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602 बूथों पर सख्ती, 1500 बूथों की होगी बेवकास्टिंग
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गोंडा के जिला पंचायत सभागार में चुनाव तैयारियों की जानकारी देते डीएम।
- फोटो : GONDA
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गोंडा। कोविड की तीसरी लहर से बचाव के साथ ही विधानसभा चुनाव के मोर्चे पर सफलता के लिए प्रशासन ने खाका खींच लिया। कार्मिकों के साथ ही आम लोगों के टीकाकरण पर जोर देने के अलावा कार्मियों को बूस्टर डोज देने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
इसके साथ ही विस चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से कराने के लिए पूरे जिले में अधिकारियों की टीमों का पहरा बैठाया गया है। जिले के 602 बूथों को अतिसंवेदनशील की श्रेणी में शामिल किया है और 1500 बूथों की वेबकास्टिंग की तैयारी हो रही है।
जिला निर्वाचन अधिकारी मार्कंडेय शाही ने जिला पंचायत सभागार में पत्रकारों के बीच तैयारियों का पूरा मसौदा पेश किया। उन्होंने अपील की कि राजनीतिक दल बूथों पर एजेंट बनवाने के लिए अभी से तैयारी कर लें और उनको वैक्सीन की दोनो डोज भी लगवा दें।
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चुनाव की घोषणा के साथ ही जिले में चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। 16700 कर्मचारी चुनावी मोर्चा संभालेंगे। जिन्हें सूचीबद्ध किया गया है, उन्हें बूस्टर डोज दिलाया जा रहा है। वहीं 11 सदस्यीय मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मानीटरिंग टीम बनाई गयी है। हर विस क्षेत्र में निगरानी टीमों का गठना हुआ है। 210 अधिकारियों की टीम सक्रिय कर दी गयी है जो हर स्थिति की निगरानी करेगी।
197 सेक्टर मजिस्ट्रेटों और जोनल मजिस्ट्रेटों की निगरानी में जिलों को कर दिया गया है। क्षेत्र की गतिविधियों पर सीधी नजर रहेगी। प्रशासन की टीमें जिले के उन 62 गांवों पर नजर रखेंगी जो काफी संवेदनशील हैं।
मिश्रित आबादी वाले गांवों के साथ ही इन गांवों में दबंग अधिक हैं। आम मतदाताओं को भयमुक्त बनाने के लिए इन गांवों की निगरानी होगी। 281 ऐसे लोग चिह्नित किये गये हैं जो मतदान के समय माहौल बिगाड़ सकते हैं और 192 लोग ऐसे हैं जो मतदाताओं को डरा या धमका सकते हैं। डीएम मार्कंडेय शाही ने कहा कि चुनाव में अशांति फैलाने वालों पर सीधी नजर रहेगी।
चुनाव को देखते हुए प्रशासन ने अभी से ही कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएम ने बताया कि 82 ऐसे लोगों के शस्त्र लाइसेंस रद्द कर दिये गये हैं जिन पर चुनाव के दौरान गड़बड़ी करने की आशंका थी।
इसके साथ ही 212 लोगों को जिला बदर कर दिया गया है, चुनाव तक ये लोग जिले की सीमा में घुस नहीं सकेंगे। इसके साथ ही चुनाव के समय खलल डालने वाले 192 ऐसे लोग हैं जिनको नजरबंद रखने की तैयारी की गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव में किसी तरह का खलल डालने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।
राजनीतिक दलों से विस चुनाव में सहयोग की अपील करते हुए डीएम ने आयोग के निर्देशों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के लोग वैक्सीनेशन करा लें और चुनाव प्रचार में नियमों का ध्यान रखें। पांच व्यक्ति से अधिक लोग एक साथ गांवों में प्रचार नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा 15 जनवरी तक किसी तरह का प्रचार नहीं कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि कोविड नियमों का पालन सख्ती से कराया जाएगा।
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इसके साथ ही विस चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से कराने के लिए पूरे जिले में अधिकारियों की टीमों का पहरा बैठाया गया है। जिले के 602 बूथों को अतिसंवेदनशील की श्रेणी में शामिल किया है और 1500 बूथों की वेबकास्टिंग की तैयारी हो रही है।
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जिला निर्वाचन अधिकारी मार्कंडेय शाही ने जिला पंचायत सभागार में पत्रकारों के बीच तैयारियों का पूरा मसौदा पेश किया। उन्होंने अपील की कि राजनीतिक दल बूथों पर एजेंट बनवाने के लिए अभी से तैयारी कर लें और उनको वैक्सीन की दोनो डोज भी लगवा दें।
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चुनाव की घोषणा के साथ ही जिले में चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। 16700 कर्मचारी चुनावी मोर्चा संभालेंगे। जिन्हें सूचीबद्ध किया गया है, उन्हें बूस्टर डोज दिलाया जा रहा है। वहीं 11 सदस्यीय मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मानीटरिंग टीम बनाई गयी है। हर विस क्षेत्र में निगरानी टीमों का गठना हुआ है। 210 अधिकारियों की टीम सक्रिय कर दी गयी है जो हर स्थिति की निगरानी करेगी।
197 सेक्टर मजिस्ट्रेटों और जोनल मजिस्ट्रेटों की निगरानी में जिलों को कर दिया गया है। क्षेत्र की गतिविधियों पर सीधी नजर रहेगी। प्रशासन की टीमें जिले के उन 62 गांवों पर नजर रखेंगी जो काफी संवेदनशील हैं।
मिश्रित आबादी वाले गांवों के साथ ही इन गांवों में दबंग अधिक हैं। आम मतदाताओं को भयमुक्त बनाने के लिए इन गांवों की निगरानी होगी। 281 ऐसे लोग चिह्नित किये गये हैं जो मतदान के समय माहौल बिगाड़ सकते हैं और 192 लोग ऐसे हैं जो मतदाताओं को डरा या धमका सकते हैं। डीएम मार्कंडेय शाही ने कहा कि चुनाव में अशांति फैलाने वालों पर सीधी नजर रहेगी।
चुनाव को देखते हुए प्रशासन ने अभी से ही कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएम ने बताया कि 82 ऐसे लोगों के शस्त्र लाइसेंस रद्द कर दिये गये हैं जिन पर चुनाव के दौरान गड़बड़ी करने की आशंका थी।
इसके साथ ही 212 लोगों को जिला बदर कर दिया गया है, चुनाव तक ये लोग जिले की सीमा में घुस नहीं सकेंगे। इसके साथ ही चुनाव के समय खलल डालने वाले 192 ऐसे लोग हैं जिनको नजरबंद रखने की तैयारी की गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव में किसी तरह का खलल डालने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।
राजनीतिक दलों से विस चुनाव में सहयोग की अपील करते हुए डीएम ने आयोग के निर्देशों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के लोग वैक्सीनेशन करा लें और चुनाव प्रचार में नियमों का ध्यान रखें। पांच व्यक्ति से अधिक लोग एक साथ गांवों में प्रचार नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा 15 जनवरी तक किसी तरह का प्रचार नहीं कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि कोविड नियमों का पालन सख्ती से कराया जाएगा।