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उल्टी-दस्त से दो बच्चियों की मौत, कई बीमार
amar ujala
Updated Fri, 08 Sep 2017 10:11 PM IST
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स्थानीय थाना क्षेत्र के जद्दापुर गांव में उल्टी-दस्त की चपेट में आकर छह दिनों के अंदर दो बच्चियों की मौत हो चुकी है। गांव में कई लोग संक्रामक रोग की चपेट में हैं। गंभीर हालत में पांच लोगों को इलाज के लिए सीएचसी तुलसीपुर में भर्ती कराया गया है।
जद्दापुर गांव में बाढ़ खत्म होने के बाद संक्रामक रोग का प्रकोप करीब एक सप्ताह से फैला है। गत तीन सितंबर को गांव में धनीराम की आठ वर्षीय पुत्री कृष्णावती की उल्टी-दस्त से मौत हो गई है। इसी गांव के रहने वाले मंगल की बेटी निर्मला (8) ने बुधवार शाम दम तोड़ दिया।
मंगल की पत्नी राज कुमारी, बेटी राधिका तथा जुड़वा बच्चे राधा व कन्हैया को गंभीर हालत में इलाज के लिए तुलसीपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया है। सूरज प्रकाश की पत्नी सुनीता (28) को भी उल्टी, दस्त की इलाज के लिए शुक्रवार को सीएचसी तुलसीपुर में लगाया गया है।
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सीएचसी अधीक्षक तुलसीपुर का दावा है कि मामले की सूचना मिलने पर शुक्रवार को सीएमओ डा. घनश्याम सिंह के निर्देश पर डा. तुफैल, डा. मुर्तजा और डा. मनीष प्रताप सिंह की टीम गांव में गई थी। सभी गंभीर मरीजों को एंबुलेंस से अस्पताल में लाया गया है। गांव में क्लोरीन की गोलियां बांटी गई हैं।
लोगों को पानी उबालकर पीने तथा साफ-सफाई से रहने की हिदायत दी गई है। सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि बच्चियों की मौत पेचिस व उल्टी के चलते हुई है। सीएमओ ने बताया कि गांव में टीम भेजकर बीमारी पर काबू करने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं। गांव के सेक्रेटरी सिराजुल हक खां ने बताया कि गांव की एएनएम सहाना रिजवी को करीब एक सप्ताह पहले गांव की सफाई के लिए करीब 10 हजार का बजट खाते में भेज दिया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि एएनएम गांव में आई ही नहीं।
जद्दापुर गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम व एंबुलेंस भेजकर उल्टी-दस्त से पीड़ित लोगों को अस्पताल पहुंचाने के दावों की पोल शुक्रवार शाम को ही खुल गई। शाम के समय गांव के मंगल प्रसाद अपने 15 वर्षीय बेटे साधू को उल्टी, दस्त से पीड़ित होने पर इलाज के लिए साइकिल से लादकर अस्पताल लेकर जा रहे थे। पूछने पर पता चला कि कुछ देर बाद ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव से चली गई। मंगल प्रसाद ने बताया कि वह अपने बेटे को लेकर साइकिल से अस्पताल जा रहे हैं।
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जद्दापुर गांव में बाढ़ खत्म होने के बाद संक्रामक रोग का प्रकोप करीब एक सप्ताह से फैला है। गत तीन सितंबर को गांव में धनीराम की आठ वर्षीय पुत्री कृष्णावती की उल्टी-दस्त से मौत हो गई है। इसी गांव के रहने वाले मंगल की बेटी निर्मला (8) ने बुधवार शाम दम तोड़ दिया।
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मंगल की पत्नी राज कुमारी, बेटी राधिका तथा जुड़वा बच्चे राधा व कन्हैया को गंभीर हालत में इलाज के लिए तुलसीपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया है। सूरज प्रकाश की पत्नी सुनीता (28) को भी उल्टी, दस्त की इलाज के लिए शुक्रवार को सीएचसी तुलसीपुर में लगाया गया है।
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सीएचसी अधीक्षक तुलसीपुर का दावा है कि मामले की सूचना मिलने पर शुक्रवार को सीएमओ डा. घनश्याम सिंह के निर्देश पर डा. तुफैल, डा. मुर्तजा और डा. मनीष प्रताप सिंह की टीम गांव में गई थी। सभी गंभीर मरीजों को एंबुलेंस से अस्पताल में लाया गया है। गांव में क्लोरीन की गोलियां बांटी गई हैं।
लोगों को पानी उबालकर पीने तथा साफ-सफाई से रहने की हिदायत दी गई है। सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि बच्चियों की मौत पेचिस व उल्टी के चलते हुई है। सीएमओ ने बताया कि गांव में टीम भेजकर बीमारी पर काबू करने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं। गांव के सेक्रेटरी सिराजुल हक खां ने बताया कि गांव की एएनएम सहाना रिजवी को करीब एक सप्ताह पहले गांव की सफाई के लिए करीब 10 हजार का बजट खाते में भेज दिया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि एएनएम गांव में आई ही नहीं।
जद्दापुर गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम व एंबुलेंस भेजकर उल्टी-दस्त से पीड़ित लोगों को अस्पताल पहुंचाने के दावों की पोल शुक्रवार शाम को ही खुल गई। शाम के समय गांव के मंगल प्रसाद अपने 15 वर्षीय बेटे साधू को उल्टी, दस्त से पीड़ित होने पर इलाज के लिए साइकिल से लादकर अस्पताल लेकर जा रहे थे। पूछने पर पता चला कि कुछ देर बाद ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव से चली गई। मंगल प्रसाद ने बताया कि वह अपने बेटे को लेकर साइकिल से अस्पताल जा रहे हैं।