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Gonda News: राष्ट्र कथा में होगा बृज बिहारी और अवध बिहारी का ऐतिहासिक समागम
Mon, 29 Dec 2025 11:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 29 Dec 2025 11:36 PM IST
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नंदिनीनगर में राष्ट्र कथा में प्रसाद तैयार करने से पूर्व पूजन करते संत। स्रोत: सोशल मीडिया
गोंडा। नंदिनीनगर में एक से आठ जनवरी तक आयोजित होने वाले राष्ट्रकथा महोत्सव में बृज बिहारी और अवध बिहारी का ऐतिहासिक समागम होगा। प्रवाचक पीठाधीश्वर सद्गुरु ऋतेश्वर जी महाराज अपने साथ भगवान श्रीकृष्ण की बांसुरी तथा भगवान राम के खड़ाऊ लेकर यहां पहुंचेंगे। यह एक ऐतिहासिक अवसर होगा। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। महोत्सव में प्रतिदिन 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
बृजभूषण ने बताया कि राष्ट्रकथा का उद्देश्य सनातन धर्म को एकजुट करना और युवाओं में राष्ट्र चेतना का संचार करना है। ऋतेश्वर जी महाराज प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से सायंकाल चार बजे तक कथा का रसपान कराएंगे। श्रद्धालुओं के लिए करीब 500 फीट लंबा और 400 फीट चौड़ा वाटरप्रूफ पंडाल तैयार किया गया है, जिसे 26 ब्लाॅक में विभाजित किया गया है।
व्यास आसन वाले मुख्य मंच के दोनों ओर दो अन्य मंच बनाए गए हैं। एक मंच पर देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले संत-महंत और महात्मा विराजमान होंगे। दूसरे मंच पर मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों, उद्यमियों और व्यापारियों समेत विशिष्ट अतिथियों को स्थान मिलेगा। महोत्सव का शुभारंभ राष्ट्र और समाज के उत्थान के लिए कार्य कर रहे सर्वसमाज के 52 संतों द्वारा किया जाएगा।
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परिसर में दर्जनों स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाई जा रही हैं, ताकि श्रद्धालु भोजन आदि के दौरान भी कथा श्रवण कर सकें। हल्के और भारी वाहनों के लिए आठ पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। चार पार्किंग गोंडा रोड पर नकहा पुल के पास तथा चार अयोध्या रोड की ओर तुरकौली गांव के प्रवेशद्वार के समीप विकसित की गई हैं। देवीपाटन मंडल सहित बस्ती, अयोध्या, अंबेडकरनगर और बाराबंकी से श्रद्धालुओं को लाने-ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है।
स्वागत के लिए बन रहे 28 प्रवेशद्वार
अतिथियों के खानपान और ठहरने के लिए अयोध्या से नंदिनीनगर तक होटल, धर्मशालाएं, मठ और मंदिर आरक्षित किए गए हैं। रास्ते में रघुकुल परंपरा से जुड़े महाराजा दिलीप, राजा अज, भगवान परशुराम सहित कई महापुरुषों के नाम पर 18 प्रवेशद्वार बनाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त पूर्व सांसद की वंश परंपरा के नाम पर उनके पैतृक गांव विश्नोहरपुर से नंदिनीनगर तक 10 विशेष प्रवेशद्वार भी तैयार किए जा रहे हैं। सभी पर उन मनीषियों की गौरवगाथा अंकित रहेगी।
शुद्ध घी से बन रहा प्रसाद
स्वामी निश्चलानंद जी महाराज ने रविवार को मां अन्नपूर्णा भंडार गृह का पूजन-अर्चन कर विधिवत शुभारंभ किया। भंडार गृह में प्रतिदिन सभी श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध घी से प्रसाद तैयार किया जाएगा। पूरे सप्ताह प्रतिदिन कोई न कोई विशिष्ट व्यक्ति महोत्सव में उपस्थित रहेगा। पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर व्यापक तैयारियों में जुटा है। चिकित्सा, साफ-सफाई आदि के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।
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बृजभूषण ने बताया कि राष्ट्रकथा का उद्देश्य सनातन धर्म को एकजुट करना और युवाओं में राष्ट्र चेतना का संचार करना है। ऋतेश्वर जी महाराज प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से सायंकाल चार बजे तक कथा का रसपान कराएंगे। श्रद्धालुओं के लिए करीब 500 फीट लंबा और 400 फीट चौड़ा वाटरप्रूफ पंडाल तैयार किया गया है, जिसे 26 ब्लाॅक में विभाजित किया गया है।
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व्यास आसन वाले मुख्य मंच के दोनों ओर दो अन्य मंच बनाए गए हैं। एक मंच पर देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले संत-महंत और महात्मा विराजमान होंगे। दूसरे मंच पर मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों, उद्यमियों और व्यापारियों समेत विशिष्ट अतिथियों को स्थान मिलेगा। महोत्सव का शुभारंभ राष्ट्र और समाज के उत्थान के लिए कार्य कर रहे सर्वसमाज के 52 संतों द्वारा किया जाएगा।
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परिसर में दर्जनों स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाई जा रही हैं, ताकि श्रद्धालु भोजन आदि के दौरान भी कथा श्रवण कर सकें। हल्के और भारी वाहनों के लिए आठ पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। चार पार्किंग गोंडा रोड पर नकहा पुल के पास तथा चार अयोध्या रोड की ओर तुरकौली गांव के प्रवेशद्वार के समीप विकसित की गई हैं। देवीपाटन मंडल सहित बस्ती, अयोध्या, अंबेडकरनगर और बाराबंकी से श्रद्धालुओं को लाने-ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है।
स्वागत के लिए बन रहे 28 प्रवेशद्वार
अतिथियों के खानपान और ठहरने के लिए अयोध्या से नंदिनीनगर तक होटल, धर्मशालाएं, मठ और मंदिर आरक्षित किए गए हैं। रास्ते में रघुकुल परंपरा से जुड़े महाराजा दिलीप, राजा अज, भगवान परशुराम सहित कई महापुरुषों के नाम पर 18 प्रवेशद्वार बनाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त पूर्व सांसद की वंश परंपरा के नाम पर उनके पैतृक गांव विश्नोहरपुर से नंदिनीनगर तक 10 विशेष प्रवेशद्वार भी तैयार किए जा रहे हैं। सभी पर उन मनीषियों की गौरवगाथा अंकित रहेगी।
शुद्ध घी से बन रहा प्रसाद
स्वामी निश्चलानंद जी महाराज ने रविवार को मां अन्नपूर्णा भंडार गृह का पूजन-अर्चन कर विधिवत शुभारंभ किया। भंडार गृह में प्रतिदिन सभी श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध घी से प्रसाद तैयार किया जाएगा। पूरे सप्ताह प्रतिदिन कोई न कोई विशिष्ट व्यक्ति महोत्सव में उपस्थित रहेगा। पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर व्यापक तैयारियों में जुटा है। चिकित्सा, साफ-सफाई आदि के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।