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तीन लोगों को आजीवन कारावास
अमर उजाला/गोंडा
Updated Sat, 22 Oct 2016 11:36 PM IST
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jail shimla
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मेराज सद्दाम की लाठी-डंडे से पीटकर हत्या करने के आरोपी दंपती समेत तीन लोगाें को अपर सत्र न्यायाधीश/द्रुतगामी न्यायालय द्वितीय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
शासकीय अधिवक्ता विनयकुमार सिंह के मुताबिक नवाबगंज थाना क्षेत्र के खड़ौवा गांव के रहने वाले मो. याकूब उर्फ भुल्लन ने दो अगस्त 2014 को थाना नवाबगंज में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि दो अगस्त 2014 की रात आठ बजे उसका बेटा मेराज उर्फ सद्दाम मुंबई से घर आ रहा था।
भुल्लन व उसका दूसरा बेटा सेराज व उसकी पत्नी मेराज को साथ में लेकर हैदराबाद से घर आ रहे थे। वे सभी गांव के छेदी के घर के सामने पहुंचे थे, तभी घात लगाए बैठे छेदी उर्फ विनोद, उसकी पत्नी गिरजा देवी व किशुन पुत्र स्वरूप ने लाठी-डंडा लेकर मेराज पर हमला कर दिया। वह जान बचाकर भागा तो तीनों ने उसे दौड़ा लिया और धान के खेेत में पीटकर मरणासन्न कर दिया। मेराज की फैजाबाद अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।
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त्र परीक्षण के दौरान शासकीय अधिवक्ता ने अदालत पर गवाहों के बयान कराए। अपर सत्र न्यायाधीश/द्रुतगामी न्यायालय द्वितीय आरपी सिंह ने गवाहों के बयान को सुना व पत्रावली का अवलोकन कर आरोपी छेदी उर्फ विनोद, उसकी पत्नी गिरिजा व किशुन को मेराज उर्फ सद्दाम की हत्या के आरोप में दोष सिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अर्थदंड की कुल धनराशि में सेे आधी धनराशि याकूब उर्फ भुल्लन को देने के आदेश दिए है।
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शासकीय अधिवक्ता विनयकुमार सिंह के मुताबिक नवाबगंज थाना क्षेत्र के खड़ौवा गांव के रहने वाले मो. याकूब उर्फ भुल्लन ने दो अगस्त 2014 को थाना नवाबगंज में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि दो अगस्त 2014 की रात आठ बजे उसका बेटा मेराज उर्फ सद्दाम मुंबई से घर आ रहा था।
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भुल्लन व उसका दूसरा बेटा सेराज व उसकी पत्नी मेराज को साथ में लेकर हैदराबाद से घर आ रहे थे। वे सभी गांव के छेदी के घर के सामने पहुंचे थे, तभी घात लगाए बैठे छेदी उर्फ विनोद, उसकी पत्नी गिरजा देवी व किशुन पुत्र स्वरूप ने लाठी-डंडा लेकर मेराज पर हमला कर दिया। वह जान बचाकर भागा तो तीनों ने उसे दौड़ा लिया और धान के खेेत में पीटकर मरणासन्न कर दिया। मेराज की फैजाबाद अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।
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त्र परीक्षण के दौरान शासकीय अधिवक्ता ने अदालत पर गवाहों के बयान कराए। अपर सत्र न्यायाधीश/द्रुतगामी न्यायालय द्वितीय आरपी सिंह ने गवाहों के बयान को सुना व पत्रावली का अवलोकन कर आरोपी छेदी उर्फ विनोद, उसकी पत्नी गिरिजा व किशुन को मेराज उर्फ सद्दाम की हत्या के आरोप में दोष सिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अर्थदंड की कुल धनराशि में सेे आधी धनराशि याकूब उर्फ भुल्लन को देने के आदेश दिए है।