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Gonda News: घटते पानी के साथ सामने आई बाढ़ की असली मार
Sun, 04 Oct 2026 11:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 04 Oct 2026 11:36 PM IST
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ऐली परसौली में सड़ रही धान की फसल व साकीपुर में भरा पानी। - संवाद
उमरी बेगमगंज/विश्नोहरपुर। बाढ़ का पानी अब उतरने लगा है लेकिन नवाबगंज और तरबगंज के माझा क्षेत्र में मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं। खेतों से पानी हटने के साथ बाढ़ से हुई तबाही साफ दिखाई देने लगी है। कहीं धान की पूरी फसल चौपट हो गई तो कहीं खेत में गिरा गन्ना सड़ने लगा है। संपर्क मार्गों पर जमा कीचड़ से आवाजाही मुश्किल बनी हुई है।
रविवार सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 105.540 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 53 सेंटीमीटर नीचे है। अयोध्या में जलस्तर 92.150 मीटर रहा। दोनों स्थानों पर जलस्तर घटने का क्रम जारी है।
साकीपुर के किसान मोतीलाल और अमेरिका ने बताया कि उनकी करीब 30 बीघा धान की फसल पानी में डूबने से पूरी तरह खराब हो गई। खेत में खड़ा गन्ना भी पानी के कारण गिर गया है और अब सड़ने लगा है। दत्तनगर के रामकुबेर, मनोहर और शिवबचन ने बताया कि करीब 50 बीघा धान और 80 बीघा गन्ने की फसल पानी में डूबने से खराब हुई है।
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ब्योंदा माझा, माझाराठ और गोकुला में भी खेतों में बर्बाद फसल दिखाई दे रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, रिंग रोड के पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में पानी तेजी से घट रहा है लेकिन उत्तरी-पश्चिमी दिशा में पानी की निकासी धीमी है। कई रास्तों पर अब भी पानी और कीचड़ जमा है। पानी हटने के बाद कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
ऐली परसौली के पशुपालक राम सुमरिन और जगदंबा ने बताया कि बाढ़ से खेतों और घरों में रखा चारा खराब हो गया। भूसा नहीं मिलने से कई पशुपालक अपने मवेशियों को लेकर दूरदराज के गांवों में रहने को मजबूर हैं। हल्का लेखपाल अंकित कुमार ने बताया कि ऐली परसौली में 860 परिवारों को राहत किट का वितरण किया जा चुका है।
दलदल में फंस गईं दो गाय
ब्योंदा माझा में खेतों की ओर बने दलदल में दो गायें करीब दो दिन तक फंसी रहीं। रविवार सुबह जानकारी मिलने पर गांव के प्रशासक केशवराम यादव ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। राघवाराम, रामलौटन, राजकुमार, मनोज, खुशीराम, अंकित, रामलाल और छोटू समेत ग्रामीणों ने घंटों मशक्कत की। रस्सी के सहारे दोनों गायों को दलदल से निकाला गया। बाद में पशु चिकित्सक से उनका उपचार कराया गया।
प्रभावित इलाकों पर है पूरी नजर
एडीएम प्रमोद झा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों पर पूरी नजर रखी जा रही है। जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। राहत किट का वितरण किया जा रहा है। अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
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रविवार सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 105.540 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 53 सेंटीमीटर नीचे है। अयोध्या में जलस्तर 92.150 मीटर रहा। दोनों स्थानों पर जलस्तर घटने का क्रम जारी है।
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साकीपुर के किसान मोतीलाल और अमेरिका ने बताया कि उनकी करीब 30 बीघा धान की फसल पानी में डूबने से पूरी तरह खराब हो गई। खेत में खड़ा गन्ना भी पानी के कारण गिर गया है और अब सड़ने लगा है। दत्तनगर के रामकुबेर, मनोहर और शिवबचन ने बताया कि करीब 50 बीघा धान और 80 बीघा गन्ने की फसल पानी में डूबने से खराब हुई है।
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ब्योंदा माझा, माझाराठ और गोकुला में भी खेतों में बर्बाद फसल दिखाई दे रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, रिंग रोड के पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में पानी तेजी से घट रहा है लेकिन उत्तरी-पश्चिमी दिशा में पानी की निकासी धीमी है। कई रास्तों पर अब भी पानी और कीचड़ जमा है। पानी हटने के बाद कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
ऐली परसौली के पशुपालक राम सुमरिन और जगदंबा ने बताया कि बाढ़ से खेतों और घरों में रखा चारा खराब हो गया। भूसा नहीं मिलने से कई पशुपालक अपने मवेशियों को लेकर दूरदराज के गांवों में रहने को मजबूर हैं। हल्का लेखपाल अंकित कुमार ने बताया कि ऐली परसौली में 860 परिवारों को राहत किट का वितरण किया जा चुका है।
दलदल में फंस गईं दो गाय
ब्योंदा माझा में खेतों की ओर बने दलदल में दो गायें करीब दो दिन तक फंसी रहीं। रविवार सुबह जानकारी मिलने पर गांव के प्रशासक केशवराम यादव ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। राघवाराम, रामलौटन, राजकुमार, मनोज, खुशीराम, अंकित, रामलाल और छोटू समेत ग्रामीणों ने घंटों मशक्कत की। रस्सी के सहारे दोनों गायों को दलदल से निकाला गया। बाद में पशु चिकित्सक से उनका उपचार कराया गया।
प्रभावित इलाकों पर है पूरी नजर
एडीएम प्रमोद झा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों पर पूरी नजर रखी जा रही है। जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। राहत किट का वितरण किया जा रहा है। अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।

ऐली परसौली में सड़ रही धान की फसल व साकीपुर में भरा पानी। - संवाद