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Gonda News: नियमों को दर किनार कर कागजों में हुई थी सीमेंट की खरीद
Wed, 05 Nov 2025 10:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 05 Nov 2025 10:59 PM IST
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गोंडा। सिंचाई विभाग के सरयू ड्रेनेज खंड में सीमेंट घोटाले के मामले की परत-दर परत सामने आ रही है। मंगलवार को इस मामले में तत्कालीन अवर अभियंता हरदत्त मिश्र की गिरफ्तारी के बाद कई नए खुलासे हुए हैं। इसमें नियमों को दरकिनार कर कागजों में ही सीमेंट की खरीद की गई थी। अब मामला सामने आने के बाद इससे जुड़े लोगों की बेचैनी बढ़ गई है।
दरअसल, पहले सिंचाई विभाग के माध्यम से बनने वाली पुलिया के लिए विभाग खुद ही सीमेंट की खरीद करके देता था। इसमें ही खेल किया गया था। नियम था कि सीमेंट की खरीद निर्माता कंपनी से सीधे की जाय, लेकिन यहां पर नियमों को दरकिनार कर मनमानी की गई। उस वक्त विभाग के अफसरों ने फैजाबाद व गोंडा की एक-एक फर्म से सीमेंट की खरीद की बात कही।
जांच में पाया गया कि सीमेंट खरीदी ही नहीं गई और उसके नाम पर 83 लाख रुपये का भुगतान ले लिया गया। इस मामले की जांच में कई बड़े अफसर भी घेरे में आ रहे हैँ।ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के बाद बुधवार को अवकाश के कारण विभाग में सन्नाटा रहा, लेकिन विभागीय कर्मी व अधिकारी एक दूसरे से फोन पर इसका इनपुट जुटाते रहे। यही नहीं, विभाग में काम कर रहे कई ठेकेदार भी इसको लेकर अपनी राय जताते रहे। विभागीय अधिकारी इस मामले पर खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
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दरअसल, पहले सिंचाई विभाग के माध्यम से बनने वाली पुलिया के लिए विभाग खुद ही सीमेंट की खरीद करके देता था। इसमें ही खेल किया गया था। नियम था कि सीमेंट की खरीद निर्माता कंपनी से सीधे की जाय, लेकिन यहां पर नियमों को दरकिनार कर मनमानी की गई। उस वक्त विभाग के अफसरों ने फैजाबाद व गोंडा की एक-एक फर्म से सीमेंट की खरीद की बात कही।
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जांच में पाया गया कि सीमेंट खरीदी ही नहीं गई और उसके नाम पर 83 लाख रुपये का भुगतान ले लिया गया। इस मामले की जांच में कई बड़े अफसर भी घेरे में आ रहे हैँ।ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के बाद बुधवार को अवकाश के कारण विभाग में सन्नाटा रहा, लेकिन विभागीय कर्मी व अधिकारी एक दूसरे से फोन पर इसका इनपुट जुटाते रहे। यही नहीं, विभाग में काम कर रहे कई ठेकेदार भी इसको लेकर अपनी राय जताते रहे। विभागीय अधिकारी इस मामले पर खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
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