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तबादला आदेश रोकने पर भड़के शिक्षक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 01 Jan 2017 11:05 PM IST
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नए वर्ष के पहले दिन जिला प्रशासन व शिक्षामित्र से समायोजित शिक्षक आमने-सामने आ गए। काउंसलिंग कराने के बाद आदेश रोके जाने से नाराज शिक्षकों ने जिला पंचायत सभागार में हंगामा किया। उन्होंने अफसरों पर मनमानी का आरोप लगाया। हंगामे के कारण काउंसलिंग प्रक्रिया पहले ही दिन अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई।
रविवार को जिला पंचायत सभागार में काउंसलिंग के पहले दिन पारस्परिक स्थानांतरण के लिए आवेदन करने वाले करीब 850 शिक्षकों को बुलाया गया था। इनमें करीब 500 शिक्षक ऐसे थे जो शिक्षामित्र पद से समायोजित होकर सहायक अध्यापक बने हैं।
रविवार को अफसरों ने समायोजित शिक्षकों की काउंसलिंग तो करा ली, लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने का हवाला देकर इन्हें स्थानांतरण आदेश देने से इन्कार कर दिया। अचानक तबादला आदेश रोके जाने से नाराज समायोजित शिक्षकों ने अफसरों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया।
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प्राथमिक शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष प्रद्म शुक्ला का आरोप है कि शासन ने शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किए गए शिक्षकों के स्थानांतरण पर रोक नहीं लगाई है और बेसिक शिक्षा सचिव ने तबादले की अनुमति भी प्रदान की है।
इसके बावजूद अफसर मनमाने तरीके से इन शिक्षकों को पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया से बाहर करना चाहते हैं। नाराज शिक्षक मांग को लेकर डीएम आवास पहुंचे तो डीएम ने कमेटी के अफसरों को भी आवास बुला लिया लेकिन देर शाम तक इस मामले का हल नहीं निकाला जा सका।
पूरे दिन चले इस ड्रामे के कारण काउंसलिंग प्रक्रिया अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई। देर शाम को डीएम केे आश्वासन के बाद काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हो सकी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि सभी शिक्षकों की काउंसलिंग कराई जा रही है। कमेटी का निर्णय आने के बाद आगे की कार्यवाही की जायेगी।
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रविवार को जिला पंचायत सभागार में काउंसलिंग के पहले दिन पारस्परिक स्थानांतरण के लिए आवेदन करने वाले करीब 850 शिक्षकों को बुलाया गया था। इनमें करीब 500 शिक्षक ऐसे थे जो शिक्षामित्र पद से समायोजित होकर सहायक अध्यापक बने हैं।
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रविवार को अफसरों ने समायोजित शिक्षकों की काउंसलिंग तो करा ली, लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने का हवाला देकर इन्हें स्थानांतरण आदेश देने से इन्कार कर दिया। अचानक तबादला आदेश रोके जाने से नाराज समायोजित शिक्षकों ने अफसरों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया।
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प्राथमिक शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष प्रद्म शुक्ला का आरोप है कि शासन ने शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किए गए शिक्षकों के स्थानांतरण पर रोक नहीं लगाई है और बेसिक शिक्षा सचिव ने तबादले की अनुमति भी प्रदान की है।
इसके बावजूद अफसर मनमाने तरीके से इन शिक्षकों को पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया से बाहर करना चाहते हैं। नाराज शिक्षक मांग को लेकर डीएम आवास पहुंचे तो डीएम ने कमेटी के अफसरों को भी आवास बुला लिया लेकिन देर शाम तक इस मामले का हल नहीं निकाला जा सका।
पूरे दिन चले इस ड्रामे के कारण काउंसलिंग प्रक्रिया अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई। देर शाम को डीएम केे आश्वासन के बाद काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हो सकी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि सभी शिक्षकों की काउंसलिंग कराई जा रही है। कमेटी का निर्णय आने के बाद आगे की कार्यवाही की जायेगी।