{"_id":"665a0dadde53b3aeec04e508","slug":"the-high-court-imposed-a-fine-of-rs-50000-on-the-dios-of-gonda-gonda-news-c-100-1-gon1002-117945-2024-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: हाईकोर्ट ने गोंडा के डीआईओएस पर लगाया 50 हजार जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: हाईकोर्ट ने गोंडा के डीआईओएस पर लगाया 50 हजार जुर्माना
Fri, 31 May 2024 11:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 31 May 2024 11:19 PM IST
विज्ञापन
आदेश की अवमानना और शपथ पत्र दाखिल न करने पर फंसे
सुभाष इंटरकॉलेज का मामला, 19 जुलाई 2024 तक मांगा अनुपालन शपथपत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। न्यायालय के आदेश का अनुपालन कर कोर्ट में शपथपत्र दाखिल न करना जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार को भारी पड़ गया है। हाईकोर्ट ने 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को 19 जुलाई 2024 तक आदेश का अनुपालन करने और कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया है।
तरबगंज तहसील क्षेत्र के सुभाष इंटर काॅलेज उमरीबेगमगंज के प्रबंधक और जिला विद्यालय निरीक्षक ने 26 फरवरी 2018 को आदेश पारित कर विद्यालय के सहायक अध्यापक पद पर तैनात संतोष कुमार सिंह का वेतन रोक दिया। प्रबंध कमेटी व जिला विद्यालय निरीक्षक के आदेश को चुनौती देते हुए संतोष कुमार सिंह ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल कर वेतन भुगतान का आदेश देने की याचना की थी। याचिका में सुनवाई के बाद 11 नवंबर 2020 को न्यायालय ने 26 फरवरी 2018 के विवादित आदेश की तिथि से ही नियमित रूप से वेतन देने का आदेश दिया। लेकिन डीआईओएस और प्रबंधक ने कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया तो संतोष कुमार सिंह ने 21 फरवरी 2021 को अवमानना याचिका दाखिल कर दी। कोर्ट ने जिला विद्यालय निरीक्षक को नोटिस जारी किया। इसे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के माध्यम से दो जून 2023 को प्राप्त भी करा दिया गया। इसके बावजूद जिला विद्यालय निरीक्षक ने न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं किया। 10 मई 2024 को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार के शपथ पत्र का निरस्त करते हुए दूसरा शपथ दाखिल करने का आदेश दिया।
27 मई 2024 को जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार न्यायालय के समक्ष पेश हुए और शपथ पत्र देकर कहा कि कानूनी अड़चनों के कारण आदेश का अनुपालन नहीं कराया जा सका। न्यायालय ने उनका यह शपथ पत्र भी खारिज कर दिया और 25 हजार का अर्थदंड लगाते हुए दो जुलाई 2024 को साढ़े 11 बजे सुनवाई की तिथि नियत कर दी। लेकिन आदेश पर हस्ताक्षर से पूर्व ही डीआईओएस ने प्रार्थना पत्र देकर संशोधन व अर्थदंड समाप्त करने का अनुरोध किया तो कोर्ट ने उनकी बात मान ली और अर्थदंड खत्म करते हुए 30 मई को 2024 को सुनवाई की तिथि निश्चित करते हुए पुन: शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया। बृहस्पतिवार को डीआईओएस स्वयं न्यायालय के समक्ष पेश हुए और बताया कि उनके अधिवक्ता लेह चले गए हैं इसलिए शपथ नहीं तैयार किया जा सका। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने 50 हजार रुपये अर्थदंड लगाते हुए डीआईओएस राकेश कुमार की मौखिक याचना निरस्त कर 31 मई 2024 को आरोप तय करने के लिए तिथि निश्चित कर दी।
विज्ञापन
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान डीआईओएस राकेश कुमार न्यायालय में उपस्थित हुए और इस बात का हलफनामा दाखिल किया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन के लिए उन्होंने विद्यालय प्रबंधक को वेतन बिल प्रस्तुत करने के लिए पत्र लिखा है। बिल प्रस्तुत होते ही याची के वेतन भुगतान की कार्यवाही की जाएगी। इस पर कोर्ट ने उन पर आरोप नहीं तय किया। कोर्ट ने कहा कि डीआईओएस आगामी सुनवाई की तिथि 19 जुलाई 2024 से पूर्व अनुपालन का शपथ पत्र नहीं देते हैं तो 19 जुलाई को उन्हें अदालत में स्वयं उपस्थित होना होगा। कोर्ट ने कहा कि आशा की जाती है कि डीआईओएस राकेश कुमार पूर्व में निर्धारित 50 हजार रुपये अर्थदंड जमा करेंगे।
विज्ञापन
सुभाष इंटरकॉलेज का मामला, 19 जुलाई 2024 तक मांगा अनुपालन शपथपत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। न्यायालय के आदेश का अनुपालन कर कोर्ट में शपथपत्र दाखिल न करना जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार को भारी पड़ गया है। हाईकोर्ट ने 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को 19 जुलाई 2024 तक आदेश का अनुपालन करने और कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया है।
तरबगंज तहसील क्षेत्र के सुभाष इंटर काॅलेज उमरीबेगमगंज के प्रबंधक और जिला विद्यालय निरीक्षक ने 26 फरवरी 2018 को आदेश पारित कर विद्यालय के सहायक अध्यापक पद पर तैनात संतोष कुमार सिंह का वेतन रोक दिया। प्रबंध कमेटी व जिला विद्यालय निरीक्षक के आदेश को चुनौती देते हुए संतोष कुमार सिंह ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल कर वेतन भुगतान का आदेश देने की याचना की थी। याचिका में सुनवाई के बाद 11 नवंबर 2020 को न्यायालय ने 26 फरवरी 2018 के विवादित आदेश की तिथि से ही नियमित रूप से वेतन देने का आदेश दिया। लेकिन डीआईओएस और प्रबंधक ने कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया तो संतोष कुमार सिंह ने 21 फरवरी 2021 को अवमानना याचिका दाखिल कर दी। कोर्ट ने जिला विद्यालय निरीक्षक को नोटिस जारी किया। इसे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के माध्यम से दो जून 2023 को प्राप्त भी करा दिया गया। इसके बावजूद जिला विद्यालय निरीक्षक ने न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं किया। 10 मई 2024 को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार के शपथ पत्र का निरस्त करते हुए दूसरा शपथ दाखिल करने का आदेश दिया।
विज्ञापन
27 मई 2024 को जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार न्यायालय के समक्ष पेश हुए और शपथ पत्र देकर कहा कि कानूनी अड़चनों के कारण आदेश का अनुपालन नहीं कराया जा सका। न्यायालय ने उनका यह शपथ पत्र भी खारिज कर दिया और 25 हजार का अर्थदंड लगाते हुए दो जुलाई 2024 को साढ़े 11 बजे सुनवाई की तिथि नियत कर दी। लेकिन आदेश पर हस्ताक्षर से पूर्व ही डीआईओएस ने प्रार्थना पत्र देकर संशोधन व अर्थदंड समाप्त करने का अनुरोध किया तो कोर्ट ने उनकी बात मान ली और अर्थदंड खत्म करते हुए 30 मई को 2024 को सुनवाई की तिथि निश्चित करते हुए पुन: शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया। बृहस्पतिवार को डीआईओएस स्वयं न्यायालय के समक्ष पेश हुए और बताया कि उनके अधिवक्ता लेह चले गए हैं इसलिए शपथ नहीं तैयार किया जा सका। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने 50 हजार रुपये अर्थदंड लगाते हुए डीआईओएस राकेश कुमार की मौखिक याचना निरस्त कर 31 मई 2024 को आरोप तय करने के लिए तिथि निश्चित कर दी।
विज्ञापन
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान डीआईओएस राकेश कुमार न्यायालय में उपस्थित हुए और इस बात का हलफनामा दाखिल किया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन के लिए उन्होंने विद्यालय प्रबंधक को वेतन बिल प्रस्तुत करने के लिए पत्र लिखा है। बिल प्रस्तुत होते ही याची के वेतन भुगतान की कार्यवाही की जाएगी। इस पर कोर्ट ने उन पर आरोप नहीं तय किया। कोर्ट ने कहा कि डीआईओएस आगामी सुनवाई की तिथि 19 जुलाई 2024 से पूर्व अनुपालन का शपथ पत्र नहीं देते हैं तो 19 जुलाई को उन्हें अदालत में स्वयं उपस्थित होना होगा। कोर्ट ने कहा कि आशा की जाती है कि डीआईओएस राकेश कुमार पूर्व में निर्धारित 50 हजार रुपये अर्थदंड जमा करेंगे।