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छात्रों को मिलेगा दूध
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2015 11:30 PM IST
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जिले के परिषदीय स्कूलों में नौनिहालों की सेहत सुधारने की कवायद शुरू कर दी गई है। परिषदीय स्कूलों के एमडीएम में दूध को भी शामिल कर लिया गया है। 2292 परिषदीय स्कूलों में 15 जुलाई से सप्ताह में एक दिन मध्याह्न भोजन के समय हर छात्र को 200 मिलीलीटर दूध दिया जाएगा।
मध्यान्ह भोजन का मीनू बदल दिया गया है। नए मेन्यू के अनुरूप नौनिहालों को भोजन परोसा जाएगा। एमडीएम संचालन में लापरवाही बरतने वाले हेडमास्टर के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बीएसए जय सिंह ने गुरुवार को बताया कि डीएम प्रीति शुक्ला के निर्देश पर जिले के सभी परिषदीय स्कूलों में नए मेन्यू के अनुरूप एमडीएम संचालन कराया जाएगा।
एमडीएम का नया प्रारूप लागू कराने के लिए सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया गया है। एमडीएम समन्वयक फिरोज खान को निर्देश दिया गया है कि जिले के 1588 प्राथमिक और 704 उच्च प्राथमिक स्कूलों के हेडमास्टरों को तत्काल सूचना उपलब्ध करा दें।
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नए प्रारूप के अनुसार 15 जुलाई से प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में एमडीएम के तहत भोजन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सप्ताह के प्रत्येक बुधवार को हर छात्र को 200 मिलीलीटर दूध की भी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। योजना का संचालन शुरू हो जाने से प्राथमिक के दो लाख आठ हजार 785 और जूनियर हाई स्कूल के 54 हजार 957 बच्चों को लाभ मिलेगा।
बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों व हेडमास्टरों को यह भी निर्देश दिया है कि मध्याह्न भोजन में हरी साग-सब्जी, दाल, तेल व मसालों की तरह स्थानीय स्तर पर दूध की खरीद करके रसोइया उबालेंगी। अवकाश होने पर अगले दिन दूध की व्यवस्था हर हाल में कराई जाएगी।
सोमवार व गुरुवार को रोटी का अन्य कोई विकल्प नहीं लागू किया किया जाएगा। रोटी पतली व पकी होनी चाहिए। एमडीएम के संचालन में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों व हेडमास्टरों को आगाह किया है कि 15 जुलाई के बाद मुख्यमंत्री किसी भी समय स्कूलों का स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से औचक निरीक्षण करा सकते हैं।
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मध्यान्ह भोजन का मीनू बदल दिया गया है। नए मेन्यू के अनुरूप नौनिहालों को भोजन परोसा जाएगा। एमडीएम संचालन में लापरवाही बरतने वाले हेडमास्टर के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बीएसए जय सिंह ने गुरुवार को बताया कि डीएम प्रीति शुक्ला के निर्देश पर जिले के सभी परिषदीय स्कूलों में नए मेन्यू के अनुरूप एमडीएम संचालन कराया जाएगा।
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एमडीएम का नया प्रारूप लागू कराने के लिए सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया गया है। एमडीएम समन्वयक फिरोज खान को निर्देश दिया गया है कि जिले के 1588 प्राथमिक और 704 उच्च प्राथमिक स्कूलों के हेडमास्टरों को तत्काल सूचना उपलब्ध करा दें।
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नए प्रारूप के अनुसार 15 जुलाई से प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में एमडीएम के तहत भोजन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सप्ताह के प्रत्येक बुधवार को हर छात्र को 200 मिलीलीटर दूध की भी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। योजना का संचालन शुरू हो जाने से प्राथमिक के दो लाख आठ हजार 785 और जूनियर हाई स्कूल के 54 हजार 957 बच्चों को लाभ मिलेगा।
बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों व हेडमास्टरों को यह भी निर्देश दिया है कि मध्याह्न भोजन में हरी साग-सब्जी, दाल, तेल व मसालों की तरह स्थानीय स्तर पर दूध की खरीद करके रसोइया उबालेंगी। अवकाश होने पर अगले दिन दूध की व्यवस्था हर हाल में कराई जाएगी।
सोमवार व गुरुवार को रोटी का अन्य कोई विकल्प नहीं लागू किया किया जाएगा। रोटी पतली व पकी होनी चाहिए। एमडीएम के संचालन में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों व हेडमास्टरों को आगाह किया है कि 15 जुलाई के बाद मुख्यमंत्री किसी भी समय स्कूलों का स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से औचक निरीक्षण करा सकते हैं।