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Gonda News: अध्यापक के समर्थन में उतरे शिक्षक, मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार
Tue, 19 Mar 2024 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 19 Mar 2024 11:18 PM IST
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गोंडा। वाराणसी के शिक्षक धर्मेंद्र कुमार की मुजफ्फरपुर में हेड कांस्टेबल चंद्र प्रकाश द्वारा गोली मारकर हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को दूसरे दिन मूल्यांकन कार्य बहिष्कार कर शिक्षकों ने सड़क पर उतरकर पीड़ित परिवार को समर्थन किया है। एक करोड़ रुपये मुआवजे और आरोपी कांस्टेबल को सख्त से सख्त सजा की मांग उठाई।
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे सभी 2441 शिक्षक जिले के अलग-अलग मूल्यांकन केंद्र पहुंचे थे। इसके बाद माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट), उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ चेतनरायन गुट के बैनर तले शिक्षकों ने शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज, फखरुद्दीन अली अहमद राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज में मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर दिया।
सभी मूल्यांकन केंद्रों से पैदल मार्च कर शिक्षक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंचे। प्रभारी डीआईओएस अविनाश मिश्र को ज्ञापन सौंपा। कलेक्ट्रेट में डीएम नेहा शर्मा को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। संगठन जिला मंत्री विजय प्रकाश भारती विद्रोही ने बताया कि सीएम को संबोधित ज्ञापन में वाराणसी के मृतक शिक्षक धर्मेंद्र कुमार के परिवार को एक करोड़ रुपये आर्थिक मुआवजे के साथ ही परिवार को नौकरी, पारिवारिक पेंशन और आरोपी हेड कांस्टेबल के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर सख्त सजा की मांग की है।
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इस दौरान जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, जिला मंत्री विजय प्रकाश भारती विद्रोही, पिताबंर कुमार, रमेश विमल, महेंद्र नाथ, राजेश राणा, हंसराज भारती, प्रतिभा त्रिपाठी, कुमकुम वर्मा, शैलेंद्र कुमार, सहदेव सिंह, राहुल यादव, राजेश पांडेय,अखंड प्रताप सिंह और अमित यादव आदि मौजूद रहे।
सभी केंद्रों पर ठप रहा मूल्यांकन कार्य
अधिकारियों ने बताया कि 16 से 31 मार्च के बीच जिले के चार केंद्रों पर 6.31 लाख हाईस्कूल व इंटरमीडिएट उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाना है। इसके लिए राजकीय व वित्तविहीन शिक्षक लगाए गए हैं। वहीं सोमवार को हत्या की सूचना के बाद शिक्षक ने मूल्यांकन कार्य के बाद केंद्रों पर शोकसभा का आयोजन किया था। शिक्षकों का कहना है कि सरकार की ओर से 25 लाख रुपये सामान्य तरीके से आर्थिक मदद का ऐलान किया है, जो मंजूर नहीं है।
यह है मामला
वाराणसी के महगांव राजकीय हाईस्कूल शिक्षक धर्मेंद्र कुमार और वाराणसी के करघना के राजकीय हाईस्कूल के सहायक अध्यापक संतोष कुमार के अलावा दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और मुख्य आरक्षी चंद्र प्रकाश और उपनिरीक्षक नागेंद्र चौहान हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2024 की उत्तर पुस्तिकाओं के वाहन के साथ मुजफ्फरपुर गए थे। एसडी इंटर कॉलेज के सामने हेड कांस्टेबल चंद्र प्रकाश ने नशे की हालत में शिक्षक धर्मेंद्र कुमार पर फायर झोंक दिया। इलाज के दौरान धर्मेंद्र की जिला अस्पताल में मौत हो गई।
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मंगलवार सुबह करीब 10 बजे सभी 2441 शिक्षक जिले के अलग-अलग मूल्यांकन केंद्र पहुंचे थे। इसके बाद माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट), उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ चेतनरायन गुट के बैनर तले शिक्षकों ने शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज, फखरुद्दीन अली अहमद राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज में मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर दिया।
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सभी मूल्यांकन केंद्रों से पैदल मार्च कर शिक्षक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंचे। प्रभारी डीआईओएस अविनाश मिश्र को ज्ञापन सौंपा। कलेक्ट्रेट में डीएम नेहा शर्मा को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। संगठन जिला मंत्री विजय प्रकाश भारती विद्रोही ने बताया कि सीएम को संबोधित ज्ञापन में वाराणसी के मृतक शिक्षक धर्मेंद्र कुमार के परिवार को एक करोड़ रुपये आर्थिक मुआवजे के साथ ही परिवार को नौकरी, पारिवारिक पेंशन और आरोपी हेड कांस्टेबल के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर सख्त सजा की मांग की है।
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इस दौरान जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, जिला मंत्री विजय प्रकाश भारती विद्रोही, पिताबंर कुमार, रमेश विमल, महेंद्र नाथ, राजेश राणा, हंसराज भारती, प्रतिभा त्रिपाठी, कुमकुम वर्मा, शैलेंद्र कुमार, सहदेव सिंह, राहुल यादव, राजेश पांडेय,अखंड प्रताप सिंह और अमित यादव आदि मौजूद रहे।
सभी केंद्रों पर ठप रहा मूल्यांकन कार्य
अधिकारियों ने बताया कि 16 से 31 मार्च के बीच जिले के चार केंद्रों पर 6.31 लाख हाईस्कूल व इंटरमीडिएट उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाना है। इसके लिए राजकीय व वित्तविहीन शिक्षक लगाए गए हैं। वहीं सोमवार को हत्या की सूचना के बाद शिक्षक ने मूल्यांकन कार्य के बाद केंद्रों पर शोकसभा का आयोजन किया था। शिक्षकों का कहना है कि सरकार की ओर से 25 लाख रुपये सामान्य तरीके से आर्थिक मदद का ऐलान किया है, जो मंजूर नहीं है।
यह है मामला
वाराणसी के महगांव राजकीय हाईस्कूल शिक्षक धर्मेंद्र कुमार और वाराणसी के करघना के राजकीय हाईस्कूल के सहायक अध्यापक संतोष कुमार के अलावा दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और मुख्य आरक्षी चंद्र प्रकाश और उपनिरीक्षक नागेंद्र चौहान हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2024 की उत्तर पुस्तिकाओं के वाहन के साथ मुजफ्फरपुर गए थे। एसडी इंटर कॉलेज के सामने हेड कांस्टेबल चंद्र प्रकाश ने नशे की हालत में शिक्षक धर्मेंद्र कुमार पर फायर झोंक दिया। इलाज के दौरान धर्मेंद्र की जिला अस्पताल में मौत हो गई।