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373 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर सरकार ने मौन
अमर उजाला/गोंडा
Updated Sat, 07 May 2016 11:37 PM IST
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कहीं आप तोे नहीं 'फटका गैंग' के निशाने पर?
- फोटो : gettyimages
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गोंडा-लखनऊ, गोंडा-बहराइच, गोंडा-बलरामपुर, गोंडा-उतरौला, मनकापुर-नवाबगंज रेल रूट पर पड़ने वाले समपार फाटकों से गुजरने वाले मार्गों पर यातायात घनत्व बहुत अधिक हो गया है।
एक लाख टीयूवी (ट्रेन यूनिट व्हीकिल) होने पर रेलवे ऐसे समपार फाटकों पर उपरिगामी सेतु का निर्माण कराता है। यहां गोंडा, बहराइच, बाराबंकी, फैजाबाद, बलरामपुर सहित अन्य जनपदों को जोड़ने वाले मार्गों पर छह ऐसे समपार फाटक हैं, जहां टीयूवी एक लाख से अधिक पहुंच गई है।
इन छह समपार फाटकों पर उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए रेलवे बोर्ड ने वर्ष 2012 से ही कवायद शुरू कर दी, लेकिन प्रदेश सरकार का सहयोग न मिलने से 373 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं हो पाया। रेलवे लोक निर्माण विभाग उत्तर प्रदेश को अब तक आठ बार पत्र भेज भेज चुका है, लेकिन प्रदेश सरकार ध्यान नहीं दे रही है।
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अंडर ब्रिज व ओवर ब्रिज निर्माण को बीती फरवरी में रेलवे बजट में प्राथमिकता दी गई थी। यदि सेतु का निर्माण हो जाए तो लाखों लोगों को यातायात में होने वाली देरी से निजात मिल जाएगी।
रेलवे के अधिकारियों की मानें तो सर्विस रोड, राजमार्ग पर पड़ने वाले मार्गों पर उपरिगामी सेतु निर्माण की पहल राज्य सरकार को ही करनी है। रेलवे केवल सहभागिता करेगा। यदि राष्ट्रीय मार्ग है तो पहल रेलवे को करनी है और प्रदेश सरकार को सहभागिता करनी होती है।
गोंडा से बहराइच राजमार्ग पर मिश्रौलिया रेल क्रॉसिंग (समपार संख्या-262) गोंडा-बाराबंकी रेल रूट पर है। इस समपार फाटक पर उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग ने 7378.64 लाख का आगणन तैयार कर बीती आठ जनवरी को ही विशेष सचिव लोनिवि अनुभाग-11 को भेज दिया। इस राजमार्ग के समपार पर जून 2014 में चार लाख से अधिक यातायात घनत्व था।
गोरखपुर-गोंडा रेल प्रखंड पर बने समपार 257 का यातायात घनत्व तीन लाख से अधिक है। यह मार्ग उतरौला, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, डुमरियागंज, उतरौला सहित कई जिलों व तहसीलों को जोड़ता है। इस समपार पर उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए भी जनवरी में ही 7378.64 लाख रुपये का आगणन प्रमुख अभियंता सेतु लोनिव ने तैयार कर शासन को भेजा है।
गोंडा-बाराबंकी रेल प्रखंड पर गोंडा से कटराबाजार को जाने वाले मार्ग पर समपार 263 के निर्माण के लिए भी लोनिवि ने 3928.99 लाख का आगणन तैयार कर शासन को भेजा है। इसमें रेलवे की लागत 480 लाख रुपये रखी गई है। इस मार्ग का टीयूवी यानि यातायात घनत्व एक लाख 25 हजार से अधिक है।
गोंडा से बाराबंकी रेल रूट पर बालपुर से कटरा बाजार को जाने वाले मार्ग पर बनी क्रॉसिंग का यातायात घनत्व एक लाख 10 हजार के करीब है। इस समपार पर उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए रेलवे ने उत्तर प्रदेश शासन से आगणन मांगा था। इस पर लोनिवि ने 3928.94 लाख रुपये का आगणन तैयार कर शासन को भेजा है
गोंडा से लखनऊ राजमार्ग पर सरयू के पास बने समपार पर उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए 7356.17 लाख रुपये का आगणन तैयार किया गया। इस समपार पर चार लेन उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी फरवरी 2015 में घोषणा की थी।
इस मार्ग का यातायात घनत्व भी एक लाख से अधिक है। इसी तरह से इसी मार्ग पर समपार संख्या-288 पर भी उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी। इस समपार पर सेतु निर्माण के लिए 7354.17 लाख रुपये का आगणन तैयार कर शासन को भेजा जा चुका है।
राज्य सेतु निगम ने छह समपार फाटकों पर चार लेन उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए आगणन शासन को भेज दिया है, लेकिन शासन से स्वीकृति नहीं मिल पायी है। रेलवे के अधिकारी कहते हैं कि 2012 से ही उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए प्रदेश शासन की स्वीकृति का इंतजार कर रहे हैं। स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा और रेलवे के हिस्से की राशि को तत्काल जारी कर दिया जाएगा।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य पुल इंजीनियर ने अगस्त 2015 में जिला प्रशासन से क्लोजर रिपोर्ट मांगी थी। डीएम के निर्देश पर राज्य सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक एसपी सिंह ने पांच समपार फाटकों पर उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए बीते वर्ष क्लोजर रिपोर्ट भेज दी।
इसमें नवाबगंज-कटरा रेलवे स्टेशन के मध्य तीन तथा मनकापुर-झिलाही रेलवे स्टेशन के लिए दो पुलों का निर्माण होना है। इन पांचों मार्गों पर एक लाख से अधिक यातायात घनत्व है। अब इन पांचों समपार पर प्रशासन की ओर से एनओसी जारी होनी है।
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एक लाख टीयूवी (ट्रेन यूनिट व्हीकिल) होने पर रेलवे ऐसे समपार फाटकों पर उपरिगामी सेतु का निर्माण कराता है। यहां गोंडा, बहराइच, बाराबंकी, फैजाबाद, बलरामपुर सहित अन्य जनपदों को जोड़ने वाले मार्गों पर छह ऐसे समपार फाटक हैं, जहां टीयूवी एक लाख से अधिक पहुंच गई है।
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इन छह समपार फाटकों पर उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए रेलवे बोर्ड ने वर्ष 2012 से ही कवायद शुरू कर दी, लेकिन प्रदेश सरकार का सहयोग न मिलने से 373 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं हो पाया। रेलवे लोक निर्माण विभाग उत्तर प्रदेश को अब तक आठ बार पत्र भेज भेज चुका है, लेकिन प्रदेश सरकार ध्यान नहीं दे रही है।
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अंडर ब्रिज व ओवर ब्रिज निर्माण को बीती फरवरी में रेलवे बजट में प्राथमिकता दी गई थी। यदि सेतु का निर्माण हो जाए तो लाखों लोगों को यातायात में होने वाली देरी से निजात मिल जाएगी।
रेलवे के अधिकारियों की मानें तो सर्विस रोड, राजमार्ग पर पड़ने वाले मार्गों पर उपरिगामी सेतु निर्माण की पहल राज्य सरकार को ही करनी है। रेलवे केवल सहभागिता करेगा। यदि राष्ट्रीय मार्ग है तो पहल रेलवे को करनी है और प्रदेश सरकार को सहभागिता करनी होती है।
गोंडा से बहराइच राजमार्ग पर मिश्रौलिया रेल क्रॉसिंग (समपार संख्या-262) गोंडा-बाराबंकी रेल रूट पर है। इस समपार फाटक पर उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग ने 7378.64 लाख का आगणन तैयार कर बीती आठ जनवरी को ही विशेष सचिव लोनिवि अनुभाग-11 को भेज दिया। इस राजमार्ग के समपार पर जून 2014 में चार लाख से अधिक यातायात घनत्व था।
गोरखपुर-गोंडा रेल प्रखंड पर बने समपार 257 का यातायात घनत्व तीन लाख से अधिक है। यह मार्ग उतरौला, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, डुमरियागंज, उतरौला सहित कई जिलों व तहसीलों को जोड़ता है। इस समपार पर उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए भी जनवरी में ही 7378.64 लाख रुपये का आगणन प्रमुख अभियंता सेतु लोनिव ने तैयार कर शासन को भेजा है।
गोंडा-बाराबंकी रेल प्रखंड पर गोंडा से कटराबाजार को जाने वाले मार्ग पर समपार 263 के निर्माण के लिए भी लोनिवि ने 3928.99 लाख का आगणन तैयार कर शासन को भेजा है। इसमें रेलवे की लागत 480 लाख रुपये रखी गई है। इस मार्ग का टीयूवी यानि यातायात घनत्व एक लाख 25 हजार से अधिक है।
गोंडा से बाराबंकी रेल रूट पर बालपुर से कटरा बाजार को जाने वाले मार्ग पर बनी क्रॉसिंग का यातायात घनत्व एक लाख 10 हजार के करीब है। इस समपार पर उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए रेलवे ने उत्तर प्रदेश शासन से आगणन मांगा था। इस पर लोनिवि ने 3928.94 लाख रुपये का आगणन तैयार कर शासन को भेजा है
गोंडा से लखनऊ राजमार्ग पर सरयू के पास बने समपार पर उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए 7356.17 लाख रुपये का आगणन तैयार किया गया। इस समपार पर चार लेन उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी फरवरी 2015 में घोषणा की थी।
इस मार्ग का यातायात घनत्व भी एक लाख से अधिक है। इसी तरह से इसी मार्ग पर समपार संख्या-288 पर भी उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी। इस समपार पर सेतु निर्माण के लिए 7354.17 लाख रुपये का आगणन तैयार कर शासन को भेजा जा चुका है।
राज्य सेतु निगम ने छह समपार फाटकों पर चार लेन उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए आगणन शासन को भेज दिया है, लेकिन शासन से स्वीकृति नहीं मिल पायी है। रेलवे के अधिकारी कहते हैं कि 2012 से ही उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए प्रदेश शासन की स्वीकृति का इंतजार कर रहे हैं। स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा और रेलवे के हिस्से की राशि को तत्काल जारी कर दिया जाएगा।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य पुल इंजीनियर ने अगस्त 2015 में जिला प्रशासन से क्लोजर रिपोर्ट मांगी थी। डीएम के निर्देश पर राज्य सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक एसपी सिंह ने पांच समपार फाटकों पर उपरिगामी सेतु निर्माण के लिए बीते वर्ष क्लोजर रिपोर्ट भेज दी।
इसमें नवाबगंज-कटरा रेलवे स्टेशन के मध्य तीन तथा मनकापुर-झिलाही रेलवे स्टेशन के लिए दो पुलों का निर्माण होना है। इन पांचों मार्गों पर एक लाख से अधिक यातायात घनत्व है। अब इन पांचों समपार पर प्रशासन की ओर से एनओसी जारी होनी है।