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Gonda News: खादी महोत्सव में रही स्वदेशी उत्पादों की धूम
Sat, 10 Jan 2026 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 10 Jan 2026 11:18 PM IST
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शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित खादी महोत्सव में खरीदारी करते लोग। - फाइल
गोंडा। शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित खादी महोत्सव एवं प्रदर्शनी में लोगों ने दिल खोलकर खरीदारी की। 11 दिन करीब 1.98 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। सबसे ज्यादा कपड़ों का कारोबार हुआ है। अचार-मुरब्बा, फर्नीचर व बच्चों के खिलौने भी खूब बिक रहे हैं। कारोबार अच्छा होने से बाहर से आए दुकानदार काफी खुश नजर आए।
खादी महोत्सव का शुक्रवार को समापन हुआ। इसमें बिहार का भागलपुरी सिल्क, हिमाचल की टोपी, शॉल, मफलर के साथ ही ऊनी कपड़ों की जमकर खरीदारी हुई। आधुनिक डिजाइनर रेडीमेड वस्त्र व ऊनी कश्मीरी शाॅल का स्टाॅल लगाया गया। खादी उत्पादों पर 20 से 25 प्रतिशत की छूट लोगों को आकर्षित करती रही। यहां से देर शाम तक लोगों की भीड़ महोत्सव में चार चांद लगा रही थी। कोई अपने परिवार के साथ तो कोई दोस्तों के साथ खरीदारी करने पहुंचा। खादी उत्पादों पर विशेष छूट के कारण लोग आकर्षित होते रहे और जमकर खरीदारी की।
सहारनपुर का फर्नीचर, असम के बांस और बेंत के सोफे, विभिन्न राज्यों से आए आकर्षक कालीन, आयुर्वेदिक दवाएं आदि सामग्री भी मेले में खूब बिकी। उत्तराखंड की देवकी ने बताया कि उनके यहां की 200 रुपये की हिमाचली टोपी खूब बिकी। 80 हजार रुपये का कारोबार हुआ है। भागलपुरी सिल्क साड़ी बेच रहे साहिल ने बताया कि 65 हजार रुपये की बिक्री हुई है।
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परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी देवीपाटन महेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि महोत्सव में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिला। लोगों ने जमकर खरीद की। कुल 1.98 करोड़ रुपये का व्यवसाय हुआ है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों संग कराई प्रतियोगिता
खादी महोत्सव में व्यापार के साथ लोगों का मनोरंजन भी हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ बच्चों की प्रतियोगिताएं कराई गईं। फैशन शो का भी आयोजन किया गया। इसमें जिले की नवोदित प्रतिभाओं ने रैंप वॉक करके सबका ध्यान खींचा। वाद-विवाद, भाषण सहित अन्य प्रतियोगिताओं में कई इंटर कॉलेजों के बच्चों का प्रदर्शन सराहनीय रहा। विभाग की ओर से प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
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खादी महोत्सव का शुक्रवार को समापन हुआ। इसमें बिहार का भागलपुरी सिल्क, हिमाचल की टोपी, शॉल, मफलर के साथ ही ऊनी कपड़ों की जमकर खरीदारी हुई। आधुनिक डिजाइनर रेडीमेड वस्त्र व ऊनी कश्मीरी शाॅल का स्टाॅल लगाया गया। खादी उत्पादों पर 20 से 25 प्रतिशत की छूट लोगों को आकर्षित करती रही। यहां से देर शाम तक लोगों की भीड़ महोत्सव में चार चांद लगा रही थी। कोई अपने परिवार के साथ तो कोई दोस्तों के साथ खरीदारी करने पहुंचा। खादी उत्पादों पर विशेष छूट के कारण लोग आकर्षित होते रहे और जमकर खरीदारी की।
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सहारनपुर का फर्नीचर, असम के बांस और बेंत के सोफे, विभिन्न राज्यों से आए आकर्षक कालीन, आयुर्वेदिक दवाएं आदि सामग्री भी मेले में खूब बिकी। उत्तराखंड की देवकी ने बताया कि उनके यहां की 200 रुपये की हिमाचली टोपी खूब बिकी। 80 हजार रुपये का कारोबार हुआ है। भागलपुरी सिल्क साड़ी बेच रहे साहिल ने बताया कि 65 हजार रुपये की बिक्री हुई है।
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परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी देवीपाटन महेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि महोत्सव में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिला। लोगों ने जमकर खरीद की। कुल 1.98 करोड़ रुपये का व्यवसाय हुआ है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों संग कराई प्रतियोगिता
खादी महोत्सव में व्यापार के साथ लोगों का मनोरंजन भी हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ बच्चों की प्रतियोगिताएं कराई गईं। फैशन शो का भी आयोजन किया गया। इसमें जिले की नवोदित प्रतिभाओं ने रैंप वॉक करके सबका ध्यान खींचा। वाद-विवाद, भाषण सहित अन्य प्रतियोगिताओं में कई इंटर कॉलेजों के बच्चों का प्रदर्शन सराहनीय रहा। विभाग की ओर से प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।