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लू के थपेड़ों ने किया बेहाल
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Fri, 22 Apr 2016 11:17 PM IST
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सूखा तालाब
- फोटो : अमर उजाला
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लगातार चल रहे लू तथा चढ़ते पारे ने लोगों को बेहाल कर दिया है। सवेरे 10 बजे के बाद तेज धूप व लू के थपेड़ों के चलते लोगों का घरों से निकलना मुहाल हो गया है। दिन का तापमान 42 डिग्री से नीचे आने का नाम ही नहीं ले रहा है।
गर्मी के कारण पानी की कमी का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। तालाबों में बच्चे क्रिकेट खेल रहे है। इंडिया मार्का हैंडपंप खराब पड़े है। तालाबों में पानी भरवाने की प्रशासनिक कवायद महज कागजों में ही सीमित है। सार्वजनिक स्थलों पर भी प्याऊ आदि की कोई व्यवस्था नहीं कराई गई है।
इस साल चैत्र के महीने में ही जेठ की गर्मी का एहसास हो रहा है। लगातार तेज पछुआ हवाओं ने प्रचंड लू का रूप धारण कर लिया है। दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से कम नहीं हो रहा है।
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पानी की कमी का आलम यह है कि लाखों रुपये खर्च कर मवेशियों व परिंदों को पानी उपलब्ध कराने के लिए बनाए गए आदर्श तालाबों में बच्चे क्रिकेट की पिच बनाकर सुबह-शाम मैच खेल रहे हैं। क्षेत्र में जगह-जगह लगे इंडिया मार्का-2 हैंडपंप खराब पड़े है। सुबह 10 बजे के बाद लोगों का लू के चलते घर से निकलना मुहाल हो गया है।
जिला प्रशासन ने तालाबों को भरवाने का बीते दिनों जो फरमान जारी किया है वह अभी तक कागजों में ही सीमित है। धरातल पर प्रशासनिक कवायद का कोई असर नहीं दिख रहा है। हरैया सतघरवा, तुलसीपुर, गैसड़ी तथा पचपेड़वा ब्लॉक के असिंचित इलाकों में जलस्तर घटने से तमाम घरों के नल भी सूखने लगे है। सार्वजनिक स्थलों व चौराहों पर भी प्याऊ आदि की व्यवस्था प्रशासन की तरफ से नहीं की गई है। पीने के एक लीटर पानी के लिए लोगों को 20 रुपये खर्च करने पड़ रहे है।
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गर्मी के कारण पानी की कमी का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। तालाबों में बच्चे क्रिकेट खेल रहे है। इंडिया मार्का हैंडपंप खराब पड़े है। तालाबों में पानी भरवाने की प्रशासनिक कवायद महज कागजों में ही सीमित है। सार्वजनिक स्थलों पर भी प्याऊ आदि की कोई व्यवस्था नहीं कराई गई है।
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इस साल चैत्र के महीने में ही जेठ की गर्मी का एहसास हो रहा है। लगातार तेज पछुआ हवाओं ने प्रचंड लू का रूप धारण कर लिया है। दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से कम नहीं हो रहा है।
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पानी की कमी का आलम यह है कि लाखों रुपये खर्च कर मवेशियों व परिंदों को पानी उपलब्ध कराने के लिए बनाए गए आदर्श तालाबों में बच्चे क्रिकेट की पिच बनाकर सुबह-शाम मैच खेल रहे हैं। क्षेत्र में जगह-जगह लगे इंडिया मार्का-2 हैंडपंप खराब पड़े है। सुबह 10 बजे के बाद लोगों का लू के चलते घर से निकलना मुहाल हो गया है।
जिला प्रशासन ने तालाबों को भरवाने का बीते दिनों जो फरमान जारी किया है वह अभी तक कागजों में ही सीमित है। धरातल पर प्रशासनिक कवायद का कोई असर नहीं दिख रहा है। हरैया सतघरवा, तुलसीपुर, गैसड़ी तथा पचपेड़वा ब्लॉक के असिंचित इलाकों में जलस्तर घटने से तमाम घरों के नल भी सूखने लगे है। सार्वजनिक स्थलों व चौराहों पर भी प्याऊ आदि की व्यवस्था प्रशासन की तरफ से नहीं की गई है। पीने के एक लीटर पानी के लिए लोगों को 20 रुपये खर्च करने पड़ रहे है।