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Gonda News: एक दिन में 1.01 लाख मानव दिवस रोजगार सृजन का लक्ष्य
Fri, 09 Oct 2026 11:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 09 Oct 2026 11:28 PM IST
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गोंडा। जिले की सभी 1192 ग्राम पंचायतों में 12 अक्तूबर को विशेष रोजगार सृजन दिवस मनाया जाएगा। इसके तहत एक दिन में 1,01,320 मानव दिवस रोजगार सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। श्रमिकों को काम उपलब्ध कराने के लिए पंचायतों में जनोपयोगी कार्य शुरू कराए जाएंगे। रोजगार सृजन की धीमी रफ्तार को देखते हुए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सभी विकासखंडों को लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 प्रदेश में एक जुलाई 2026 से लागू हुआ है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को वित्तीय वर्ष में 125 दिन का अकुशल रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजना का उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराने के साथ गांवों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करना भी है। इसके बावजूद सितंबर तक प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष केवल 36.5 प्रतिशत मानव दिवस का ही सृजन हो सका। ऐसे में जिले में विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार देने की तैयारी है।
चुने जाएंगे जनोपयोगी काम
श्रम-रोजगार उपायुक्त जेपी यादव ने बताया कि योजना के तहत निर्धारित 375 प्रकार के कार्यों में से स्थानीय जरूरतों के अनुसार जनोपयोगी काम चुने जाएंगे। सभी ग्राम पंचायतों में पर्याप्त संख्या में स्वीकृत और तत्काल शुरू किए जा सकने वाले कार्य तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। काम शुरू करने में तकनीकी अड़चन न आए, इसके लिए वर्क आईडी, जियो टैगिंग और एस्टीमेट संबंधी प्रक्रिया पहले ही पूरी करनी होगी। श्रमिकों की मांग के अनुसार समय से ई-मस्टर रोल जारी किए जाएंगे। कार्यस्थलों पर ड्रोन से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराकर कार्यों की प्रगति और श्रमिकों के नियोजन की निगरानी भी की जाएगी।
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चार तहसीलों में नोडल अधिकारी तैनात
विशेष अभियान की निगरानी के लिए सदर तहसील में जिला विकास अधिकारी, करनैलगंज में परियोजना निदेशक, तरबगंज में उपायुक्त स्वतः रोजगार और मनकापुर में उपायुक्त श्रम रोजगार को नोडल अधिकारी बनाया गया है। खंड विकास अधिकारियों और कार्यक्रम अधिकारियों को भी निर्धारित लक्ष्य पूरा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 प्रदेश में एक जुलाई 2026 से लागू हुआ है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को वित्तीय वर्ष में 125 दिन का अकुशल रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजना का उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराने के साथ गांवों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करना भी है। इसके बावजूद सितंबर तक प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष केवल 36.5 प्रतिशत मानव दिवस का ही सृजन हो सका। ऐसे में जिले में विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार देने की तैयारी है।
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चुने जाएंगे जनोपयोगी काम
श्रम-रोजगार उपायुक्त जेपी यादव ने बताया कि योजना के तहत निर्धारित 375 प्रकार के कार्यों में से स्थानीय जरूरतों के अनुसार जनोपयोगी काम चुने जाएंगे। सभी ग्राम पंचायतों में पर्याप्त संख्या में स्वीकृत और तत्काल शुरू किए जा सकने वाले कार्य तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। काम शुरू करने में तकनीकी अड़चन न आए, इसके लिए वर्क आईडी, जियो टैगिंग और एस्टीमेट संबंधी प्रक्रिया पहले ही पूरी करनी होगी। श्रमिकों की मांग के अनुसार समय से ई-मस्टर रोल जारी किए जाएंगे। कार्यस्थलों पर ड्रोन से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराकर कार्यों की प्रगति और श्रमिकों के नियोजन की निगरानी भी की जाएगी।
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चार तहसीलों में नोडल अधिकारी तैनात
विशेष अभियान की निगरानी के लिए सदर तहसील में जिला विकास अधिकारी, करनैलगंज में परियोजना निदेशक, तरबगंज में उपायुक्त स्वतः रोजगार और मनकापुर में उपायुक्त श्रम रोजगार को नोडल अधिकारी बनाया गया है। खंड विकास अधिकारियों और कार्यक्रम अधिकारियों को भी निर्धारित लक्ष्य पूरा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।