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289 मदरसों को खंगालने के लिए बनेंगी टीमें, तय होगी कार्रवाई
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गोंडा। जिले में मदरसों के संचालन में अनियमितता के मामले पर मदरसा बोर्ड सख्त है। अब जांच के लिए नए सिरे से कमेटी बनेगी। मदरसों के बारे में पूरी पड़ताल होगी। मान्यता के मानक के अनुसार भवन है या नहीं। वहां के बच्चों का नामांकन और उपस्थिति की भी पड़ताल होनी है। पहले 17 मदरसे कागजों पर चलते मिले थे, इसके बाद हुई जांच में 82 मदरसों में अनियमितता मिला था। जिन्हें अनुदान से बाहर किया गया है। वहां के शिक्षकों को मानदेय का अनुदान दिए जाने पर रोक लगा दी गई है। जांच के बाद मदरसों की मान्यता पर कार्रवाई हो सकती है।
मदरसा आधुनिकीकरण योजना के संचालन के बाद से मदरसों के शैक्षिक स्तर में कितना सुधार आया, इसके लिए शैक्षिक गुणवत्ता का मूल्यांकन कराया जाएगा। जिले के 289 मदरसों को आधुनिकीकरण योजना के तहत मुस्लिम बच्चों को गुणवत्ता व आधुनिक शिक्षा के लिए अनुदान दिया जाता है। अनुदान पारंपरिक शिक्षा के अलावा विज्ञान, गणित, अंग्रेजी, हिंदी व सामाजिक अध्ययन जैसे विषय पढ़ाने के लिए प्रत्येक मदरसे में तीन-तीन शिक्षक नियुक्त किए जाते हैं, और उन्हें मानदेय का भुगतान होता रहा है। स्नातक शिक्षकों को छह हजार व परास्नातक शिक्षकों को 12 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। 82 मदरसों में अनियमितता मिलने के बाद अब हर मदरसे की जांच के लिए कमेटी बनेगी।
विशेषज्ञों को शामिल किया जाना है। जो हर मदरसे की पड़ताल करके रिपोर्ट देंगे। माना जा रहा है कि 50 से अधिक मदरसे और भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। इसमें यू-डायस पर दी गई, सूचनाओं का स्थलीय सत्यापन भी होगा।
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मदरसों की जांच के लिए बोर्ड ने निर्णय लिया है। फिलहाल मदरसों की जांच हो रही है। बोर्ड की तरफ से जांच होने पर रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। पवन सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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मदरसा आधुनिकीकरण योजना के संचालन के बाद से मदरसों के शैक्षिक स्तर में कितना सुधार आया, इसके लिए शैक्षिक गुणवत्ता का मूल्यांकन कराया जाएगा। जिले के 289 मदरसों को आधुनिकीकरण योजना के तहत मुस्लिम बच्चों को गुणवत्ता व आधुनिक शिक्षा के लिए अनुदान दिया जाता है। अनुदान पारंपरिक शिक्षा के अलावा विज्ञान, गणित, अंग्रेजी, हिंदी व सामाजिक अध्ययन जैसे विषय पढ़ाने के लिए प्रत्येक मदरसे में तीन-तीन शिक्षक नियुक्त किए जाते हैं, और उन्हें मानदेय का भुगतान होता रहा है। स्नातक शिक्षकों को छह हजार व परास्नातक शिक्षकों को 12 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। 82 मदरसों में अनियमितता मिलने के बाद अब हर मदरसे की जांच के लिए कमेटी बनेगी।
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विशेषज्ञों को शामिल किया जाना है। जो हर मदरसे की पड़ताल करके रिपोर्ट देंगे। माना जा रहा है कि 50 से अधिक मदरसे और भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। इसमें यू-डायस पर दी गई, सूचनाओं का स्थलीय सत्यापन भी होगा।
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मदरसों की जांच के लिए बोर्ड ने निर्णय लिया है। फिलहाल मदरसों की जांच हो रही है। बोर्ड की तरफ से जांच होने पर रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। पवन सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी