{"_id":"e20bce3cf3a79c0956baaff552878114","slug":"three-children-were-found-abandoned-at-a-railway-station-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे स्टेशन पर लावारिस मिले तीन बालक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे स्टेशन पर लावारिस मिले तीन बालक
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Dec 2015 10:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली व बाराबंकी के एक मदरसे से भागे तीन बालक शुक्रवार देर रात रेलवे स्टेशन गोंडा के प्लेटफॉर्म पर जीआरपी को लावारिस हालत में मिले। जीआरपी ने उन्हें कृष्णा चाइल्ड लाइन के माध्यम से बाल शिशु गृह में संरक्षित कराया है।
बाल शिशु गृह की अधीक्षिका सपना श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार देर रात रेलवे स्टेशन गोंडा के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर तीन बालक लावारिस हालत में घूम रहे थे। जीआरपी की नजर उन पर पड़ी तो वह तीनों बालकों को अपने साथ थाने ले आई।
पूछताछ में बालकों ने अपना नाम कुलदीप यादव (10) पुत्र जगजीवन यादव निवासी जनपद बलरामपुर, वसीक अहमद (10) निवासी बाराबंकी व तावीस अहमद (7) निवासी भागलपुर बिहार बताया।
विज्ञापन
जीआरपी ने तीनों बालकों को कृष्णा चाइल्ड लाइन के माध्यम से बाल शिशु गृह में संरक्षित कराया है। बाल शिशु गृह की अधीक्षिका ने बताया कि तीनों बालक अपना पूरा पता नहीं बता पा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पूछताछ में कुलदीप यादव ने कहा कि वह अपने चाचा के साथ दिल्ली में रहकर घर का काम करता था। वहां से घर जाने के लिए भाग आया।
अधीक्षिका के मुताबिक वसीक अहमद व ताबीस अहमद ने बताया कि दोनों बाराबंकी के एक मदरसे में पढ़ते थे। वहां से भागकर घर जा रहे थे।
विज्ञापन
बाल शिशु गृह की अधीक्षिका सपना श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार देर रात रेलवे स्टेशन गोंडा के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर तीन बालक लावारिस हालत में घूम रहे थे। जीआरपी की नजर उन पर पड़ी तो वह तीनों बालकों को अपने साथ थाने ले आई।
विज्ञापन
पूछताछ में बालकों ने अपना नाम कुलदीप यादव (10) पुत्र जगजीवन यादव निवासी जनपद बलरामपुर, वसीक अहमद (10) निवासी बाराबंकी व तावीस अहमद (7) निवासी भागलपुर बिहार बताया।
विज्ञापन
जीआरपी ने तीनों बालकों को कृष्णा चाइल्ड लाइन के माध्यम से बाल शिशु गृह में संरक्षित कराया है। बाल शिशु गृह की अधीक्षिका ने बताया कि तीनों बालक अपना पूरा पता नहीं बता पा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पूछताछ में कुलदीप यादव ने कहा कि वह अपने चाचा के साथ दिल्ली में रहकर घर का काम करता था। वहां से घर जाने के लिए भाग आया।
अधीक्षिका के मुताबिक वसीक अहमद व ताबीस अहमद ने बताया कि दोनों बाराबंकी के एक मदरसे में पढ़ते थे। वहां से भागकर घर जा रहे थे।