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डेंगू से दो लोगों की मौत, 12 चपेट में
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2015 10:50 PM IST
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नगरीय क्षेत्र करनैलगंज के साथ ही तहसील के कई गांवों में डेंगू ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार देर रात पिपरी व कुम्हौरा गांव के डेंगू पीड़ित दो मरीजों की लखनऊ में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं, डेंगू से ही पीड़ित करनैलगंज क्षेत्र के करीब एक दर्जन लोगों का इलाज अभी भी लखनऊ के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
उधर, करनैलगंज का पूरा गांधीनगर मोहल्ला अलग-अलग तरह के बुखार से पीड़ित मरीजों का गढ़ बन गया है। जहां इनकी संख्या आसपास दो दर्जन गांवों को मिलाकर पांच सौ से भी ऊपर है।
करनैलगंज इलाके में गांव हो या शहर हर तरफ बुखार से पीड़ित मरीजों की डॉक्टरों के क्लीनिक पर लंबी कतारें लगी हैं। क्षेत्र में अलग-अलग तरीके के बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या हजारों में है।
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डेंगू से पीड़ित सकरौरा निवासी शाहिदा बेगम, गाड़ी बाजार निवासी पिंटू मिश्रा, सकरौरा के अशोक सिंह, रबी पुत्र रमेश कुमार, गांधी नगर निवासी अजीत दीक्षित व उनकी पत्नी मालती देवी, पुत्री वर्षिका, मोहल्ला बालूगंज निवासी शिक्षक गणेश प्रसाद तिवारी तथा शिक्षक नरेंद्र बहादुर सिंह का पुत्र शुभम, ग्राम जहांगिरवा के लल्लू पुत्र ओम प्रकाश, मुंडेरवा गांव निवासी प्रिंस तिवारी पुत्र सुरेश, कौशलेंद्र प्रताप पुत्र रमेश सहित कुछ अन्य लोग अपना इलाज लखनऊ के अलग-अलग अस्पतालों में करा रहे हैं।
वहीं, डेंगू से पीड़ित पिपरी गांव निवासी श्रीनाथ के 10 वर्षीय पुत्र अंकुर की बीते दिनों लखनऊ के लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि कुम्हौरा गांव निवासी जगदीश की पत्नी राधा (40) को भी परिवारीजनों ने बीते दिनों डेंगू से पीड़ित होने पर लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
इसके अलावा अस्पताल परिसर निवासी तारा (50), गांधी नगर निवासी वेद प्रकाश मिश्रा, ज्ञान प्रकाश मिश्रा, सत्यपाल मौर्या बरगदी, सरिता मौर्या मेंहदीहाता, बस स्टाप निवासी पूर्णिमा गोस्वामी, अजीत गोस्वामी कुवरपुर अमरहा, राम रतन शनिचरापुर, सचिन ठकुराइन पुरवा, बाबादीन, हनुमान, उदयभान, आस्था ग्राम करुवा, रसीद खां, किरन, प्रिया, शिवम, पूजा पुरवार, लक्ष्मी पुरवार, विमल गुप्ता, बल्देव प्रसाद पांडेय निवासी गाड़ीबाजार, मो. सुएब व सन्नो, कस्तूरी निवासी सोनू, चतरौली निवासी कान्ती, ननकुना, रुदौलिया निवासी बब्लू, सकरौरा निवासी सहदेव सहित मोहल्ला गांधी नगर में अलग-अलग तरह के बुखार से सैकड़ों की संख्या में लोग पीड़ित हैं।
डेंगू से मरने वालों के संबंध में न तो कोई जानकारी है और न ही ऐसा कोई मरीज उनके पास इलाज के लिए आया। हां यह जरूर है कि एक-डेढ़ हफ्ते से बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसमें वायरल, मलेरिया व टाइफाइड के मरीजों की अधिकता है।
खून की जांच के बाद जो मरीज गंभीर बुखार से पीड़ित पाए जाते हैं, उन्हें गोंडा या फिर लखनऊ के लिए रेफर कर दिया जाता है। नगर क्षेत्र के जिन मोहल्लों में बुखार से सबसे ज्यादा पीड़ित हैं, वहां लगातार कीटनाशक के छिड़काव के अलावा दवाओं का वितरण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
यह करें उपाय
- मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी लगाकर सोएं।
- आसपास किसी भी जगह पानी का ठहराव न होने दें।
- शुद्ध पानी पीयें, खानपान की वस्तुओं को ढंक कर रखें।
- डॉक्टर की सलाह के बगैर दवाओं का सेवन न करें।
- उल्टी, बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, खुजलाहट इत्यादि की समस्या होने पर चिकित्सक से मिलें।
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उधर, करनैलगंज का पूरा गांधीनगर मोहल्ला अलग-अलग तरह के बुखार से पीड़ित मरीजों का गढ़ बन गया है। जहां इनकी संख्या आसपास दो दर्जन गांवों को मिलाकर पांच सौ से भी ऊपर है।
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करनैलगंज इलाके में गांव हो या शहर हर तरफ बुखार से पीड़ित मरीजों की डॉक्टरों के क्लीनिक पर लंबी कतारें लगी हैं। क्षेत्र में अलग-अलग तरीके के बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या हजारों में है।
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डेंगू से पीड़ित सकरौरा निवासी शाहिदा बेगम, गाड़ी बाजार निवासी पिंटू मिश्रा, सकरौरा के अशोक सिंह, रबी पुत्र रमेश कुमार, गांधी नगर निवासी अजीत दीक्षित व उनकी पत्नी मालती देवी, पुत्री वर्षिका, मोहल्ला बालूगंज निवासी शिक्षक गणेश प्रसाद तिवारी तथा शिक्षक नरेंद्र बहादुर सिंह का पुत्र शुभम, ग्राम जहांगिरवा के लल्लू पुत्र ओम प्रकाश, मुंडेरवा गांव निवासी प्रिंस तिवारी पुत्र सुरेश, कौशलेंद्र प्रताप पुत्र रमेश सहित कुछ अन्य लोग अपना इलाज लखनऊ के अलग-अलग अस्पतालों में करा रहे हैं।
वहीं, डेंगू से पीड़ित पिपरी गांव निवासी श्रीनाथ के 10 वर्षीय पुत्र अंकुर की बीते दिनों लखनऊ के लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि कुम्हौरा गांव निवासी जगदीश की पत्नी राधा (40) को भी परिवारीजनों ने बीते दिनों डेंगू से पीड़ित होने पर लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
इसके अलावा अस्पताल परिसर निवासी तारा (50), गांधी नगर निवासी वेद प्रकाश मिश्रा, ज्ञान प्रकाश मिश्रा, सत्यपाल मौर्या बरगदी, सरिता मौर्या मेंहदीहाता, बस स्टाप निवासी पूर्णिमा गोस्वामी, अजीत गोस्वामी कुवरपुर अमरहा, राम रतन शनिचरापुर, सचिन ठकुराइन पुरवा, बाबादीन, हनुमान, उदयभान, आस्था ग्राम करुवा, रसीद खां, किरन, प्रिया, शिवम, पूजा पुरवार, लक्ष्मी पुरवार, विमल गुप्ता, बल्देव प्रसाद पांडेय निवासी गाड़ीबाजार, मो. सुएब व सन्नो, कस्तूरी निवासी सोनू, चतरौली निवासी कान्ती, ननकुना, रुदौलिया निवासी बब्लू, सकरौरा निवासी सहदेव सहित मोहल्ला गांधी नगर में अलग-अलग तरह के बुखार से सैकड़ों की संख्या में लोग पीड़ित हैं।
डेंगू से मरने वालों के संबंध में न तो कोई जानकारी है और न ही ऐसा कोई मरीज उनके पास इलाज के लिए आया। हां यह जरूर है कि एक-डेढ़ हफ्ते से बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसमें वायरल, मलेरिया व टाइफाइड के मरीजों की अधिकता है।
खून की जांच के बाद जो मरीज गंभीर बुखार से पीड़ित पाए जाते हैं, उन्हें गोंडा या फिर लखनऊ के लिए रेफर कर दिया जाता है। नगर क्षेत्र के जिन मोहल्लों में बुखार से सबसे ज्यादा पीड़ित हैं, वहां लगातार कीटनाशक के छिड़काव के अलावा दवाओं का वितरण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
यह करें उपाय
- मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी लगाकर सोएं।
- आसपास किसी भी जगह पानी का ठहराव न होने दें।
- शुद्ध पानी पीयें, खानपान की वस्तुओं को ढंक कर रखें।
- डॉक्टर की सलाह के बगैर दवाओं का सेवन न करें।
- उल्टी, बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, खुजलाहट इत्यादि की समस्या होने पर चिकित्सक से मिलें।