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गोष्ठी में भाषा व साहित्य पर दिया जोर
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2015 11:49 PM IST
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शहर के एलबीएस कॉलेज में शनिवार को संस्कृत दिवस पर कॉलेज के संस्कृत विभाग की ओर से आयोजित गोष्ठी में संस्कृत भाषा व साहित्य पर जोर दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आचार्य नरेंद्र देव महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. महराजदीन पांडेय ने की।
गोष्ठी में डॉ. महराजदीन पांडेय ने कहा कि संस्कृत भाषा जितनी प्राचीन है, उतनी ही आधुनिक भी। संचार व कंप्यूटर की भाषा में भी विद्वानों ने संस्कृत को महत्व दिया है। प्राचार्य डॉ. ओंकार पाठक ने कहा कि आज संस्कृत को जर्मनी के विद्वानों व कालीदास एवं तुलसी दास जैसे विद्वानों के तुलनात्मक अध्ययन की जरूरत बतायी।
डॉ. बीपी सिंह ने तरुण श्रीवास्तव को स्मृति चिह्न, सरस्वती की प्रतिमा एवं डॉ. डीके गुप्त ने डॉ. संत शरण त्रिपाठी को शिव तथा डॉ. ओंकार पाठक ने डॉ. महाराजदीन पांडेय को गणेश की प्रतिमा भेंट की। इस मौके पर कॉलेज के सभी प्रोफेसरों ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे डॉ. महराजदीन को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
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इसमें बीपी सिंह, डीके गुप्ता, संत शरण, डॉ. मंशाराम वर्मा, मृगेंद्र कुशवाहा, डॉ. शैलेंद्र नाथ मिश्र, अमन, दिवाकर आदि मौजूद रहे। अंत में डॉ. रंजन शर्मा ने राष्ट्र रक्षा सूत्र अभियान का शुभारंभ किया। संस्कृत विभाग के अध्यक्ष डॉ. मंशा राम वर्मा ने विभागीय पुस्तकालय, प्रतियोगी कक्षाएं तथा संस्कृत संभाषण कक्षाएं संचालित करने की घोषणा की।
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गोष्ठी में डॉ. महराजदीन पांडेय ने कहा कि संस्कृत भाषा जितनी प्राचीन है, उतनी ही आधुनिक भी। संचार व कंप्यूटर की भाषा में भी विद्वानों ने संस्कृत को महत्व दिया है। प्राचार्य डॉ. ओंकार पाठक ने कहा कि आज संस्कृत को जर्मनी के विद्वानों व कालीदास एवं तुलसी दास जैसे विद्वानों के तुलनात्मक अध्ययन की जरूरत बतायी।
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डॉ. बीपी सिंह ने तरुण श्रीवास्तव को स्मृति चिह्न, सरस्वती की प्रतिमा एवं डॉ. डीके गुप्त ने डॉ. संत शरण त्रिपाठी को शिव तथा डॉ. ओंकार पाठक ने डॉ. महाराजदीन पांडेय को गणेश की प्रतिमा भेंट की। इस मौके पर कॉलेज के सभी प्रोफेसरों ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे डॉ. महराजदीन को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
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इसमें बीपी सिंह, डीके गुप्ता, संत शरण, डॉ. मंशाराम वर्मा, मृगेंद्र कुशवाहा, डॉ. शैलेंद्र नाथ मिश्र, अमन, दिवाकर आदि मौजूद रहे। अंत में डॉ. रंजन शर्मा ने राष्ट्र रक्षा सूत्र अभियान का शुभारंभ किया। संस्कृत विभाग के अध्यक्ष डॉ. मंशा राम वर्मा ने विभागीय पुस्तकालय, प्रतियोगी कक्षाएं तथा संस्कृत संभाषण कक्षाएं संचालित करने की घोषणा की।