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मनरेगा घोटाले में तीन और मुकदमे दर्ज

Fri, 13 Sep 2019 09:54 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 13 Sep 2019 09:54 PM IST
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Three more cases filed in MNREGA scam
गोंडा। कटरा बाजार के तीन गांवों में मनरेगा घोटाला और उजागर हुआ है। तीनों गावों की 14 परियोजनाओं में बिना कार्य कराए ही 51 लाख रुपये का बजट निकालने का मामला सामने आया था। जुलाई में मुख्य विकास अधिकारी आशीष कुमार ने अधिकारियों की टीम के साथ मौके की जांच की और पाया कि बड़े पैमाने पर अधिकारियों ने मिलीभगत करके बिना सड़क निर्माण (इंटरलॉकिंग) का कार्य कराए ही भुगतान निकाल लिया। इस मामले में पंचायत स्तर के अधिकारियों के विरुद्ध निलबंन की कार्रवाई की गई थी। अब तीनों मामलों की अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई गई है। कटरा बाजार की मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी पुष्पा वर्मा को एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया गया और देर शाम को कटरा बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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कटरा बाजार में मनरेगा घोटाले में कार्रवाई का सिलसिला जारी है। जिलाधिकारी डॉ. नितिन बसंल ने बौनापुर, पूरे बदल, बनगांव में हुए घोटाले में मुकदमा दर्ज कराने का आदेश जारी किया। सीडीओ ने कार्यक्रम अधिकारी को बुलाकर एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने भेज दिया। कटरा बाजार में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। जिसमें बनगावं में 8 परियोजाओं का बिना कार्य कराए ही 22.80 लाख रुपये का भुगतान निकाले जाने का मामला सामने आया। बिना कार्य के ही इतनी बड़ी धनराशि निकाले जाने में तत्कालीन खंड विकास अधिकारी अनिरुद्ध प्रताप सिंह समेत आधा दर्जन कर्मचारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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इसी तरह पूरे बदल गांव में 4 परियोजनाओं पर 7.14 लाख रुपये का बजट बिना कार्य कराए ही निकाल लिया गया। बौनापुर में भी दो परियोजनाओं पर ही बिना कार्य कराए ही 7.02 लाख रुपये का बजट निकाल लिए जाने की बात सामने आई। इसके अलावा कई कार्यों पर हेराफेरी की बात सामने आई है। जांच के दौरान कार्यस्थल का सत्यापन किया गया तो चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए। इंटरलॉकिंग निर्माण के लिए जिस सामग्री के नाम पर फर्मों को भुगतान किया गया, उन फार्मों की ओर से कोई सामग्री थी ही नहीं। इस पर कार्य प्रभारियों से जवाब भी मांगा गया लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
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इस पर कार्य प्रभारी ग्राम विकास अधिकारी पवन गुप्त व बृजेश तिवारी को निलंबित किया गया। इसके बाद पूरे मामले में शामिल लोगों की जांच में तीनों गांवों के रोजगार सेवकों की भूमिका भी सामने आई। तीनों मामलों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज हुई है। मामले में पूर्व बीडीओ अनिरुद्ध प्रताप सिंह, कार्य प्रभारी पवन गुप्ता, बृजेश कुमार तिवारी, लेखाकार कृष्ण कुमार मिश्र व तकनीकी सहायक व रोजगार सेवक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। कार्यक्रम अधिकारी पुष्पा वर्मा ने बताया कि मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
मनरेगा घपले की तहरीर कार्यक्रम अधिकारी ने दी है और मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एफआईआर दर्ज करने के साथ ही मामले की विवेचना शुुरू कर हो गई है। -मनोज कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक कटरा बाजार

मनरेगा घपले में दोषियों को कतई बख्शा नही जाएगा। जांच हो रहा है जहां भी घपला उजागर होगा कार्रवाई के साथ ही मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। -आशीष कुमार, सीडीओ
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