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मान्यता प्राप्त स्कूलों में शिक्षकों की रिपोर्ट बीएसए ने मांगी
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गोंडा। बेसिक शिक्षा के मान्यता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों का डाटा विभाग तैयार करने में जुट गया है। बीएसए राम प्रताप सिंह ने शासन के पत्र पर स्कूलों का ब्यौरा फीड कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है। उन्होंने शुक्रवार तक मान्यता प्राप्त उच्च प्राथमिक विद्यालय व प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों का डाटा गूगल शीट पर फीड करने के निर्देश दिये हैं। माना जा रहा है कि चुनावी वर्ष होने से शासन अनुदान देने के लिए स्कूलों का ब्यौरा मांगा जा रहा है। जिले में कार्रवाई तेजी हो गई है।
अभी तक मान्यता प्राप्त स्कूलों के मान्यता की तो रिपोर्ट विभाग के पास होती थी, लेकिन विभाग को इन स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों व कर्मियों की जानकारी नहीं थी। अब शासन स्तर पर अनुदान के लिए पहुंच रहे मामलों के निस्तारण की कार्रवाई किये जाने की पहल शुरू हुई है।
बता दें कि जिले में पहले से 28 उच्च प्राथमिक स्कूलों को अनुदान मिल रहा है। जिस समय अनुदान देने का फैसला हुआ, उस समय पात्रता में रहते हुए भी 42 के करीब स्कूलों को अनुदान सूची में नहीं लिया गया था। इसके बाद कई स्तर से आदेश हुए लेकिन शासन गंभीर नहीं रहा। यही नहीं अनुदानित स्कूलों में नियुक्तियों को संदिग्ध माना जा रहा था। एसआईटी जांच भी कराई गई। अब चुनाव के नजदीक आने पर निदेशालय स्तर से स्कूलों का ब्यौरा मांगा गया है। वह भी गूगल शीट पर, ऐसे में मान्यता प्राप्त स्कूलों की उम्मीदें भी जग गई हैं।
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अभी तक मान्यता प्राप्त स्कूलों के मान्यता की तो रिपोर्ट विभाग के पास होती थी, लेकिन विभाग को इन स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों व कर्मियों की जानकारी नहीं थी। अब शासन स्तर पर अनुदान के लिए पहुंच रहे मामलों के निस्तारण की कार्रवाई किये जाने की पहल शुरू हुई है।
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बता दें कि जिले में पहले से 28 उच्च प्राथमिक स्कूलों को अनुदान मिल रहा है। जिस समय अनुदान देने का फैसला हुआ, उस समय पात्रता में रहते हुए भी 42 के करीब स्कूलों को अनुदान सूची में नहीं लिया गया था। इसके बाद कई स्तर से आदेश हुए लेकिन शासन गंभीर नहीं रहा। यही नहीं अनुदानित स्कूलों में नियुक्तियों को संदिग्ध माना जा रहा था। एसआईटी जांच भी कराई गई। अब चुनाव के नजदीक आने पर निदेशालय स्तर से स्कूलों का ब्यौरा मांगा गया है। वह भी गूगल शीट पर, ऐसे में मान्यता प्राप्त स्कूलों की उम्मीदें भी जग गई हैं।
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