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सीसीएल विवाद में शिक्षक निलंबित, बीईओ से छिना प्रभार
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गोंडा। ऑनलाइन चाइल्ड केयर लीव स्वीकृत किए जाने का विवाद अब तूल पकड़ रहा है। बुधवार को अवकाश स्वीकृत न होने पर शिक्षक प्रवीण कुमार ने बीएसए दफ्तर पर हंगामा खड़ा कर दिया था। उसकी पत्नी अंजलि चौरसिया ने 3 जनवरी से अवकाश की मांग की थी, जिसे स्वीकृत नहीं किया गया था। हंगामे के बाद बीएसए मनिराम सिंह ने हंगामा करने वाले शिक्षक प्रवीण कुमार को निलंबित कर दिया और खंड शिक्षा अधिकारी जैनेंद्र गुप्ता से प्रभार वापस लेकर कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। पूरे मामले की बीएसए ने जांच शुरू करा दी है।
झंझरी ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल डड़वा कानूनगो में कार्यरत सहायक अध्यापिका अंजलि चौरसिया ने अपने 14 महीने के छोटे बच्चे की बीमारी के देखभाल के लिए अवकाश की मांग की थी। शिक्षिका के पति प्रवीण कुमार कटरा बाजार ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल खैरम लनुआ में कार्यरत हैं, उन्होंने बुधवार की देरशाम को बीएसए दफ्तर पर पहुंच कर हंगामा किया और बीईओ पर आरोप लगाए। मामले की जानकारी होने पर बीएसए ने शिक्षक प्रवीण कुमार को निलंबित कर दिया।
मामले की जांच बीईओ आनंद प्रकाश सिंह को सौंपा है। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी जैनेन्द्र गुप्ता से झंझरी व नगर क्षेत्र का प्रभार भी वापस ले लिया है और उन्हें कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। बताया जा रहा है बीएसए ने पूरे मामले में दोनो तरफ की लापरवाही मानी है। खंड शिक्षा अधिकारी का शिक्षकों से संवाद न होने से आए दिन शिकायतें बढ़ने की बात कही जा रही है, इसके पहले भी राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों ने झंझरी के खंड शिक्षा अधिकारी जैनेन्द्र गुप्ता पर प्राइमरी स्कूल पथवलिया की शिक्षिका अनुपम के सीसीएल की स्वीकृति को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद फिर विवाद होने पर बीएसए ने नाराजगी जताई और ठोस कदम उठाया।
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लिपिक का प्रभार भी छिना, जांच के लिए बनी कमेटी
बेसिक शिक्षा में शिक्षिकाओं के अवकाश के मामलों की बढ़ रही शिकायतों पर बीएसए ने बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने के बीईओ के प्रभार वापस लेने के साथ ही लिपिक जन्मेजय सिंह का प्रभार भी वापस ले लिया है। इसके साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक अलग कमेटी बनाई है जो मामले की गहराई से जांच करेगी। वित्त एवं लेखाधिकारी मंगलेश पालीवाल के साथ परियोजना अधिकारी सर्व शिक्षा अभियान प्रभा वर्मा, जिला समन्वयक राजेश सिंह मामले की छानबीन करेंगे। शिक्षक के निलंबन की जांच खंड शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश सिंह करेंगे।
पहले से ही मेडिकल पर हैं बीईओ
झंझरी के खंड शिक्षा अधिकारी जैनेन्द्र गुप्त पहले ही चिकित्सीय अवकाश पर चले गए थे। उन्होंने सीसीएल की स्वीकृति को लेकर राष्ट्रीय महासंघ के आरोपों से आहत होने की बात कहते हुए मेडिकल लीव ले ली थी। इसके बाद नए विवाद में नाम आने पर बीएसए ने उनसे सभी प्रभार वापस ले लिए।
बीएसए को अग्रसारित ही नहीं हुआ था सीसीएल आवेदन
कार्रवाई के दायरे में आए लिपिक जनमेजय सिंह से पटल तो लिया गया, लेकिन उनकी जिम्मेदारी आवेदन के बीईओ स्तर से अग्रसारित होने के बाद ही होती है। लिपिक की मानें तो आवेदन अग्रसारित होकर आया ही नहीं था, उनकी कोई भूमिका नही है।
सीसीएल अवकाश को नियमों के तहत बीईओ को अग्रसारित करना होता है, ऐसे में शिक्षकों से बीईओ संवाद होना चाहिए। जिससे समय से समस्या का निराकरण हो सके। अवकाश को लेकर विवाद एक गंभीर मामला है, शिक्षक ने भी गलत तरीके हंगामा किया। ऐसे में कार्रवाई की गई है। मामले की जांच कराई जा रही है। -मनिराम सिंह, बीएसए
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झंझरी ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल डड़वा कानूनगो में कार्यरत सहायक अध्यापिका अंजलि चौरसिया ने अपने 14 महीने के छोटे बच्चे की बीमारी के देखभाल के लिए अवकाश की मांग की थी। शिक्षिका के पति प्रवीण कुमार कटरा बाजार ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल खैरम लनुआ में कार्यरत हैं, उन्होंने बुधवार की देरशाम को बीएसए दफ्तर पर पहुंच कर हंगामा किया और बीईओ पर आरोप लगाए। मामले की जानकारी होने पर बीएसए ने शिक्षक प्रवीण कुमार को निलंबित कर दिया।
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मामले की जांच बीईओ आनंद प्रकाश सिंह को सौंपा है। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी जैनेन्द्र गुप्ता से झंझरी व नगर क्षेत्र का प्रभार भी वापस ले लिया है और उन्हें कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। बताया जा रहा है बीएसए ने पूरे मामले में दोनो तरफ की लापरवाही मानी है। खंड शिक्षा अधिकारी का शिक्षकों से संवाद न होने से आए दिन शिकायतें बढ़ने की बात कही जा रही है, इसके पहले भी राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों ने झंझरी के खंड शिक्षा अधिकारी जैनेन्द्र गुप्ता पर प्राइमरी स्कूल पथवलिया की शिक्षिका अनुपम के सीसीएल की स्वीकृति को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद फिर विवाद होने पर बीएसए ने नाराजगी जताई और ठोस कदम उठाया।
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लिपिक का प्रभार भी छिना, जांच के लिए बनी कमेटी
बेसिक शिक्षा में शिक्षिकाओं के अवकाश के मामलों की बढ़ रही शिकायतों पर बीएसए ने बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने के बीईओ के प्रभार वापस लेने के साथ ही लिपिक जन्मेजय सिंह का प्रभार भी वापस ले लिया है। इसके साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक अलग कमेटी बनाई है जो मामले की गहराई से जांच करेगी। वित्त एवं लेखाधिकारी मंगलेश पालीवाल के साथ परियोजना अधिकारी सर्व शिक्षा अभियान प्रभा वर्मा, जिला समन्वयक राजेश सिंह मामले की छानबीन करेंगे। शिक्षक के निलंबन की जांच खंड शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश सिंह करेंगे।
पहले से ही मेडिकल पर हैं बीईओ
झंझरी के खंड शिक्षा अधिकारी जैनेन्द्र गुप्त पहले ही चिकित्सीय अवकाश पर चले गए थे। उन्होंने सीसीएल की स्वीकृति को लेकर राष्ट्रीय महासंघ के आरोपों से आहत होने की बात कहते हुए मेडिकल लीव ले ली थी। इसके बाद नए विवाद में नाम आने पर बीएसए ने उनसे सभी प्रभार वापस ले लिए।
बीएसए को अग्रसारित ही नहीं हुआ था सीसीएल आवेदन
कार्रवाई के दायरे में आए लिपिक जनमेजय सिंह से पटल तो लिया गया, लेकिन उनकी जिम्मेदारी आवेदन के बीईओ स्तर से अग्रसारित होने के बाद ही होती है। लिपिक की मानें तो आवेदन अग्रसारित होकर आया ही नहीं था, उनकी कोई भूमिका नही है।
सीसीएल अवकाश को नियमों के तहत बीईओ को अग्रसारित करना होता है, ऐसे में शिक्षकों से बीईओ संवाद होना चाहिए। जिससे समय से समस्या का निराकरण हो सके। अवकाश को लेकर विवाद एक गंभीर मामला है, शिक्षक ने भी गलत तरीके हंगामा किया। ऐसे में कार्रवाई की गई है। मामले की जांच कराई जा रही है। -मनिराम सिंह, बीएसए