद्युत उपकेंद्र के पास खाद की दुकान संचालित करते थे। नाती सत्यप्रकाश शुक्ल बग्गी रोड स्थित अस्पताल में काम करते हैं। अस्पताल में ड्यूटी के दौरान उनका धानेपुर के रुद्रगढ़नौसी निवासी अनुपम शुक्ल उर्फ अनूप से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था।
अनुपम ने फोन करके अपने साथियों को बुला लिया। सत्यप्रकाश ने फोन करके अपने मामा आनंद पांडेय को विवाद की जानकारी दी तो वह भी अस्पताल पहुंच गए। वहां अनुपम और उसके साथियों ने चाकू से हमला करके आनंद की हत्या कर दी।
कोतवाल अरविंद यादव ने बताया कि मृतक आनंद पांडेय के पिता की तहरीर पर अनुपम शुक्ल उर्फ अनूप, राजन शुक्ल, साजन शुक्ल, अनुपम के पिता, अस्पताल संचालक अनिल ओझा व चार अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्य आराेपी अनुपम शुक्ल उर्फ अनूप और प्रकाश में आए उसके चाचा उदयभान शुक्ल को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। सीओ सदर शिल्पा वर्मा ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को लगाया गया है।
डॉक्टर पर इलाज से मना करने का आरोप
मुजेहना। पिता भवनाथ पांडेय ने बताया कि बग्गी रोड स्थित अस्पताल में बेटे आनंद पांडेय पर चाकू से हमले की खबर पाकर वह मौके पर पहुंचे। उसी अस्पताल के डॉक्टर से आनंद का उपचार करने की गुजारिश की, मगर उन्होंने मना कर दिया। आसपास कोई दूसरा अस्पताल भी नहीं था। इसके चलते आनन-फानन मेडिकल कॉलेज लेकर गए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण रास्ते में ही आनंद की मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टर ने आनंद को मृत घोषित कर दिया। कहा कि अगर समय पर इलाज मिल जाता, तो शायद जान बच जाती। मेडिकल कॉलेज के डॉ. अनिल ओझा ने बताया कि आनंद को मृत अवस्था में लाया गया था। मामले की खबर पाकर सांसद प्रतिनिधि राजेश सिंह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और परिजनों से मिलकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
सामान गायब होने पर पूछताछ से हुआ था विवाद
एएसपी (पश्चिमी) राधेश्याम राय ने बताया कि घटना की शुरुआत अस्पताल परिसर से ही हुई। मृतक आनंद का भांजा सत्यप्रकाश और आरोपी अनुपम न्यू मेडी लाइफ अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर (बग्गी रोड) में काम करते थे। ड्यूटी शिफ्ट बदलने के दौरान आरोपी अनुपम ने अपना सामान गायब होने पर सत्यप्रकाश से पूछताछ की, जिससे विवाद हो गया। अनुपम ने अपने साथियों को बुला लिया। सूचना पर आनंद भी मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान विवाद बढ़ने पर घटना हुई।
हत्या के बाद खाली हो गया अस्पताल
न्यू मेडी लाइफ अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर में सोमवार को तीन मरीज भर्ती थे। घटना के बाद तीनों मरीज व तीमारदार तुरंत वहां से चले गए। पुलिस वहां पहुंची तो डॉक्टर व कर्मचारी भी नहीं मिले।