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सरयू के उतार चढ़ाव से बढ़ रही ग्रामीणों की दुश्वारियां
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गोंडा में करनैलगंज के एल्गिन चरसड़ी बंधे पर हो रहा काम।
- फोटो : GONDA
करनैलगंज (गोंडा)। सरयू के उतार-चढ़ाव में लगातार बाढ़ से प्रभावित गांवों में दुश्वारियां बढ़ती जा रही है। वहीं 4 दिन पूर्व खतरे के निशान से 2 फीट ऊपर बहने वाली सरयू नदी का जलस्तर शुक्रवार को एक फीट नीचे पहुंच गया। जो शनिवार से फिर एक बार से बढ़ना शुरू हो गया है। चार दिन पूर्व सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 61 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। जिससे नदी पूरी तरह उफान पर आ गई थी। धीरे-धीरे कम होने वाले जलस्तर की स्थिति खतरे के निशान से एक फीट नीचे पहुंच गई थी। शुक्रवार को छोड़े गए करीब डेढ़ लाख क्यूसेक पानी से घाघरा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है।
शुक्रवार की शाम तक नदी खतरे के निशांत 106.07 के सापेक्ष 29 सेंमी. नीचे पहुंच गई थी। जो शनिवार को जलस्तर बढ़ने से खतरे के निशान से मात्र 10 सेंमी. नीचे रह गई है। जिससे बाढ़ से प्रभावित हुए गांव में लोगों को राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही है। बल्कि उन्हें लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बाढ़ से प्रभावित ग्राम परसावल, कमियार, नैपुरा, माझा रायपुर, नकहरा में समस्याएं बढ़ती जा रही हैं और लोग नदी के खतरे से भयभीत हैं।
दूसरी तरफ नदी के उतार और चढ़ाव के बीच एल्गिन चरसड़ी बांध पर ग्राम बांसगांव के सामने बांध से सटकर नदी बह रही है। जहां लगातार स्परों का निर्माण व मरम्मत कार्य भी तेज कर दिया गया है। जहां सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहकर बांध के मरम्मत और उसे मजबूत करने के कार्य की निगरानी कर रहे हैं। दूसरी तरफ माझा रायपुर, नेपुरा, परसावल के बाढ़ से प्रभावित लोगों को प्रशासन ने राहत सामग्री की किटों का वितरण भी किया। जिससे बाढ़ पीड़ितों के सामने राशन की समस्या को कुछ हद तक प्रशासन ने कम कर दिया है।
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बांध को खतरा नहीं
घाघरा में जलस्तर का घटना और बढ़ना लगातार चल रहा है। जिससे बांध को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। प्रशासनिक स्तर पर भी बांध की निगरानी कराई जा रही है। -एमके सिंह, अवर अभियंता सिंचाई विभाग
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शुक्रवार की शाम तक नदी खतरे के निशांत 106.07 के सापेक्ष 29 सेंमी. नीचे पहुंच गई थी। जो शनिवार को जलस्तर बढ़ने से खतरे के निशान से मात्र 10 सेंमी. नीचे रह गई है। जिससे बाढ़ से प्रभावित हुए गांव में लोगों को राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही है। बल्कि उन्हें लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बाढ़ से प्रभावित ग्राम परसावल, कमियार, नैपुरा, माझा रायपुर, नकहरा में समस्याएं बढ़ती जा रही हैं और लोग नदी के खतरे से भयभीत हैं।
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दूसरी तरफ नदी के उतार और चढ़ाव के बीच एल्गिन चरसड़ी बांध पर ग्राम बांसगांव के सामने बांध से सटकर नदी बह रही है। जहां लगातार स्परों का निर्माण व मरम्मत कार्य भी तेज कर दिया गया है। जहां सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहकर बांध के मरम्मत और उसे मजबूत करने के कार्य की निगरानी कर रहे हैं। दूसरी तरफ माझा रायपुर, नेपुरा, परसावल के बाढ़ से प्रभावित लोगों को प्रशासन ने राहत सामग्री की किटों का वितरण भी किया। जिससे बाढ़ पीड़ितों के सामने राशन की समस्या को कुछ हद तक प्रशासन ने कम कर दिया है।
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बांध को खतरा नहीं
घाघरा में जलस्तर का घटना और बढ़ना लगातार चल रहा है। जिससे बांध को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। प्रशासनिक स्तर पर भी बांध की निगरानी कराई जा रही है। -एमके सिंह, अवर अभियंता सिंचाई विभाग