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Gonda News: यूरिया के साथ टैगिंग पर सख्ती, जबरन बिक्री पर दर्ज होगी एफआईआर
Sun, 18 Jan 2026 11:17 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 18 Jan 2026 11:17 PM IST
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गोंडा। किसानों के हित में शासन ने बड़ा फैसला लिया है। अब यूरिया या डीएपी के साथ किसी भी प्रकार के गैर अनुदानित उत्पाद की जबरन बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। यदि कोई उर्वरक विक्रेता टैगिंग करता पाया गया, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने जिले के 1,204 उर्वरक दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसानों को केवल वही उत्पाद बेचें, जिसकी उन्हें आवश्यकता है। यूरिया के साथ नैनो यूरिया, जिंक, सल्फर, कीटनाशक या अन्य महंगे उत्पाद लेने का दबाव डालना गैरकानूनी माना जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले डीलरों पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है। दोषी पाए जाने पर दुकान का लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि अब कोई डीलर या दुकानदार ये बहाना भी नहीं कर सकेगा कि उसे कंपनी से ही टैग मिलता है। सरकार ने उर्वरक कंपनियों को टैग बेचना प्रतिबंधित कर दिया है। किसानों से अपील की गई है कि यदि किसी दुकानदार की ओर से यूरिया के साथ अन्य सामान लेने के लिए दबाव बनाया जाता है, तो किसान जिला कृषि अधिकारी कार्यालय या कृषि भवन में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। यह फैसला किसानों को आर्थिक शोषण से बचाने के साथ-साथ उर्वरक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने जिले के 1,204 उर्वरक दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसानों को केवल वही उत्पाद बेचें, जिसकी उन्हें आवश्यकता है। यूरिया के साथ नैनो यूरिया, जिंक, सल्फर, कीटनाशक या अन्य महंगे उत्पाद लेने का दबाव डालना गैरकानूनी माना जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले डीलरों पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है। दोषी पाए जाने पर दुकान का लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाएगा।
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जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि अब कोई डीलर या दुकानदार ये बहाना भी नहीं कर सकेगा कि उसे कंपनी से ही टैग मिलता है। सरकार ने उर्वरक कंपनियों को टैग बेचना प्रतिबंधित कर दिया है। किसानों से अपील की गई है कि यदि किसी दुकानदार की ओर से यूरिया के साथ अन्य सामान लेने के लिए दबाव बनाया जाता है, तो किसान जिला कृषि अधिकारी कार्यालय या कृषि भवन में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। यह फैसला किसानों को आर्थिक शोषण से बचाने के साथ-साथ उर्वरक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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