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शिवपाल ने लिया बाढ़ का जायजा
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा
Updated Thu, 11 Aug 2016 11:33 PM IST
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महिला को राहत सामग्री देते शिवपाल
- फोटो : अमर उजाला
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घाघरा की बाढ़ व बांध की कटान का हवाई सर्वेक्षण करने पहुंचे सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव ने गुरुवार को पाल्हापुर में आयोजित एक सभा में कहा कि केंद्र की ढिलाई से एल्गिन-सरचड़ी बांध पर पक्का पुल नहीं बन सका है, जिससे बांध कट गया और सैकड़ों लोग बेघर हो गए। लेकिन चिंता करने की बात नहीं है अब इसे प्रदेश सरकार अपने बूते पर बनाएगी। इसके लिए एक बार फिर से डीपीआर तैयार करवाई जाएगी।
पाल्हापुर में आयोजित सभा में सिंचाई मंत्री ने कहा कि एल्गिन-चरसड़ी के किलोमीटर 9 से किलोमीटर 14 तक पांच किलोमीटर बांध को पक्का करने का जो वायदा उन्होंने यहां के लोगों से किया था। उसे अब तक वह इसलिए पूरा नहीं कर पाए हैं, क्योंकि केंद्र सरकार के जल संसाधन विभाग ने उन्हें बीते दो साल से एक भी पैसा नहीं दिया है।
यदि केंद्र ने मदद की होती तो आज चरसड़ी बांध न कटता और तबाही का यह मंजर देखने को नहीं मिलता। जिससे इसकी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) पर वह कोई काम नहीं कर पा रहे। जिससे वह खुद अपना वायदा पूरा नहीं कर पा रहे हैं। लेकिन जैसे ही बरसात का सीजन खत्म होता है।
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वैसे एक बार फिर से इसकी डीपीआर तैयार करके इसे बनाने की पहल जरूर की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद की तो इसके लिए जितना भी पैसा चाहिए होगा, उनकी सरकार बाढ़ पीड़ितों को देगी। खाना, कपड़ा लेकर उनके बच्चों की पढ़ाई लिखाई का सारा जिम्मा सरकार उठाएगी।
पसका से बलिया तक सरयू होगी घाघरा
पाल्हापुर बाढ़ चौकी पर गुरुवार को आयोजित एक कार्यक्रम में सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव ने खुले मंच से कहा कि परसपुर के पसका में जहां घाघरा नदी सरयू में मिलती है और बलिया तक जाती है, अबसे उसे घाघरा के बजाए सरयू कहकर संबोधित किया जाएगा। हालांकि अयोध्या में इस नदी का नाम पहले से ही सरयू है।
इनसेट
निहारीघाट पर बनेगा पांटून पुल
सिंचाई मंत्री ने मनिहारी घाट पर बनने वाले पांटून पुल के लिए पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को बाढ़ खत्म होते ही इसका काम तत्काल शुरू किए जाने को कहा है। जिससे बाढ़ खत्म होते ही इस पुल का लाभ लोगों को मिलने लगे।
यही नहीं सिंचाई मंत्री ने सरयू नदी की साफ-सफाई और नेपाल से छोड़े जाने वाले बाढ़ के पानी के लिए भी जल्द ही एक बड़ा प्रोजेक्ट तैयार करने का लोगों को भरोसा दिलाया। जिससे बाढ़ जैसी आपदा से निपटा जा सके। साथ ही एल्गिन-चरसड़ी बांध के किलोमीटर 9 से किलोमीटर 15 तक बंधे को पक्का करने का भी भरोसा दिलाया।
शासन से प्राप्त हुई पचास लाख की आपदा राहत धनराशि
बाढ़ से प्रभावित व्यक्तियों, परिवारों को राहत प्रदान किए जाने के लिए जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन के अनुरोध पर राज्य आपदा मोचक निधि से शासन की ओर से पचास लाख रुपये की धनराशि प्रदान कर दी गई है।
यह जानकारी देते हुए डीएम निरंजन ने बताया कि जिला प्रशासन के पास पूर्व में आपदा राहत के मद में बीस लाख रुपए की धनराशि थी जिससे राहत एवं बचाव कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने शासन से पचास लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की थी, जिसके क्रम में आपदा मोचक निधि से तत्काल प्रभाव से यह राशि प्राप्त हो गई है।
डीएम निरंजन ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र में राहत कार्य समुचित ढंग से किया जा रहा है। किसी भी स्तर पर बाढ़ पीड़ितों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। बाढ़ क्षेत्र में पीड़ितों को भोजन सामग्रियां, दवाइयां सहित सभी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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पाल्हापुर में आयोजित सभा में सिंचाई मंत्री ने कहा कि एल्गिन-चरसड़ी के किलोमीटर 9 से किलोमीटर 14 तक पांच किलोमीटर बांध को पक्का करने का जो वायदा उन्होंने यहां के लोगों से किया था। उसे अब तक वह इसलिए पूरा नहीं कर पाए हैं, क्योंकि केंद्र सरकार के जल संसाधन विभाग ने उन्हें बीते दो साल से एक भी पैसा नहीं दिया है।
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यदि केंद्र ने मदद की होती तो आज चरसड़ी बांध न कटता और तबाही का यह मंजर देखने को नहीं मिलता। जिससे इसकी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) पर वह कोई काम नहीं कर पा रहे। जिससे वह खुद अपना वायदा पूरा नहीं कर पा रहे हैं। लेकिन जैसे ही बरसात का सीजन खत्म होता है।
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वैसे एक बार फिर से इसकी डीपीआर तैयार करके इसे बनाने की पहल जरूर की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद की तो इसके लिए जितना भी पैसा चाहिए होगा, उनकी सरकार बाढ़ पीड़ितों को देगी। खाना, कपड़ा लेकर उनके बच्चों की पढ़ाई लिखाई का सारा जिम्मा सरकार उठाएगी।
पसका से बलिया तक सरयू होगी घाघरा
पाल्हापुर बाढ़ चौकी पर गुरुवार को आयोजित एक कार्यक्रम में सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव ने खुले मंच से कहा कि परसपुर के पसका में जहां घाघरा नदी सरयू में मिलती है और बलिया तक जाती है, अबसे उसे घाघरा के बजाए सरयू कहकर संबोधित किया जाएगा। हालांकि अयोध्या में इस नदी का नाम पहले से ही सरयू है।
इनसेट
निहारीघाट पर बनेगा पांटून पुल
सिंचाई मंत्री ने मनिहारी घाट पर बनने वाले पांटून पुल के लिए पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को बाढ़ खत्म होते ही इसका काम तत्काल शुरू किए जाने को कहा है। जिससे बाढ़ खत्म होते ही इस पुल का लाभ लोगों को मिलने लगे।
यही नहीं सिंचाई मंत्री ने सरयू नदी की साफ-सफाई और नेपाल से छोड़े जाने वाले बाढ़ के पानी के लिए भी जल्द ही एक बड़ा प्रोजेक्ट तैयार करने का लोगों को भरोसा दिलाया। जिससे बाढ़ जैसी आपदा से निपटा जा सके। साथ ही एल्गिन-चरसड़ी बांध के किलोमीटर 9 से किलोमीटर 15 तक बंधे को पक्का करने का भी भरोसा दिलाया।
शासन से प्राप्त हुई पचास लाख की आपदा राहत धनराशि
बाढ़ से प्रभावित व्यक्तियों, परिवारों को राहत प्रदान किए जाने के लिए जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन के अनुरोध पर राज्य आपदा मोचक निधि से शासन की ओर से पचास लाख रुपये की धनराशि प्रदान कर दी गई है।
यह जानकारी देते हुए डीएम निरंजन ने बताया कि जिला प्रशासन के पास पूर्व में आपदा राहत के मद में बीस लाख रुपए की धनराशि थी जिससे राहत एवं बचाव कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने शासन से पचास लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की थी, जिसके क्रम में आपदा मोचक निधि से तत्काल प्रभाव से यह राशि प्राप्त हो गई है।
डीएम निरंजन ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र में राहत कार्य समुचित ढंग से किया जा रहा है। किसी भी स्तर पर बाढ़ पीड़ितों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। बाढ़ क्षेत्र में पीड़ितों को भोजन सामग्रियां, दवाइयां सहित सभी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।