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Gonda News: फर्जी अंकपत्र से बनी थी शिक्षिका, बर्खास्त
Mon, 29 May 2023 11:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 29 May 2023 11:26 PM IST
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गोंडा। परिषदीय स्कूलों में सहायक अध्यापक नियुक्ति में एक बार फिर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। इस बार तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। टीईटी का फर्जी अंकपत्र लगाकर नौकरी हासिल की जिसका सत्यापन भी कर दिया गया। सत्यापन पर संदेह होने पर बीएसए ने फिर से सत्यापन कराया तो सचिव परीक्षा नियामक ने सत्यापन आख्या को फर्जी बताया।
इसके बाद आरोपी शिक्षिका पिंकी वर्मा ने बीएसए के सामने गलत तथ्य प्रस्तुत किए। बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने सोमवार को शिक्षिका पिंकी वर्मा को बर्खास्त कर दिया। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को एफआईआर दर्ज कराने का आदेश भी दिया है। बीएसए ने बताया कि कानपुर रमाबाईनगर की डेरापुर तहसील के छतरसा गांव की रहने वाली पिंकी वर्मा पुत्री धनीराम को वर्ष 2018 में जिले के झंझरी ब्लाॅक के प्राथमिक विद्यालय बैकुंठपुर में सहायक अध्यापक के पद पर तैनाती मिली थी। नियुक्ति के समय पिंकी ने टीईटी का जो अंकपत्र लगाया था, उसमें वर्ष 2013 में टीईटी पास करने का दावा किया गया था। नियुक्ति के बाद जब पिंकी वर्मा के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कराया गया तो उसके टीईटी का अंकपत्र संदिग्ध मिला। इस पर तत्कालीन बीएसए ने उसे नोटिस जारी कर जवाब मांगा तो वह बगैर किसी सूचना के स्कूल से लापता हो गई। बीएसए कार्यालय की तरफ से पिंकी वर्मा को कई नोटिस दिए गए लेकिन वह जवाब देने नहीं आई।
वर्ष 2022 में जब उसे अंतिम नोटिस जारी कर सेवा से बर्खास्तगी की चेतावनी दी गई, तब जाकर वह 30 अगस्त 2022 को बीएसए कार्यालय में उपस्थित हुई और अपना प्रत्यावेदन देकर फिर से सत्यापन कराए जाने की मांग की। इस दौरान उसने जालसाजों से मिलीभगत कर अपने टीईटी के अंकपत्र की फर्जी सत्यापन आख्या भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भिजवा दी। सत्यापन पर शक हुआ तो बीएसए ने एक बार फिर से उसका सत्यापन कराया तो वह आख्या भी फर्जी मिली। इस पर फर्जी अंकपत्र लगाकर सहायक अध्यापक की नौकरी हथियाने वाली पिंकी वर्मा को सोमवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
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इसके बाद आरोपी शिक्षिका पिंकी वर्मा ने बीएसए के सामने गलत तथ्य प्रस्तुत किए। बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने सोमवार को शिक्षिका पिंकी वर्मा को बर्खास्त कर दिया। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को एफआईआर दर्ज कराने का आदेश भी दिया है। बीएसए ने बताया कि कानपुर रमाबाईनगर की डेरापुर तहसील के छतरसा गांव की रहने वाली पिंकी वर्मा पुत्री धनीराम को वर्ष 2018 में जिले के झंझरी ब्लाॅक के प्राथमिक विद्यालय बैकुंठपुर में सहायक अध्यापक के पद पर तैनाती मिली थी। नियुक्ति के समय पिंकी ने टीईटी का जो अंकपत्र लगाया था, उसमें वर्ष 2013 में टीईटी पास करने का दावा किया गया था। नियुक्ति के बाद जब पिंकी वर्मा के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कराया गया तो उसके टीईटी का अंकपत्र संदिग्ध मिला। इस पर तत्कालीन बीएसए ने उसे नोटिस जारी कर जवाब मांगा तो वह बगैर किसी सूचना के स्कूल से लापता हो गई। बीएसए कार्यालय की तरफ से पिंकी वर्मा को कई नोटिस दिए गए लेकिन वह जवाब देने नहीं आई।
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वर्ष 2022 में जब उसे अंतिम नोटिस जारी कर सेवा से बर्खास्तगी की चेतावनी दी गई, तब जाकर वह 30 अगस्त 2022 को बीएसए कार्यालय में उपस्थित हुई और अपना प्रत्यावेदन देकर फिर से सत्यापन कराए जाने की मांग की। इस दौरान उसने जालसाजों से मिलीभगत कर अपने टीईटी के अंकपत्र की फर्जी सत्यापन आख्या भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भिजवा दी। सत्यापन पर शक हुआ तो बीएसए ने एक बार फिर से उसका सत्यापन कराया तो वह आख्या भी फर्जी मिली। इस पर फर्जी अंकपत्र लगाकर सहायक अध्यापक की नौकरी हथियाने वाली पिंकी वर्मा को सोमवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
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