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कलाकारों ने प्रस्तुत किए कार्यक्रम

Sat, 13 Feb 2016 11:33 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 13 Feb 2016 11:33 PM IST
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The artists presented program
गोंडा महोत्सव की तीसरी शाम सांस्कृतिक प्रस्तुतियों व काव्य फुहारों से सराबोर दिखी। इसके अलावा कलाकारों ने लोकगीत प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। गोंडा महोत्सव की तीसरी शाम प्रदेश के जनपदों से आए प्रख्यात कवियों के नाम रही।
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गोंडा महोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार को जनकवि अदम गोंडवी की याद में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।

गोंडा महोत्सव समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय, सीडीओ जयंत कुमार दीक्षित, एडीएम त्रिलोकी सिंह ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कवि सम्मेलन के आयोजक गंगा प्रसाद मिश्र व संयोजक जानकी शरण द्विवेदी ने कवियों को माला पहनाकर स्वागत किया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ कवयित्री वेद ऋचा ने सरस्वती वंदना मुझको तो शक्ति का वरदान दे से किया।
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इसके बाद मशहूर कवि व कवि सम्मेलन के अध्यक्ष सोम ठाकुर ने हिंदी वंदना करते हैं तन-मन से वंदन जन गण मन की अभिलाषा का, अभिनंदन अपनी भाषा का आराधन अपनी भाषा का, लखनऊ से आए जाने माने कवि वाहिद अली वाहिद ने गंगा-जमुनी तहजीब की पुरजोर वकालत करते हुए पढ़ा - आओ मिलो राम से सलाम की तरह, नहीं बन सकते जो राम की तरह, नाग के नथइया घनश्याम की तरह, लोकतंत्र इतना तो अधिकार दे रहा है, बन जाओ अब्दुल कलाम की तरह पढ़कर खूब वाहवाही बटोरी।
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बदायूं से आए कवि डॉ. उर्मिल अक्षत ने कश्मीर में बर्फ  के नीचे दबकर शहीद होने वाले जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए मार्मिक पंक्तियां प्रस्तुत कीं।

व्यंग्यकार डॉ. रूपेश कुमार रूपेश ने बला आती है तो चली आ डरता कौन है, हमने भी दुनिया देखी, देखी है मरता कौन है पेश किया तो कवयित्री सुप्रिया शबनम गाजीपुर ने गीत गजलों से भरी इक शाम लाई हूं प्रस्तुत कर श्रोताओं की जमकर तालियां बटोरीं। झांसी से आए कवि अर्जन चांद ने धर्म, जाति-पांति और क्षेत्रवाद के खिलाफ  मुखर पंक्तियां प्रस्तुत कीं।

वहीं बाराबंकी के हास्य कवि अजय प्रधान ने श्रोताओं का खूब मनोरंजन किया। इसके अलावा शिखा मिश्रा, हिना आरजू, आनंद गौतम बरेलवी, विकास अक्खड़, अशोेक टाटंबरी, सुरेश मोकलपुरी, रमेशचंद्र पांडेय, सर्वेश अस्थाना लखनऊ, राजेंद्र पंडित हरदोई, आशुतोष श्रीवास्तव बहराइच, कमलेश शर्मा इटावा, प्रलयंकर लखनऊ, आनंद गौतम बरेली,डॉ. प्रीति श्रीवास्तव लखनऊ, शोभनाथ फैजाबादी ने काव्य पाठ किया।

इसके पूर्व उत्तराखंड से आए कलाकारों ने उत्तराखंड का पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत किया। नमिता बंकू स्पेशल में गोंडा की गायिका नमिता बंकू ने प्रख्यात भोजपुरी गायिका शारदा सिन्हा का गीत पटना से वैदा बोलाय दा हो नजरा गइनी गुइया, चुनरी गोटेदार पिया हमरा के लाइ दे व फगुआ गीत के माध्यम से श्रोताओं का मनोरंजन किया।


इसके बाद मुंबई से आई अजय मिश्रा एंड पार्टी द्वारा साथ छूटेगा कैसे मेरा आपका, जब मेरा दिल ही घर बन गया आपका तथा दमादम मस्त कलंदर के साथ फगुआ गीत रघुवर जनक लली खेलै अवधपुरी में फाग की मोहक प्रस्तुति सुन श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।
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