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Gonda News: उम्मीद से कम आए नंबर तो छात्रा ने दे दी जान
Fri, 24 Apr 2026 11:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 24 Apr 2026 11:25 PM IST
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रूपा गुप्ता। फाइल फोटो
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गोंडा। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में उम्मीद से कम नंबर मिलने पर बृहस्पतिवार को एक छात्रा ने जहर खा लिया। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
देहात कोतवाली क्षेत्र के भीटी भदवल गांव निवासी राजा गुप्ता ने बताया कि उनकी बहन रूपा गुप्ता (21) कुंज बिहारी स्मारक इंटर कॉलेज सुभागपुर में हाईस्कूल की छात्रा थी। उसने परीक्षा में 80 प्रतिशत अंक लाने का लक्ष्य लेकर तैयारी की थी। बृहस्पतिवार को जब परीक्षा परिणाम आया तो 80 के बजाय उसे 77 प्रतिशत अंक ही मिले। इससे आहत होकर रूपा ने चूहे मारने की दवा खा ली। हालत बिगड़ने पर परिजन आनन-फानन रूपा को लेकर मेडिकल कॉलेज गए। जहां इलाज के दौरान रूपा की मौत हो गई।
भाई ने बताया कि रूपा को हाईस्कूल में 600 में से 464 नंबर मिले हैं। तैयारी के हिसाब से नंबर नहीं मिलने से वह आहत थी। मगर यह नहीं पता था कि वह जान दे देगी। भाई ने बताया कि रूपा जब डेढ़ साल की थी, तभी उनके पिता राधेश्याम गुप्ता की मौत हो गई थी।
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घर में चल रही थी परिजन के गौने की थी तैयारी
रूपा के परिजन राजा का शनिवार को गौना है। इसकी तैयारी चल रही थी। ऐसे में रूपा की मौत से परिवार में मातम पसर गया। परिवार में कोहराम मचा है।
रिजल्ट का ने लें तनाव
एलबीएस काॅलेज के मनोविज्ञान विभाग की प्रवक्ता डॉ. ममता शुक्ला ने कहा कि अभिभावकों को बच्चों को यह समझाना चाहिए कि परीक्षा परिणाम अंतिम सत्य नहीं होता। कम अंक या असफलता भी सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है। बच्चों के साथ बैठकर उनके भविष्य की योजनाएं बनानी चाहिए, जिससे उनमें सकारात्मक सोच विकसित हो। तनाव से दूर रखने के लिए उन्हें खेल, संगीत, किताबें या अन्य रचनात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखना चाहिए। योग और मेडिटेशन भी मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक है।
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देहात कोतवाली क्षेत्र के भीटी भदवल गांव निवासी राजा गुप्ता ने बताया कि उनकी बहन रूपा गुप्ता (21) कुंज बिहारी स्मारक इंटर कॉलेज सुभागपुर में हाईस्कूल की छात्रा थी। उसने परीक्षा में 80 प्रतिशत अंक लाने का लक्ष्य लेकर तैयारी की थी। बृहस्पतिवार को जब परीक्षा परिणाम आया तो 80 के बजाय उसे 77 प्रतिशत अंक ही मिले। इससे आहत होकर रूपा ने चूहे मारने की दवा खा ली। हालत बिगड़ने पर परिजन आनन-फानन रूपा को लेकर मेडिकल कॉलेज गए। जहां इलाज के दौरान रूपा की मौत हो गई।
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भाई ने बताया कि रूपा को हाईस्कूल में 600 में से 464 नंबर मिले हैं। तैयारी के हिसाब से नंबर नहीं मिलने से वह आहत थी। मगर यह नहीं पता था कि वह जान दे देगी। भाई ने बताया कि रूपा जब डेढ़ साल की थी, तभी उनके पिता राधेश्याम गुप्ता की मौत हो गई थी।
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घर में चल रही थी परिजन के गौने की थी तैयारी
रूपा के परिजन राजा का शनिवार को गौना है। इसकी तैयारी चल रही थी। ऐसे में रूपा की मौत से परिवार में मातम पसर गया। परिवार में कोहराम मचा है।
रिजल्ट का ने लें तनाव
एलबीएस काॅलेज के मनोविज्ञान विभाग की प्रवक्ता डॉ. ममता शुक्ला ने कहा कि अभिभावकों को बच्चों को यह समझाना चाहिए कि परीक्षा परिणाम अंतिम सत्य नहीं होता। कम अंक या असफलता भी सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है। बच्चों के साथ बैठकर उनके भविष्य की योजनाएं बनानी चाहिए, जिससे उनमें सकारात्मक सोच विकसित हो। तनाव से दूर रखने के लिए उन्हें खेल, संगीत, किताबें या अन्य रचनात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखना चाहिए। योग और मेडिटेशन भी मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक है।