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स्वचालित सिग्नल प्रणाली से सरपट दौड़ेंगी ट्रेनें
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गोंडा। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ डिवीजन ने ट्रेनों का सफर सुहाना बनाने की पहल की है। इसके तहत यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ ही कम समय में लंबी दूरी का सुरक्षित सफर कराने की तैयारी है। इसके लिए गोरखपुर कैंट से गोंडा होकर लखनऊ तक 272 किलोमीटर ट्रैक (रेलवे लाइन) को आटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस करने के लिए 434 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया है। प्रोजेक्ट पूरा होने से ट्रेनों का बेवजह ठहराव नहीं होगा।
लखनऊ डिवीजन के मंडल रेल प्रबंधक आदित्य कुमार ने बताया कि आटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। पहले चरण में गोरखपुर कैंट से गोंडा होकर लखनऊ तक 272 किलोमीटर रेलवे ट्रैक पर तथा दूसरे चरण में सीतापुर से बुढ़वल रेलवे स्टेशन के बीच 162 किलोमीटर ट्रैक पर अत्याधुनिक आटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाने का प्रस्ताव तैयार कर रेलवे बोर्ड के पास भेजा गया था।
रेलवे बोर्ड ने पहले चरण के काम के लिए 434 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इससे गोरखपुर कैंट से गोंडा होकर लखनऊ तक 272 किलोमीटर रेलवे ट्रैक को आटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस करने का काम शुरू कर दिया गया है।
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इस अत्याधुनिक सिस्टम से ट्रेनों की रफ्तार तो बढ़ेगी ही साथ में अधिक से अधिक ट्रेनों का संचालन होगा। ट्रेनों के बेवजह ठहराव भी नहीं होंगे।
गोरखपुर से गोंडा होते हुए लखनऊ जाने वाली ट्रेनों को आटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम से काफी राहत मिलेगी। अभी तक गोरखपुर से लखनऊ तक के सफर में पांच घंटे का समय लगता है। जबकि गोंडा से लखनऊ जाने में अभी करीब दो घंटे समय लगता है। ट्रैक के हाईटेक होने से यात्रियों का कम से कम एक घंटा समय बचेगा।
यही नहीं आटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम से सड़क मार्ग से चलने वाले लोगों को भी राहत मिलेगी। रास्ते में पड़ने वाले रेलवे क्रॉसिंग ज्यादा समय तक नहीं बंद रहेंगी, वह भी सिग्नल मिलते ही खुल जाएंगी। यही नहीं ट्रेनों की संख्या भी बढे़गी। अभी तक गोंडा रेलवे यार्ड में एक घंटे में मनकापुर की तरफ करीब चार ट्रेनों का संचालन होता है, ये ट्रेनें बढ़कर 10 हो जाएंगी।
रेलवे ट्रैक पर प्रत्येक एक किलोमीटर पर आटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाया जाएगा। जिससे ट्रेन के ड्राइवर को स्टेशन व यार्ड से निकलने के बाद सिग्नल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस सिस्टम से एक रूट पर एक ट्रेन के पीछे दूसरी और तीसरी ट्रेन का संचालन किया जाएगा। अधिक से अधिक सिग्नल लगाने का कार्य हो रहा है।
मंडल रेल प्रबंधक आदित्य कुमार ने बताया कि लखनऊ से गोंडा होकर गोरखपुर कैंट रेलवे स्टेशन तक 272 किलोमीटर रेलवे ट्रैक को 434 करोड़ रुपये की लागत से हाईटेक बनाया जाएगा। इसके तहत रेलवे ट्रैक को ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस करने का काम शुरू किया गया है। जल्द ही काम पूरा कर लिया जाएगा।
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लखनऊ डिवीजन के मंडल रेल प्रबंधक आदित्य कुमार ने बताया कि आटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। पहले चरण में गोरखपुर कैंट से गोंडा होकर लखनऊ तक 272 किलोमीटर रेलवे ट्रैक पर तथा दूसरे चरण में सीतापुर से बुढ़वल रेलवे स्टेशन के बीच 162 किलोमीटर ट्रैक पर अत्याधुनिक आटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाने का प्रस्ताव तैयार कर रेलवे बोर्ड के पास भेजा गया था।
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रेलवे बोर्ड ने पहले चरण के काम के लिए 434 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इससे गोरखपुर कैंट से गोंडा होकर लखनऊ तक 272 किलोमीटर रेलवे ट्रैक को आटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस करने का काम शुरू कर दिया गया है।
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इस अत्याधुनिक सिस्टम से ट्रेनों की रफ्तार तो बढ़ेगी ही साथ में अधिक से अधिक ट्रेनों का संचालन होगा। ट्रेनों के बेवजह ठहराव भी नहीं होंगे।
गोरखपुर से गोंडा होते हुए लखनऊ जाने वाली ट्रेनों को आटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम से काफी राहत मिलेगी। अभी तक गोरखपुर से लखनऊ तक के सफर में पांच घंटे का समय लगता है। जबकि गोंडा से लखनऊ जाने में अभी करीब दो घंटे समय लगता है। ट्रैक के हाईटेक होने से यात्रियों का कम से कम एक घंटा समय बचेगा।
यही नहीं आटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम से सड़क मार्ग से चलने वाले लोगों को भी राहत मिलेगी। रास्ते में पड़ने वाले रेलवे क्रॉसिंग ज्यादा समय तक नहीं बंद रहेंगी, वह भी सिग्नल मिलते ही खुल जाएंगी। यही नहीं ट्रेनों की संख्या भी बढे़गी। अभी तक गोंडा रेलवे यार्ड में एक घंटे में मनकापुर की तरफ करीब चार ट्रेनों का संचालन होता है, ये ट्रेनें बढ़कर 10 हो जाएंगी।
रेलवे ट्रैक पर प्रत्येक एक किलोमीटर पर आटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाया जाएगा। जिससे ट्रेन के ड्राइवर को स्टेशन व यार्ड से निकलने के बाद सिग्नल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस सिस्टम से एक रूट पर एक ट्रेन के पीछे दूसरी और तीसरी ट्रेन का संचालन किया जाएगा। अधिक से अधिक सिग्नल लगाने का कार्य हो रहा है।
मंडल रेल प्रबंधक आदित्य कुमार ने बताया कि लखनऊ से गोंडा होकर गोरखपुर कैंट रेलवे स्टेशन तक 272 किलोमीटर रेलवे ट्रैक को 434 करोड़ रुपये की लागत से हाईटेक बनाया जाएगा। इसके तहत रेलवे ट्रैक को ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस करने का काम शुरू किया गया है। जल्द ही काम पूरा कर लिया जाएगा।