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Gonda News: पिंकी को पहचानने से शिक्षिकाओं ने किया इन्कार
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गाेंडा के बीएसए कार्यालय पहुंचीं कानपुर की पिंकी। - संवाद
गोंडा। झंझरी के प्राथमिक विद्यालय बैकुंठपुर में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के फर्जीवाड़े में पुलिस ने पहचान के लिए पिंकी को संबंधित स्कूल की शिक्षिकाओं के सामने पेश किया। मगर शिक्षिकाओं ने डेरापुर छतरसा निवासी पिंकी वर्मा को पहचाने से इन्कार कर दिया। ऐसे में पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है।
16 मई 2025 को झंझरी बीईओ डॉ. समय प्रकाश पाठक ने एसपी से शिकायत के बाद नगर कोतवाली में तहरीर दी थी। पुलिस को बताया था कि 12 सितंबर 2018 को छतरसा डेरापुर रमाबाईनगर निवासी पिंकी वर्मा की नियुक्ति झंझरी के प्राथमिक विद्यालय बैकुंठपुर में हुई थी। टीईटी प्रमाणपत्र कूटरचित पाए जाने पर बीएसए की ओर से सेवा से बर्खास्त करते हुए एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। बीईओ की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।
सोमवार को मामले के विवेचक ने पिंकी वर्मा को पहले बीएसए कार्यालय के बाद संबंधित स्कूल ले जाकर पहचान कराने की कोशिश की। विवेचक अजय कुमार तिवारी ने बताया कि पिंकी वर्मा को संबंधित स्कूल की शिक्षिकाओं ने पहचानने से इन्कार कर दिया। पिंकी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वर्ष 2018 में बीएसए कार्यालय में सहायक अध्यापक पद पर काउंसिलिंग प्रक्रिया में प्रतिभाग किया, मगर विभाग की ओर से उन्हें न तो नियुक्ति पत्र दिया गया और न ही चयन की कोई जानकारी दी गई। विभाग की ओर से उनके घर बर्खास्तगी का नोटिस पहुंचा तो उन्हें चयन की जानकारी हो सकी। इसके बाद बीएसए कार्यालय पहुंचकर सहायक अध्यापक पद के चयन की मांग की, मगर विभाग ने उनके ही खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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बड़े फर्जीवाड़े की आशंका
विवेचक अजय कुमार तिवारी ने बताया कि महिला ने मूल पिंकी होने का दावा पेश किया है। वहीं, अपने दस्तावेजों की पुष्टि की है और विभाग से नौकरी की मांग कर रही है। हालांकि पिंकी के स्थान पर किसे जॉइन करा दिया गया, इन पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। फर्जीवाड़े में संलिप्तता की जानकारी जुटाई जा रही है। उनका कहना है कि नौकरी हासिल करने वाली पिंकी की तलाश की जा रही है।
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16 मई 2025 को झंझरी बीईओ डॉ. समय प्रकाश पाठक ने एसपी से शिकायत के बाद नगर कोतवाली में तहरीर दी थी। पुलिस को बताया था कि 12 सितंबर 2018 को छतरसा डेरापुर रमाबाईनगर निवासी पिंकी वर्मा की नियुक्ति झंझरी के प्राथमिक विद्यालय बैकुंठपुर में हुई थी। टीईटी प्रमाणपत्र कूटरचित पाए जाने पर बीएसए की ओर से सेवा से बर्खास्त करते हुए एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। बीईओ की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।
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सोमवार को मामले के विवेचक ने पिंकी वर्मा को पहले बीएसए कार्यालय के बाद संबंधित स्कूल ले जाकर पहचान कराने की कोशिश की। विवेचक अजय कुमार तिवारी ने बताया कि पिंकी वर्मा को संबंधित स्कूल की शिक्षिकाओं ने पहचानने से इन्कार कर दिया। पिंकी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वर्ष 2018 में बीएसए कार्यालय में सहायक अध्यापक पद पर काउंसिलिंग प्रक्रिया में प्रतिभाग किया, मगर विभाग की ओर से उन्हें न तो नियुक्ति पत्र दिया गया और न ही चयन की कोई जानकारी दी गई। विभाग की ओर से उनके घर बर्खास्तगी का नोटिस पहुंचा तो उन्हें चयन की जानकारी हो सकी। इसके बाद बीएसए कार्यालय पहुंचकर सहायक अध्यापक पद के चयन की मांग की, मगर विभाग ने उनके ही खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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बड़े फर्जीवाड़े की आशंका
विवेचक अजय कुमार तिवारी ने बताया कि महिला ने मूल पिंकी होने का दावा पेश किया है। वहीं, अपने दस्तावेजों की पुष्टि की है और विभाग से नौकरी की मांग कर रही है। हालांकि पिंकी के स्थान पर किसे जॉइन करा दिया गया, इन पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। फर्जीवाड़े में संलिप्तता की जानकारी जुटाई जा रही है। उनका कहना है कि नौकरी हासिल करने वाली पिंकी की तलाश की जा रही है।