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दो हजार किमी. सड़कें गड्ढामुक्त करने की चुनौती
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गोंडा। जिले में तीन हजार किलोमीटर लंबी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाना है। मगर इनमें से अभी तक एक हजार किलोमीटर सड़कें ही गड्ढामुक्त हो सकी हैं। अभी भी दो हजार किलोमीटर लंबी सड़कों को गड्ढामुक्त करना है। इसके लिए सिर्फ 15 दिन ही बचे हैं। शासन की कड़ी चेतावनी से लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का पसीना छूट रहा है। अब दिन-रात काम कराने की योजना तैयार हुई है।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की टीम सोमवार को फील्ड में दिखी, मगर काम की गति में सुधार होते नहीं दिख रहा है। ऐसे में 15 नवंबर तक दो हजार किलोमीटर सड़कें गड्ढामुक्त करना बड़ी चुनौती है। विभाग के अधिकारियों का जोर है कि हर दिन सौ से दो सौ किलोमीटर सड़कें गड्ढामुक्त हों तो समय के भीतर कार्य पूरा हो सकेगा।
प्रदेश शासन ने अक्तूबर माह में ही गड्ढामुक्त सड़कों को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया था। बीते दिनों शासन स्तर पर हुई समीक्षा में जिले की 30 फीसदी सड़कों को ही गड्ढामुक्त पाया गया। इस पर शासन ने नाराजगी जताई तो काम में तेजी तो आई मगर जिस गति से काम हो रहा है उससे 15 नवंबर तक लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा है।
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सोमवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने गड्ढे वाली सड़कों की जांच के साथ ही काम का जायजा लिया। अधिकारियों ने जोर दिया कि करीब दो हजार से 1800 किलोमीटर लंबी गड्ढायुक्त सड़कों को दुरुस्त करने के लिए प्रतिदिन करीब सौ से डेढ़ सौ किलोमीटर सड़कों की मरम्मत होनी चाहिए। तभी 15 नवंबर तक काम पूरा होगा।
बताया जा रहा है कि वर्तमान में हर दिन 50 से 70 किलोमीटर सड़कों की ही मरम्मत हो पा रही है। इससे काम पूरा करने में समय लग रहा है। विभागीय अधिकारियों ने गड्ढायुक्त सड़कों का निरीक्षण करके जोर दिया कि समयबद्ध काम पूरा कराने का भरपूर प्रयास हो। इसकी नियमित निगरानी के लिए अवर अभियंताओं को जिम्मेदारी दी गई है। जिससे गड्ढे भरने में ढिलाई न होने पाए।
जले में सात विधायक और एक एमएलसी के लिए डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये की दूसरी किस्त आ गई है। इसके पहले भी डेढ़-डेढ़ करोड़ की एक किस्त आई थी। उस समय एमएलसी व दो विधायकों ने प्रस्ताव नहीं दिए थे कि बजट कम है। अब दूसरी किस्त आने से तीन-तीन करोड़ रुपये हो गए हैं, ऐसे में बजट के सापेक्ष प्रस्ताव देने में तेजी आएगी। दो किस्तों में विधायक निधि में जिले को 24 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। माना जा रहा है कि इससे सड़कों के निर्माण में तेजी आएगी।
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता वीरेंद्र चौधरी ने बताया कि सड़कों की मरम्मत में तेजी लाई जा रही है। हर दिन हो रहे काम का निरीक्षण किया जा रहा है। जिन सड़कों का निर्माण अवशेष है उन्हें जल्द पूरा करा लिया जाएगा।
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पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की टीम सोमवार को फील्ड में दिखी, मगर काम की गति में सुधार होते नहीं दिख रहा है। ऐसे में 15 नवंबर तक दो हजार किलोमीटर सड़कें गड्ढामुक्त करना बड़ी चुनौती है। विभाग के अधिकारियों का जोर है कि हर दिन सौ से दो सौ किलोमीटर सड़कें गड्ढामुक्त हों तो समय के भीतर कार्य पूरा हो सकेगा।
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प्रदेश शासन ने अक्तूबर माह में ही गड्ढामुक्त सड़कों को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया था। बीते दिनों शासन स्तर पर हुई समीक्षा में जिले की 30 फीसदी सड़कों को ही गड्ढामुक्त पाया गया। इस पर शासन ने नाराजगी जताई तो काम में तेजी तो आई मगर जिस गति से काम हो रहा है उससे 15 नवंबर तक लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा है।
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सोमवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने गड्ढे वाली सड़कों की जांच के साथ ही काम का जायजा लिया। अधिकारियों ने जोर दिया कि करीब दो हजार से 1800 किलोमीटर लंबी गड्ढायुक्त सड़कों को दुरुस्त करने के लिए प्रतिदिन करीब सौ से डेढ़ सौ किलोमीटर सड़कों की मरम्मत होनी चाहिए। तभी 15 नवंबर तक काम पूरा होगा।
बताया जा रहा है कि वर्तमान में हर दिन 50 से 70 किलोमीटर सड़कों की ही मरम्मत हो पा रही है। इससे काम पूरा करने में समय लग रहा है। विभागीय अधिकारियों ने गड्ढायुक्त सड़कों का निरीक्षण करके जोर दिया कि समयबद्ध काम पूरा कराने का भरपूर प्रयास हो। इसकी नियमित निगरानी के लिए अवर अभियंताओं को जिम्मेदारी दी गई है। जिससे गड्ढे भरने में ढिलाई न होने पाए।
जले में सात विधायक और एक एमएलसी के लिए डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये की दूसरी किस्त आ गई है। इसके पहले भी डेढ़-डेढ़ करोड़ की एक किस्त आई थी। उस समय एमएलसी व दो विधायकों ने प्रस्ताव नहीं दिए थे कि बजट कम है। अब दूसरी किस्त आने से तीन-तीन करोड़ रुपये हो गए हैं, ऐसे में बजट के सापेक्ष प्रस्ताव देने में तेजी आएगी। दो किस्तों में विधायक निधि में जिले को 24 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। माना जा रहा है कि इससे सड़कों के निर्माण में तेजी आएगी।
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता वीरेंद्र चौधरी ने बताया कि सड़कों की मरम्मत में तेजी लाई जा रही है। हर दिन हो रहे काम का निरीक्षण किया जा रहा है। जिन सड़कों का निर्माण अवशेष है उन्हें जल्द पूरा करा लिया जाएगा।