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Gonda News: इस्राइल में रह रहे अपनों की सता रही चिंता
Tue, 24 Jun 2025 12:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 24 Jun 2025 12:10 AM IST
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तरबगंज (गोंडा)। तरबगंज के सेझिया व सिंगहाचंदा गांव के कुछ लोग रोजी-रोटी के चक्कर में इस्राइल में रह रहे हैं। इस्राइल व ईरान के बीच करीब एक पखवाड़े से चल रहे संघर्ष व बमबारी के चलते गांव में रह रहे परिजन चिंतित हैं। हालांकि फोन पर बातचीत में यहां के कामगार इस्राइल की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतरीन बता रहे हैं। सिंगहाचंदा के मजरा लालमनि पुरवा निवासी छविलाल मौर्य करीब एक साल से इस्राइल में रह रहे हैं। घर में उनके माता-पिता, पत्नी, बेटे व भाई रहते हैं।
माता केवला देवी व पिता मोतीलाल ने बताया कि बेटे छविलाल से हर दिन फोन पर बात होती है। कुशलता को लेकर वह निश्चिंत रहने को कहते हैं। सेझिया निवासी रमेश साहनी बीते साल जुलाई में इस्राइल गए थे। घर में पत्नी रंभा देवी व चार बेटियां हैं। पत्नी ने बताया कि रमेश इसके पहले ओमान में रहते थे। वह पहली बार इस्राइल गए हैं। ईरान से हो रही जंग के चलते मन व्यथित रहता है, लेकिन पति ने बताया कि चिंता की कोई जरूरत नहीं है। सेझिया गांव के ही रहने वाले प्रहलाद भी एक साल से इस्राइल के नेतानिया में हैं। घर में माता-पिता, पत्नी व तीन बेटी एक बेटा है। हर दिन फोन पर बात होती है व सभी फिक्रमंद रहते हैं।
मोबाइल पर अलर्ट आजे ही छिपते हैं बंकर मेंसिंगहाचंदा निवासी छविलाल मौर्य ने बताया कि वह इस्राइल के बेतियाम शहर में काम करते हैं। ईरान से छोड़ी गई मिसाइलें उन्हें साफ तौर पर आसमान में दिखाई देती हैं। वहीं इसकी सूचना उनके मोबाइल फोन में तत्काल मिल जाती है। बंकर में जाकर छिप जाते हैं। बताया कि सुरक्षा के इंतजाम बेहतर हैं। ऐसे में कोई खतरा नहीं महसूस होता है।
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अलार्म बजते ही हो जाते हैं सचेत
सेझिया निवासी रमेश साहनी ने बताया कि वह इस्राइल के नजारत सिटी के मरकजा मार्केट में हैं। सभी लोगों ने मोबाइल में एक एप डाउनलोड कर रखा है। उसी पर खतरे का अलार्म बजते ही सभी सचेत हो जाते हैं। कुछ ही दूर बने बंकर में कुछ देर छिपना होता है। फिर बाहर निकलकर अपने कार्य में लग जाते हैं। उन्होंने बताया कि वह एक मॉल में काम करते हैं और समूह में रहते हैं। बताया अब तक ईरान की मिसाइलें ज्यादातर तेलअवीव व हाइफा सिटी के पास ही गिरी हैं जो कि उनके यहां से 50-120 किमी दूर है। कहा कि सुरक्षा को लेकर कहीं कोई दिक्कत नहीं महसूस होती है।
40 किमी. दूर गिरी थी मिसाइल
सेझिया के ही रहने वाले प्रहलाद ने बताया कि वह इस्राइल के नेतानिया में हैं। टाइल पत्थर का कार्य करते हैं। ईरान से चल रहे युद्ध के बीच कार्य प्रभावित जरूर हुआ है लेकिन सुरक्षा को लेकर कोई विशेष खतरा नहीं है। मिसाइलें करीब चालीस किमी दूर पर गिरी हैं। उन्होंने बताया कि करीब 150 मीटर दूर पर ही बंकर है। मोबाइल पर सूचना मिलते ही बंकर में छिप जाते हैं। अगर कोई घर जाना चाहता है तो उसे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होता है और फिर उसे भिजवाने का काम इस्राइल सरकार करेगी लेकिन अभी घर आने की उनकी कोई तैयारी नहीं है
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माता केवला देवी व पिता मोतीलाल ने बताया कि बेटे छविलाल से हर दिन फोन पर बात होती है। कुशलता को लेकर वह निश्चिंत रहने को कहते हैं। सेझिया निवासी रमेश साहनी बीते साल जुलाई में इस्राइल गए थे। घर में पत्नी रंभा देवी व चार बेटियां हैं। पत्नी ने बताया कि रमेश इसके पहले ओमान में रहते थे। वह पहली बार इस्राइल गए हैं। ईरान से हो रही जंग के चलते मन व्यथित रहता है, लेकिन पति ने बताया कि चिंता की कोई जरूरत नहीं है। सेझिया गांव के ही रहने वाले प्रहलाद भी एक साल से इस्राइल के नेतानिया में हैं। घर में माता-पिता, पत्नी व तीन बेटी एक बेटा है। हर दिन फोन पर बात होती है व सभी फिक्रमंद रहते हैं।
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मोबाइल पर अलर्ट आजे ही छिपते हैं बंकर मेंसिंगहाचंदा निवासी छविलाल मौर्य ने बताया कि वह इस्राइल के बेतियाम शहर में काम करते हैं। ईरान से छोड़ी गई मिसाइलें उन्हें साफ तौर पर आसमान में दिखाई देती हैं। वहीं इसकी सूचना उनके मोबाइल फोन में तत्काल मिल जाती है। बंकर में जाकर छिप जाते हैं। बताया कि सुरक्षा के इंतजाम बेहतर हैं। ऐसे में कोई खतरा नहीं महसूस होता है।
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अलार्म बजते ही हो जाते हैं सचेत
सेझिया निवासी रमेश साहनी ने बताया कि वह इस्राइल के नजारत सिटी के मरकजा मार्केट में हैं। सभी लोगों ने मोबाइल में एक एप डाउनलोड कर रखा है। उसी पर खतरे का अलार्म बजते ही सभी सचेत हो जाते हैं। कुछ ही दूर बने बंकर में कुछ देर छिपना होता है। फिर बाहर निकलकर अपने कार्य में लग जाते हैं। उन्होंने बताया कि वह एक मॉल में काम करते हैं और समूह में रहते हैं। बताया अब तक ईरान की मिसाइलें ज्यादातर तेलअवीव व हाइफा सिटी के पास ही गिरी हैं जो कि उनके यहां से 50-120 किमी दूर है। कहा कि सुरक्षा को लेकर कहीं कोई दिक्कत नहीं महसूस होती है।
40 किमी. दूर गिरी थी मिसाइल
सेझिया के ही रहने वाले प्रहलाद ने बताया कि वह इस्राइल के नेतानिया में हैं। टाइल पत्थर का कार्य करते हैं। ईरान से चल रहे युद्ध के बीच कार्य प्रभावित जरूर हुआ है लेकिन सुरक्षा को लेकर कोई विशेष खतरा नहीं है। मिसाइलें करीब चालीस किमी दूर पर गिरी हैं। उन्होंने बताया कि करीब 150 मीटर दूर पर ही बंकर है। मोबाइल पर सूचना मिलते ही बंकर में छिप जाते हैं। अगर कोई घर जाना चाहता है तो उसे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होता है और फिर उसे भिजवाने का काम इस्राइल सरकार करेगी लेकिन अभी घर आने की उनकी कोई तैयारी नहीं है