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पटाखा विस्फोट में चाचा व दो भतीजों की मौत
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Nov 2015 10:36 PM IST
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इटियाथोक थाना क्षेत्र के लोहसीसा गांव के मजरा पूरे मनोगा में बुधवार की रात पटाखा दगाते समय हुए विस्फोट में दो सगे भाई व उनके तीन भतीजे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल लाते समय रास्ते में चाचा व दो भतीजों की मौत हो गई। वहीं, विस्फोट के दौरान शॉर्ट सर्किट से लगी आग से चाचा और उसका भतीजा झुलस गए। दोनों को जिला अस्पताल में उपचार के बाद लखनऊ रेफर कर दिया गया है।
इटियाथोक थाना क्षेत्र के लोहसीसा गांव के मजरा पूरे मनोगा के रहने वाले चंदनलाल शुक्ल का बेटा अमित शुक्ल (22) बुधवार की शाम पटाखा लेने इटियाथोक बाजार गया था।
चंदनलाल के मुताबिक उसके पौत्र राजन शुक्ल (10), मधुकर शुक्ल (8) पुत्र विनोद शुक्ल, प्रिंस शुक्ल (11) पुत्र अंबरीश शुक्ल पटाखे का इंतजार कर रहे थे।
इसी बीच अमित पटाखा लेकर घर पहुंचा तो तीनों बच्चे उसके पीछे दौड़ते हुए कमरे में पहुंच गए और थैले से फुलझड़ी निकालकर दरवाजे की चौखट के पास रखकर उसे जलाने लगे। तभी फुलझड़ी से निकली चिंगारी पटाखा रखे थैले तक पहुंच गई और विस्फोट होने लगा।
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विस्फोट के कारण शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। कमरे में डीजल रखा होने के कारण आग की लपटें तेज हो गईं। इससे अमित, राजन व प्रिंस कमरे में फंस गए।
इन्हें बचाने के लिए अमित का बड़ा भाई अरविंद (25) व मधुकर दौड़े तो वह भी आग की चपेट में आने से झुलस गए। घायलों को जिला अस्पताल ले जाते समय अमित शुक्ल व उसके भतीजे राजन शुक्ल व प्रिंस की मौत हो गई। जबकि गंभीर रूप से घायल अरविंद व मधुकर को इलाज के बाद लखनऊ रेफर कर दिया गया है। थानाध्यक्ष इटियाथोक इंतखाब खां ने बताया कि पंचायतनामा के बाद शवों को परिवारीजनों को सौंप दिया गया है।
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इटियाथोक थाना क्षेत्र के लोहसीसा गांव के मजरा पूरे मनोगा के रहने वाले चंदनलाल शुक्ल का बेटा अमित शुक्ल (22) बुधवार की शाम पटाखा लेने इटियाथोक बाजार गया था।
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चंदनलाल के मुताबिक उसके पौत्र राजन शुक्ल (10), मधुकर शुक्ल (8) पुत्र विनोद शुक्ल, प्रिंस शुक्ल (11) पुत्र अंबरीश शुक्ल पटाखे का इंतजार कर रहे थे।
इसी बीच अमित पटाखा लेकर घर पहुंचा तो तीनों बच्चे उसके पीछे दौड़ते हुए कमरे में पहुंच गए और थैले से फुलझड़ी निकालकर दरवाजे की चौखट के पास रखकर उसे जलाने लगे। तभी फुलझड़ी से निकली चिंगारी पटाखा रखे थैले तक पहुंच गई और विस्फोट होने लगा।
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विस्फोट के कारण शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। कमरे में डीजल रखा होने के कारण आग की लपटें तेज हो गईं। इससे अमित, राजन व प्रिंस कमरे में फंस गए।
इन्हें बचाने के लिए अमित का बड़ा भाई अरविंद (25) व मधुकर दौड़े तो वह भी आग की चपेट में आने से झुलस गए। घायलों को जिला अस्पताल ले जाते समय अमित शुक्ल व उसके भतीजे राजन शुक्ल व प्रिंस की मौत हो गई। जबकि गंभीर रूप से घायल अरविंद व मधुकर को इलाज के बाद लखनऊ रेफर कर दिया गया है। थानाध्यक्ष इटियाथोक इंतखाब खां ने बताया कि पंचायतनामा के बाद शवों को परिवारीजनों को सौंप दिया गया है।