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Gonda News: मौतों का टूटा रिकॉर्ड, लेकिन जिम्मेदारों की नींद नहीं

Thu, 07 Aug 2025 11:34 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Thu, 07 Aug 2025 11:34 PM IST
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The record of deaths is broken, but the responsible people are not able to sleep
सिंचाई विभाग के पास बिना हेलमेट के फर्राटा भरते बाइक सवार युवक। - संवाद
गोंडा। जिले में किसी के पास न तो यातायात नियमों का पालन कराने का समय है और न ही किसी को पालन कराने की चिंता.. ऐसे में आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। वर्ष 2025 के जुलाई महीने में ही अब तक पिछले पांच साल में हुई मौतों का रिकॉर्ड गया है। वहीं, इस साल सात महीने के लगभग 210 दिन में हादसों में 190 लोगों की मौत हुई है। इनमें कई महिलाओं के साथ ही बच्चे व घर की जिम्मेदारी संभालने वाले पुरुष शामिल हैं।
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परिवार के कमाऊ सदस्य की मौत से आजीविका पर संकट खड़ा हो गया। बच्चों को पढ़ाई छोड़नी पड़ी। रोजी-रोटी के लिए उतरना पड़ा। मगर जिले में जिम्मेदारों के पास हादसे रोकने के लिए न तो कोई प्लान है और न ही हादसे रुक रहे हैं, बल्कि हादसों में लोगों की जान जा रही है। बड़ी संख्या में लोग घायल हो रहे हैं।
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वर्ष 2021 में 126 लोगों ने हादसे में गंवाई थी जान
वर्ष 2021 में जनवरी से दिसंबर तक हादसों में 126 लोगों ने जान गंवाई थी। 2022 में आंकड़ा 142 पहुंच गया। 2023 में सबसे अधिक 180 लोगों की मौत हुई थी। वर्ष 2024 में 176 लोगों ने जान गंवाई, लेकिन इस साल सात महीने में ही 190 लोगों की हादसों में मौत हो चुकी है।
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अतिक्रमण भी है मुसीबत

जिले के मुख्य मार्गों की रोड इंजीनियरिंग परेशानी का सबब है। सड़कों पर अतिक्रमण है। सुचारू रूप से यातायात व्यवस्था के लिए कोई समुचित इंतजाम नहीं हैं। वाहन बेतरतीब तरीके से दौड़ रहे हैं। कार्रवाई का डर न होने से सील्ट बेल्ट व हेलमेट पहनकर वाहन चलाना भी लोग मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। भारी वाहन भी मुश्किलें बन रहे हैं। यातायात प्रभारी उपनिरीक्षक जगदंबा गुप्ता ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी है कि यातायात बाधित न हो।

हर माह होती है बैठक
डीएम की अध्यक्षता में हर महीने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक होती है। संबंधित विभागों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। मगर धरातल पर सुधार के कोई कदम नहीं दिख रहे हैं।


किए जा रहे हैं जरूरी प्रयास
आरटीओ राजेश कुमार मौर्य का कहना है कि बैठकों में समय-समय पर सुझाव दिए गए हैं। परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर है। सीट बेल्ट व हेलमेट न पहनने वालों पर कार्रवाई की जाती रही है। हर सप्ताह स्कूलों में नोडल शिक्षकों के माध्यम से जागरूक भी किया जा रहा है। हादसों पर अंकुश के लिए बेहतर प्रयास किए जाएंगे।
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